क्या आप जानते हैं कि इस्लाम में एक ऐसा गुनाह है जिसे अल्लाह ने इतना सख्त करार दिया है कि उसकी तुलना अपने ही भाई का गोश्त खाने से की गई है? यह गुनाह हमारे समाज में आम हो चुका है और लोग इसकी गंभीरता को नहीं समझते। आइए जानते हैं क़ुरान इस बारे में क्या कहता है।
सवाल: वह कौन सा गुनाह है जिसकी मिसाल अपने भाई का गोश्त खाने के बराबर है?
- A. ग़ीबत
- B. ज़िना
- C. सूद खोरी
- D. सही जवाब का इंतज़ार
सही जवाब है: ऑप्शन A , ग़ीबत
तफ़सील (विवरण):
सही जवाब की दलील सीधे तौर पर कुरआन में मौजूद है, जहाँ अल्लाह ने मोमिनों को इस गुनाह से दूर रहने की सख़्त हिदायत दी है।
क़ुरान: अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ने इस गुनाह की ख़बाहत (बुराई) के बारे में मोमिनों को आगाह करते हुए फ़रमाया, जिसका मफ़हूम है कि — “एक-दूसरे की ग़ीबत (चुगली) ना करना, क्या तुम पसंद करोगे अपने भाई का गोश्त खाना… इससे तो तुम्हें नफ़रत होगी।”



