वीरान घर की मिसाल इन में से क्या है?
कभी आपने सोचा है कि खाली और सुनसान घर कैसा लगता है? ठीक उसी तरह इंसान का दिल भी तब वीरान हो जाता है जब […]
वीरान घर की मिसाल इन में से क्या है? जवाब देखे »
कभी आपने सोचा है कि खाली और सुनसान घर कैसा लगता है? ठीक उसी तरह इंसान का दिल भी तब वीरान हो जाता है जब […]
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इंसान की पहचान उसके किरदार और ज़ुबान से होती है। एक मीठी ज़ुबान इंसान के लिए मोहब्बत और रहमत का कारण बनती है, जबकि बदज़ुबानी
इन में से कौन-सा अमल ज़ुल्म है? जवाब देखे »
ज़कात इस्लाम का एक अहम स्तंभ है जो समाज में बराबरी और रहमत का कारण बनता है। लेकिन जो लोग ज़कात अदा नहीं करते, उनके
क़यामत के दिन गंजे साँप का तौक़ किस शख़्स को पहनाया जाएगा? जवाब देखे »
नमाज़ में जमात का बहुत बड़ा दर्जा है और इसमें पहली सफ़ (लाइन) में खड़े होने वालों के लिए अल्लाह और उसके रसूल ﷺ ने खास फज़ीलत
वो कौन से लोग हैं जिनके लिए रसूलअल्लाह ﷺ तीन मरतबा बख्शिश की दुआ करते थे? जवाब देखे »
हर साल रमज़ान में यह सवाल ज़रूर उठता है कि सहाबा ने रसूल-अल्लाह ﷺ के साथ कितनी रात तरावीह अदा की थी। आइए इस मुकम्मल
सहाबा ने रमज़ान में रसूल-अल्लाह ﷺ के साथ तरावीह कितनी रात पढ़ी? जवाब देखे »
क्या कभी आपने नमाज़ में ध्यान भटकते हुए या क़ुरआन की आयतें भूलते हुए महसूस किया है?ये भूलना सिर्फ़ लापरवाही नहीं — बल्कि एक ख़ास शैतान
नमाज़ में क़ुरआन भुला देने वाले शैतान का नाम क्या है? जवाब देखे »
किसी को माफ़ करना कभी आसान नहीं होता, लेकिन इस्लाम सिखाता है कि माफी देने वाला इंसान अल्लाह के यहाँ बहुत बुलंद दर्जा पाता है।
वह क्या है जो किसी को माफ़ करने पर बढ़ा दिया जाता है? जवाब देखे »
नमाज़ सिर्फ़ सज्दा और रुकू का नाम नहीं, बल्कि एकता, अनुशासन और दिलों को जोड़ने का तरीका है। लेकिन नमाज़ की सफ़ में छोड़ी गई
कभी-कभी छोटी-सी बातें हमारे ईमान और पहचान को ज़ाहिर करती हैं। इस्लाम में साफ-सफाई और सुन्नत पर अमल करना बहुत अहम है। ऐसी ही एक
रसूलअल्लाह ﷺ ने फरमाया: “वो हम में से नहीं जो क्या नहीं करता” जवाब देखे »
इस्लाम हमें नर्म दिल, रहमदिल और जिक्र-ए-इलाही में मग्न रहने की तालीम देता है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनका दिल इतना सख्त
कौन-से शख्स के लिए इरशाद फरमाया गया है कि वो अल्लाह सुब्हानहु से बहुत दूर है? जवाब देखे »
रमज़ान की मुक़द्दस रातों में से एक रात है शब-ए-क़द्र, जिसे कुरआन में “हज़ार महीनों से बेहतर” बताया गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि
अल्लाह ने रसूलअल्लाह (ﷺ) से शब-ए-क़द्र के मालूम होने का इल्म किस वजह से उठा लिया? जवाब देखे »