वो कौन सा ज़िक्र है जिसको 100 बार पढ़ने से 1000 नेकियाँ लिख दी जाती हैं और 1000 गुनाह मिटा दिए जाते हैं?
अल्लाह का ज़िक्र इंसान की ज़िंदगी को रोशन कर देता है। हर ज़िक्र का अपना सवाब और असर है, लेकिन कुछ अज़कार ऐसे हैं जिनके […]
क़ुरान की आयतों और हदीस से संबंधित सभी सवालों के लिए।
अल्लाह का ज़िक्र इंसान की ज़िंदगी को रोशन कर देता है। हर ज़िक्र का अपना सवाब और असर है, लेकिन कुछ अज़कार ऐसे हैं जिनके […]
क़यामत के दिन से पहले अल्लाह तआला कुछ बड़ी निशानियाँ ज़ाहिर करेगा, जो इंसानियत के लिए आख़िरी चेतावनी होंगी। हदीसों में इन निशानियों का ज़िक्र
क़यामत की सबसे पहली और बड़ी निशानी क्या है? जवाब देखे »
जन्नत अल्लाह की रहमत का सबसे बड़ा इनाम है। हदीसों में यह बयान किया गया है कि जन्नत में जाने वालों की सफ़ें (कतारें) कितनी
ज़ुल्म (गुनाह) इंसान के लिए दुनिया और आख़िरत दोनों में नुकसानदेह है। लेकिन क़ुरान मजीद ने एक ऐसे गुनाह को बताया है जो सबसे बड़ा
क़ुरान-ए-मजीद के मुताबिक़ सबसे बड़ा ज़ुल्म क्या है? जवाब देखे »
दुआ अल्लाह के साथ बंदे का सीधा रिश्ता है। लेकिन सवाल यह है कि सबसे अफ़ज़ल दुआ कौन-सी है? आइए, हदीस की रोशनी में इसका जवाब जानते
आहादीस के मुताबिक़ सबसे अफ़ज़ल दुआ कौन-सी है? जवाब देखे »
हम रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में “इनशा-अल्लाह” बोलते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे भूल से न कहने के कारण रसूल ﷺ पर एक अरसे
किस अल्फ़ाज़ के भूल से “ना” कहने के कारण रसूल ﷺ पर एक अरसे तक वही का सिलसिला बंद रहा? जवाब देखे »
क्या आप जानते हैं कि इस्लाम का धर्म कब पूरी तरह मुकम्मल हुआ? यह जानना हर मुसलमान के लिए जरूरी है ताकि हम अपने आस्था और
दिन – ऐ – इस्लाम कब मुकम्मिल हुआ? जवाब देखे »
शादी का फैसला जीवन का सबसे महत्वपूर्ण कदम होता है।क्या आप जानते हैं कि निकााह में सबसे जरूरी आधार क्या होना चाहिए? सवाल: औरतों से निकाह
औरतों से निकाह किस चीज़ की बुनियाद पर करना सुन्नत है? जवाब देखे »
इस्लाम में क़सम बहुत अहमियत रखती है। लेकिन क़सम सिर्फ़ और सिर्फ़ अल्लाह तआला के नाम की खाई जानी चाहिए। अल्लाह के अलावा किसी और की क़सम
अल्लाह के अलावा किसी और की क़सम खाना कौन-सा गुनाह है? जवाब देखे »
गाली-गलौच इस्लाम की नज़र में बहुत ही नापसंद चीज़ है। यह इंसान के ईमान और अख़लाक़ को कमज़ोर कर देती है और समाज में नफरत
इनमें से किसकी फ़ितरत है गाली-गलौच करना? जवाब देखे »
अल्लाह ने अपनी शरीयत क़ुराने मजीद को नबी ऐ करीम (ﷺ) पर धीरे-धीरे नाज़िल किया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि क़ुरान की सबसे पहली
क़ुरान की सबसे पहली नाज़िल होने वाली वही (Revelation) क्या थी? जवाब देखे »
क्या आप जानते हैं कि अल्लाह ने अपने किस नबी को ऐसा मकाम अता किया था कि पहाड़ और परिंदे भी उनके साथ मिलकर अल्लाह
पहाड़ कौन से नबी के साथ मिलकर अल्लाह की तस्बीह किया करते थे? जवाब देखे »
अल्लाह ने अपने प्यारे नबी, मुहम्मद (ﷺ) को इस दुनिया में एक ख़ास मक़सद के लिए भेजा था। वह सिर्फ़ एक क़ौम या एक इलाक़े
रसूलअल्लाह (ﷺ) को अल्लाह ने किनके लिए रहमत बनाकर भेजा? जवाब देखे »
इस्लाम हमें हर हाल में अल्लाह को याद करने की तालीम देता है, चाहे वह खुशी का वक़्त हो या ग़म का। जब भी किसी
‘इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन’ मोमिन यह दुआ कब पढ़ता है? जवाब देखे »
क्या आप जानते हैं कि मक्का के मुशरिक, यानी अल्लाह के साथ शिर्क करने वाले लोग, अल्लाह के पैग़ाम को किस बहाने से ठुकरा देते
मक्के के मुशरिक अल्लाह की हिदायत को किस बहाने से इंकार कर देते थे? जवाब देखे »
आयतुल कुर्सी क़ुरान की एक बहुत ही ख़ास आयत है, जिसे अल्लाह के सबसे अज़ीम नामों और सिफ़ात (विशेषताओं) का ज़िक्र करने की वजह से
आयतुल कुर्सी कौनसी सूरह का हिस्सा है? जवाब देखे »
ईद-उल-अज़हा की सबसे अहम इबादतों में से एक है क़ुरबानी। अक्सर लोग यह सवाल करते हैं कि आखिर क़ुरबानी कितने दिन तक की जा सकती
क़ुरबानी कितने दिन तक कर सकते हैं? जवाब देखे »
क़ुरान की हर सूरह की अपनी एक ख़ास अहमियत है, लेकिन एक ऐसी सूरह है जिसकी फ़ज़ीलत इतनी बड़ी है कि उसे एक बार पढ़ना
वह कौनसी सूरह है जिसकी तिलावत 1/3 कुरान पढ़ने के बराबर है? जवाब देखे »
क़ुरबानी इस्लाम में सबसे महत्वपूर्ण इबादतों में से एक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि क़ुरबानी किसके लिए करनी चाहिए? सवाल: क़ुरबानी किसके लिए करने
क़ुरबानी किसके लिए करने का हुक्म आया है? जवाब देखे »
क़ुरान का नाज़िल होना इस्लाम में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक वाक़या है। यह सिलसिला 23 साल तक चला। लेकिन क्या आप जानते हैं कि
रसूलअल्लाह ﷺ पर सबसे पहले नाज़िल होने वाली आयतें किस सूरह की थीं? जवाब देखे »
ईद-उल-अज़हा के दिनों में मुसलमानों के दिल में अक्सर यह सवाल आता है कि क़ुरबानी किस वक़्त से शुरू की जा सकती है और कब तक
क़ुरबानी का वक़्त कब से शुरू होता है? जवाब देखे »
ईद-उल-अज़हा पर हर मुसलमान यह सवाल ज़रूर सोचता है कि क्या एक जानवर पूरी फैमिली की तरफ़ से क़ुरबान किया जा सकता है? या फिर हर शख़्स
एक जानवर कितने लोगों की तरफ़ से क़ुरबान किया जा सकता है? जवाब देखे »
ईद-उल-अज़हा की क़ुरबानी सिर्फ़ एक इबादत नहीं बल्कि इंसानियत और तक़वा का पैग़ाम भी है। सवाल ये उठता है कि क़ुरबानी का गोश्त हमें क्या
क़ुरबानी का गोश्त क्या करें? जवाब देखे »
क़ुरबानी एक अहम इबादत है जो तक़वा, ईमान और अल्लाह की बंदगी की निशानी है। बहुत से लोग यह सवाल करते हैं कि क्या क़ुरबानी
क़ुरबानी का अमल किस उम्मत के लिए अल्लाह ने अता किया? जवाब देखे »
हज और ईद-उल-अज़हा के दिनों में हर दिन की अपनी खास अहमियत होती है। 10 ज़िल-हिज्जा का दिन, जिसे यौम-ए-नहर कहा जाता है, सबसे अहम
यौम-ए-नहर कौन से दिन को कहते हैं? जवाब देखे »
रमज़ान का महीना अपनी बरकतों और रहमतों के लिए जाना जाता है, लेकिन इस पाक महीने में एक ऐसी रात है जिसकी अहमियत हजारों महीनों
रमज़ान के महीने की वह बरकत वाली रात कौन-सी है जब कुरआन नाज़िल हुआ? जवाब देखे »
क़ुरान, जो अल्लाह का पाक कलाम है, वह आप (ﷺ) पर अल्लाह के एक ख़ास फ़रिश्ते के ज़रिए नाज़िल हुआ। यह वही के नाज़िल होने
कुरआन की आयते, रसूलअल्लाह ﷺ तक कौन से फ़रिश्ते लेकर आते थे? जवाब देखे »
दुनिया की शुरुआत से ही इंसान ने अच्छाई और बुराई के रास्ते देखे हैं। अल्लाह ने इंसान को नेमतें दीं, मगर कुछ दिलों में जलन
किस बुराई की बुनियाद पर आदम (अलैहिस्सलाम) के एक बेटे ने दूसरे बेटे का क़त्ल किया? जवाब देखे »
ज़िक्र-ए-इलाही इंसान के दिल को सुकून देता है और उसकी ज़िंदगी में बरकत लाता है। लेकिन अगर कोई इंसान अल्लाह का ज़िक्र ही नहीं करता
अल्लाह का ज़िक्र न करने वाले की मिसाल इन में से क्या है? जवाब देखे »
इस्लाम में औरतों और मर्दों के लिए कुछ चीज़ों के अलग-अलग हुक्म दिए गए हैं। खासतौर पर ज़ेवर और लिबास से जुड़ी बातों में शरीअत
इन में से कौन सी चीज़ औरतों के लिए तो हलाल है मगर मर्दों के लिए हराम? जवाब देखे »