इस्लामी इतिहास

पैगंबरों की कहानियों और इस्लाम के इतिहास से संबंधित सवालों के लिए।

पहाड़ कौन से नबी के साथ मिलकर अल्लाह की तस्बीह किया करते थे?

अल्लाह तआला की ताक़त और क़ुदरत का कोई मुकाबला नहीं।वह अपने चुनिंदा नबियों को ऐसी निशानियाँ देता है जिनसे उसकी महानता ज़ाहिर होती है।क्या आप […]

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उस ख़ुशनसीब सहाबी का क्या नाम है जिनके लिए रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया था: “तुम पर मेरे माँ-बाप क़ुर्बान हों”?

इस्लामी इतिहास में कुछ सहाबा-ए-किराम ऐसे हैं जिनकी बहादुरी और ईमानदारी की मिसालें आज तक दी जाती हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि एक

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अबू जहल कौन-से ग़ज़वे में क़त्ल हुआ?

इस्लाम के शुरुआती दौर में अबू जहल इस्लाम का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता था।उसकी जिद, घमंड और नफ़रत ने उसे उस मुक़ाम तक पहुँचा दिया

अबू जहल कौन-से ग़ज़वे में क़त्ल हुआ? जवाब देखे »

जंग-ए-बद्र में किसने कहा: “आज कोई तुम पर ग़ालिब नहीं होगा, मैं तुम्हारा हिमायती हूँ”?

इस्लामी इतिहास की सबसे अहम जंग — ग़ज़वा-ए-बद्र — में एक ऐसा वाक़या भी हुआ जो हक़ और बातिल के फ़र्क़ को हमेशा के लिए बयान कर गया।इस जंग

जंग-ए-बद्र में किसने कहा: “आज कोई तुम पर ग़ालिब नहीं होगा, मैं तुम्हारा हिमायती हूँ”? जवाब देखे »

असहाब-उल-हिज्र कौन थे?

क़ुरआन में कई क़ौमों का ज़िक्र आता है जो अपनी नाफ़रमानी की वजह से हलाक कर दी गईं।ऐसी ही एक क़ौम थी — असहाब-उल-हिज्र जिन्होंने पहाड़ों

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वो कौनसे सहाबी थे जो ग़ज़वा-ए-बद्र में शामिल नहीं हुए फिर भी उन्हें सवाब मिला?

इस्लामी इतिहास में ग़ज़वा-ए-बद्र एक ऐसा मुक़द्दस मौक़ा है, जहाँ मुसलमानों ने अल्लाह की मदद से एक बड़ी जीत हासिल की। लेकिन क्या आप जानते हैं कि

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वो कौनसे नबी हैं जिन्होंने ज़ालिम बादशाह से कहा: “मेरा रब वो है जो ज़िंदा करता है और मारता है”?

सवाल: वो कौनसे नबी हैं जिन्होंने ज़ालिम बादशाह से कहा: “मेरा रब वो है जो ज़िंदा करता है और मारता है”?

वो कौनसे नबी हैं जिन्होंने ज़ालिम बादशाह से कहा: “मेरा रब वो है जो ज़िंदा करता है और मारता है”? जवाब देखे »

कौन-सी उम्मत 70 उम्मतों को मुकम्मल करने वाली है?

इस्लाम की उम्मत को अल्लाह ने बेइंतहा फ़ज़ीलतें दी हैं। कई हदीसों में बताया गया है कि उम्मते-मुहम्मद ﷺ का दर्जा पिछली तमाम उम्मतों से

कौन-सी उम्मत 70 उम्मतों को मुकम्मल करने वाली है? जवाब देखे »

वो कौनसे नबी की क़ौम के लोग थे जिनको अल्लाह सुब्हानहु ने अज़ाब नाज़िल करके मौत दे दी और फिर से इनको ज़िंदा कर दिया?

क्या आपने कभी सोचा है कि मौत के बाद ज़िंदगी का मज़ाक उड़ाने वालों को अल्लाह ने कैसे जवाब दिया? क़ुरान में एक ऐसा वाक़या

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मेराज की रात रसूलअल्लाह (ﷺ) की मुलाकात हारून (अलैहिस्सलाम) से कौनसे आसमान पर हुई?

मेराज का वाक़िया इस्लामी इतिहास का एक अनूठा और चमत्कारिक पल है, जब रसूलअल्लाह ﷺ को आसमानों की सैर कराई गई। इस यात्रा में आपने

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हिजरी कैलेंडर का कौनसा महीना रमज़ान कहलाता है?

हिजरी कैलेंडर, या इस्लामी कैलेंडर, मुसलमानों के धार्मिक जीवन का केंद्रबिंदु है। इसके हर महीने का अपना एक अलग महत्व और फज़ीलत है। जब भी

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वो कौन से सहाबी हैं जिनसे फरिश्ते भी हया करते हैं?

इस्लाम में हया यानी शर्म और लज्जा एक बहुत बड़ा गुण माना गया है। यह ईमान का एक अंग है। लेकिन क्या आप कल्पना कर

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वो सहाबी जिनकी मौत पर अल्लाह का अर्श हिला, वो किसकी दावत पर इस्लाम कुबूल किए थे?

इस्लाम के इतिहास में कुछ ऐसे महान लोग हुए हैं जिनकी इबादत और तक्वा ने उनके जीवन और मृत्यु दोनों को ही अद्भुत चमत्कारों से

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मेराज की रात बैतुल-मुकद्दस में प्यारे नबी ﷺ को कौन-से 2 प्याले पेश किए गए थे?

इस्रा व मेराज की रात अल्लाह ने अपने प्यारे नबी ﷺ को वह मंज़िले दिखाईं जो किसी इंसान ने पहले नहीं देखीं। इस सफ़र के

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ग़ज़वा-ए-बद्र की शुरुआत पर उत्बह, शैबा और वलीद के मुकाबले में रसूलल्लाह ﷺ ने किन तीन सहाबा को आगे भेजा?

इस्लामी इतिहास की सबसे महान जंगों में से एक — ग़ज़वा-ए-बद्र — बहादुरी, ईमान और अल्लाह पर भरोसे का बेहतरीन नमूना है। इसकी शुरुआत एक ऐसे मुकाबले

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वो कौन से सहाबी थे जिनको ग़ज़वा-ए-बद्र में रसूलल्लाह ﷺ ने एक लकड़ी दी जो तलवार बन गई?

इस्लामी इतिहास में कई ऐसे मौजिज़े (चमत्कार) दर्ज हैं जो ईमान को और मज़बूत कर देते हैं। ग़ज़वा-ए-बद्र में एक ऐसा ही वाक़िया पेश आया

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अबू जहल कौन से ग़ज़वे में क़त्ल हुआ?

कई लोग यह जानना चाहते हैं कि इस्लाम के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक अबू जहल किस जंग में मारा गया। यह सवाल सिर्फ इतिहास नहीं,

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उहद की लड़ाई में वह कौन-सी दो सहाबिया थीं जो रसूल-अल्लाह ﷺ के साथ मैदान में मौजूद थीं?

इस्लामी इतिहास में जहाँ सहाबा-ए-किराम ने अपनी जानें क़ुर्बान कीं, वहीं बहादुर सहाबिया ने भी अद्भुत सेवाएँ अंजाम दीं।ग़ज़वा-ए-उहद में दो महान सहाबिया ने ऐसा

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क़ुरआन में जिब्रील (अलैहिस्सलाम) का नाम कितनी बार आया है?

जिब्रील (अलैहिस्सलाम) वो बरकतवाले फरिश्ते हैं जो अल्लाह तआला की तरफ़ से वही (इल्हाम) लेकर नबी और रसूलों के पास आते रहे।क़ुरआन मजीद में उनका नाम सिर्फ़

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कौन-से सहाबी के लिए रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया कि उनके जनाज़े को फ़रिश्ते उठा रहे थे?

उस ख़ुशनसीब सहाबी का क्या नाम है जिनके लिए रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया था: “तुम पर मेरे माँ-बाप क़ुर्बान हों”? इस्लामी इतिहास में कुछ सहाबा-ए-किराम

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रसूलुल्लाह ﷺ का मुबारक नाम “मुहम्मद” क़ुरआन में कितनी बार आया है?

क़ुरआन-ए-पाक में अल्लाह तआला ने अपने प्यारे रसूल ﷺ का ज़िक्र अनगिनत जगहों पर उनकी शान, रहमत और मिशन के साथ किया है।लेकिन क्या आप जानते हैं

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अल्लाह सुब्हानहु ने मूसा (अलैहि सलाम) को कौन-सी जगह बुलाकर हुक्म दिया कि “फ़िरऔन के पास जाओ, वो ज़ुल्म में हद से आगे निकल गया है”?

क़ुरआन करीम में हज़रत मूसा (अलैहि सलाम) का वाक़िआ एक बहुत बड़ा सबक है। अल्लाह तआला ने उन्हें सीधे “वादि-ए-तुवा” नामक मुक़द्दस जगह पर बुलाया और एक अहम हुक्म

अल्लाह सुब्हानहु ने मूसा (अलैहि सलाम) को कौन-सी जगह बुलाकर हुक्म दिया कि “फ़िरऔन के पास जाओ, वो ज़ुल्म में हद से आगे निकल गया है”? जवाब देखे »

वो कौन सी सहाबिया थीं जो रसूल-अल्लाह ﷺ का पसीना मुबारक बरकत के लिए इस्तेमाल करती थीं?

इस्लाम के सुनहरे इतिहास में बहुत सी सहाबियात ((रज़ियल्लाहु अन्हा)) ऐसी गुज़री हैं जिन्होंने रसूल-अल्लाह ﷺ से बेपनाह मोहब्बत की।उनकी अकीदत (श्रद्धा) और मोहब्बत का

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वो कौन-से नबी की क़ौम के लोग थे जिन्हें अल्लाह ने अज़ाब के बाद मौत दी और फिर ज़िंदा किया?

अल्लाह तआला ने अपनी किताब क़ुरआन करीम में कई क़ौमों का ज़िक्र किया है जिन पर उनके गुनाहों और नाफ़रमानी की वजह से अज़ाब आया।लेकिन कुछ क़ौमों को अल्लाह

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क़ुरान के हिसाब से हरूत और मारूत क्या हैं?

क़ुरान करीम में दो फरिश्तों — हरूत और मारूत — का ज़िक्र आता है।इन दोनों का ज़िक्र उस वक्त के लोगों के संदर्भ में किया गया है

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सुलेमान (अलैहिस्सलाम) हवा के ज़रिए एक सुबह में कितना सफर तय कर लेते थे?

अल्लाह तआला ने अपने कई नबियों को ख़ास ख़ास मौजज़े (चमत्कार) दिए।हज़रत सुलेमान (अलैहिस्सलाम) को दी गई सबसे अनोखी नेमतों में से एक थी — हवा पर

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जब मक्का के लोगों ने रसूल-अल्लाह ﷺ से मुअजज़ा माँगा, तो उन्होंने क्या दिखाया?

नबी-ए-पाक ﷺ के ज़माने में मक्का के लोगों ने आपसे आपकी सच्चाई का सबूत (मुअजज़ा) मांगा।अल्लाह तआला ने अपने हबीब ﷺ के हाथों एक ऐसा अजीबो-गरीब

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रमज़ान के महीने में क़ुरआन का नुज़ूल किस सूरह में आया है?

रमज़ान का महीना सिर्फ़ रोज़ों और इबादतों का नहीं, बल्कि यह वो मुबारक महीना है जिसमें क़ुरआन-ए-करीम का नुज़ूल हुआ — जो पूरी इंसानियत के लिए हिदायत और

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क़यामत की सबसे पहली और बड़ी निशानी क्या है?

क़यामत के दिन से पहले अल्लाह तआला कुछ बड़ी निशानियाँ ज़ाहिर करेगा, जो इंसानियत के लिए आख़िरी चेतावनी होंगी। हदीसों में इन निशानियों का ज़िक्र

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क़ुरान-ए-मजीद के मुताबिक़ सबसे बड़ा ज़ुल्म क्या है?

ज़ुल्म (गुनाह) इंसान के लिए दुनिया और आख़िरत दोनों में नुकसानदेह है। लेकिन क़ुरान मजीद ने एक ऐसे गुनाह को बताया है जो सबसे बड़ा

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