इबादत

नमाज़, रोज़ा, ज़कात और हज जैसे इबादत से जुड़े सभी सवाल और जवाब।

अशरा-ए-जिलहिज्जा का ज़िक्र क़ुरआन की किस सूरह में आया है?

इस्लाम में जिलहिज्जा के पहले दस दिन (अशरा-ए-जिलहिज्जा) बहुत बरकत और फ़ज़ीलत वाले माने गए हैं।ये वो दिन हैं जिनमें अल्लाह तआला को नेक अमल और इबादतें […]

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रसूलअल्लाह ﷺ ने फ़रमाया: “मैं शैतान को वहाँ घुसते देखता हूँ जैसे बकरी का बच्चा घुस जाता है।” यह किस स्थान के बारे में फ़रमाया गया?

नमाज़ सिर्फ़ सज्दा और रुकू का नाम नहीं, बल्कि एकता, अनुशासन और दिलों को जोड़ने का तरीका है। लेकिन नमाज़ की सफ़ में छोड़ी गई

रसूलअल्लाह ﷺ ने फ़रमाया: “मैं शैतान को वहाँ घुसते देखता हूँ जैसे बकरी का बच्चा घुस जाता है।” यह किस स्थान के बारे में फ़रमाया गया? जवाब देखे »

वह कौन सी दुआ है जो लफ़्ज़ “सुब्हान” से शुरू होती है?

हमारा दिन कई छोटे-बड़े कामों से भरा होता है, और इस्लाम ने हमारे हर छोटे काम को इबादत बनाने का तरीका बताया है। इसमें यात्रा

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वो क्या है जो इंसानों के दिल से इस तरह निकल जाता है जैसे कोई ऊँट भाग जाता है?

हमारे दिल एक बहुत ही नाजुक और याद रखने-भूलने वाले अंग हैं। जिस तरह एक बहुमूल्य चीज को सहेजकर न रखा जाए तो वह खो

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दो आदमियों की नमाज़ के उनमें एक इमामत करवाए तो अल्लाह सुब्हानहु के नज़दीक तन्हा पढ़ी जाने वाली कितनी नमाज़ों से बेहतर है?

हम अक्सर नमाज़ अकेले पढ़ लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर सिर्फ एक और व्यक्ति को साथ लेकर जमात बना ली जाए,

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हिजरी कैलेंडर का कौनसा महीना रमज़ान कहलाता है?

हिजरी कैलेंडर, या इस्लामी कैलेंडर, मुसलमानों के धार्मिक जीवन का केंद्रबिंदु है। इसके हर महीने का अपना एक अलग महत्व और फज़ीलत है। जब भी

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वो कौनसी सूरह है जिसके लिए रसूलअल्लाह ﷺ ने फरमाया कि जादूगर उस (सूरह को पढ़ने वाले) का मुकाबला नहीं कर सकता?

कुरआन न सिर्फ हमारे लिए हिदायत है, बल्कि यह हर तरह के बुरे प्रभाव और नुकसान से हमारी हिफाज़त का ज़रिया भी है। पैगंबर मुहम्मद

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हर हफ्ते 2 दिन जन्नत के दरवाज़े खोले जाते हैं और उन सबकी मगफ़िरत हो जाती है जो शिर्क न करते हों और अपने भाई के खिलाफ़ कीना न रखते हों, वो 2 दिन कौनसे हैं?

हमारे हर हफ्ते में कुछ ऐसे दिन आते हैं जिनका इस्लाम में विशेष महत्व बताया गया है। इनमें से दो दिन ऐसे हैं जो हमें

हर हफ्ते 2 दिन जन्नत के दरवाज़े खोले जाते हैं और उन सबकी मगफ़िरत हो जाती है जो शिर्क न करते हों और अपने भाई के खिलाफ़ कीना न रखते हों, वो 2 दिन कौनसे हैं? जवाब देखे »

कौनसे अमल के लिए यह फरमाया कि जब तक तुम वो नहीं करोगे नेकी में कमाल हासिल नहीं कर सकते?

ईमान और नेकी एक ऐसा सफर है जिसमें इंसान लगातार अपने आप को बेहतर बनाने की कोशिश करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि

कौनसे अमल के लिए यह फरमाया कि जब तक तुम वो नहीं करोगे नेकी में कमाल हासिल नहीं कर सकते? जवाब देखे »

जो निकाह की ताक़त न रखता हो उसको क्या करना चाहिए?

शादी (निकाह) करना एक अज़ीम इबादत और सुन्नत है, जो इंसान को बहुत-सी बुराइयों से बचाती है। लेकिन क्या हो अगर कोई निकाह करने की

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नमाज़ की सफ़ों में अगर जगह (गैप) रह जाए, तो क्या नुक़सान होता है?

अक्सर हम मस्जिद में नमाज़ पढ़ते समय देखते हैं कि सफ़ों के बीच थोड़ा-बहुत गैप रह जाता है। यह छोटी-सी बात दिखने में मामूली लगती

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शब-ए-क़द्र में इबादत का सवाब कितना है?

रमज़ान की मुबारक रातों में एक रात ऐसी होती है जो इंसान की पूरी ज़िंदगी बदल सकती है—शब-ए-क़द्र। बहुत से लोग पूछते हैं कि इस

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मुँह या नाक से खून बहने से रोज़ा टूट जाता है?

रमज़ान के महीने में रोज़ा रखते वक्त बहुत से लोगों के मन में ये सवाल आता है कि —अगर नाक या मुँह से खून निकल आए,

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किसी रोज़ेदार को इफ़्तार कराने वाले को क्या सवाब मिलेगा?

रमज़ान के महीने में रोज़ा रखना सिर्फ़ भूख-प्यास सहना नहीं, बल्कि नेकी और इनाम कमाने का सुनहरा मौक़ा है।लेकिन क्या आप जानते हैं — अगर आप किसी

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जो निकाह की ताक़त नहीं रखता, उसे क्या करना चाहिए?

इस्लाम ने इंसान की फितरत और जरूरतों का पूरा खयाल रखा है। शादी (निकाह) इंसानी ज़िंदगी का अहम हिस्सा है — ये नफ़्स की हिफाज़त,

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रमज़ान की (रातों में) नमाज़ पढ़ने की फ़ज़ीलत क्या है?

रमज़ान की रातें रहमत, मग़फ़िरत और बरकतों से भरपूर होती हैं। इन रातों में की जाने वाली इबादत का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता

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रमज़ान के महीने में क़ुरआन का नुज़ूल किस सूरह में आया है?

रमज़ान का महीना सिर्फ़ रोज़ों और इबादतों का नहीं, बल्कि यह वो मुबारक महीना है जिसमें क़ुरआन-ए-करीम का नुज़ूल हुआ — जो पूरी इंसानियत के लिए हिदायत और

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वो कौन-सा आसान अमल है जिसको करने से जन्नत के 8 दरवाज़े खोल दिए जाते हैं और इंसान जिस दरवाज़े से चाहे दाख़िल हो सकता है?

हर मुसलमान का सपना है कि वह जन्नत में दाख़िल हो। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक आसान अमल से जन्नत के सारे 8

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वो कौन सा ज़िक्र है जिसको 100 बार पढ़ने से 1000 नेकियाँ लिख दी जाती हैं और 1000 गुनाह मिटा दिए जाते हैं?

अल्लाह का ज़िक्र इंसान की ज़िंदगी को रोशन कर देता है। हर ज़िक्र का अपना सवाब और असर है, लेकिन कुछ अज़कार ऐसे हैं जिनके

वो कौन सा ज़िक्र है जिसको 100 बार पढ़ने से 1000 नेकियाँ लिख दी जाती हैं और 1000 गुनाह मिटा दिए जाते हैं? जवाब देखे »

वो कौन सा अमल है जो हलााल तो है लेकिन अल्लाह तआला को सख़्त नापसंद है?

इस्लाम में बहुत सी चीज़ें हलााल हैं, लेकिन कुछ अमल ऐसे हैं जो अल्लाह तआला को पसंद नहीं हैं। क्या आप जानते हैं कि सबसे

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आहादीस के मुताबिक़ सबसे अफ़ज़ल दुआ कौन-सी है?

दुआ अल्लाह के साथ बंदे का सीधा रिश्ता है। लेकिन सवाल यह है कि सबसे अफ़ज़ल दुआ कौन-सी है? आइए, हदीस की रोशनी में इसका जवाब जानते

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दिन – ऐ – इस्लाम कब मुकम्मिल हुआ?

क्या आप जानते हैं कि इस्लाम का धर्म कब पूरी तरह मुकम्मल हुआ? यह जानना हर मुसलमान के लिए जरूरी है ताकि हम अपने आस्था और

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अल्लाह तआला ने इस उम्मत को खैर उम्मत से इस लिए नवाज़ा क्योंकि?

क्या आप जानते हैं कि अल्लाह ने मुसलमानों की उम्मत को सबसे बेहतरीन उम्मत क्यों बनाया? इसका मक़सद सिर्फ़ गर्व करना नहीं बल्कि लोगों तक नेक काम

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औरतों से निकाह किस चीज़ की बुनियाद पर करना सुन्नत है?

शादी का फैसला जीवन का सबसे महत्वपूर्ण कदम होता है।क्या आप जानते हैं कि निकााह में सबसे जरूरी आधार क्या होना चाहिए? सवाल: औरतों से निकाह

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Shab e Qadr Raat Ramzan Ashra

शब-ए-कद्र की मुबारक रात रमज़ान के कौनसे अशरे में आती है?

रमज़ान के महीने में एक ऐसी रात है जिसे “हज़ार महीनों से बेहतर” कहा गया है। यह रात बहुत ही मुबारक है क्योंकि इसी रात

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Sawal - Iman aur kufr ke darmiyan fark karne wali cheez

ईमान और कुफ्र के दरमियान फ़र्क करने वाली चीज़ क्या है?

इस्लाम में ईमान और कुफ्र दोनों ही एक-दूसरे के मुख़ालिफ़ हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसी ख़ास इबादत है जिसे छोड़ने को

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Isra meraj ke raat kya hua

इस्रा व मेराज का वाक़िआ मुसलमानों के लिए ख़ास है, क्योंकि इसी रात –

इस्लामी इतिहास में कुछ ऐसे वाक़ये हैं जिनकी अहमियत बहुत ज़्यादा है, और इस्रा व मेराज उनमें से एक है। यह एक ऐसा अनोखा सफ़र

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Ramzan ke aakhri 10 ki ibadat ko kya kehte

रमज़ान के आख़िरी 10 दिनों में कौन-सी ख़ास इबादत की जाती है?

रमज़ान का महीना अपनी बरकतों और रहमतों के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके आखिरी 10 दिन एक ख़ास तरीक़े की इबादत की जाती है।

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Surah fatiha ki namaz me ahmiyat

सूरह फ़ातिहा की नमाज़ में क्या अहमियत है?

नमाज़ इस्लाम की सबसे ज़रूरी इबादत है, और इसमें क़ुरान की एक ख़ास सूरह पढ़ने का हुक्म है। इस सूरह के बिना नमाज़ मुकम्मल नहीं

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Islam ka wo Hukm jo Maaldar ki madad karne ko kehta

इस्लाम का वो कौन सा हुक्म है जिसमें मालदार शख़्स अपने माल से ग़रीबों की मदद करता है?

इस्लाम के पाँच सबसे ज़रूरी फ़र्ज़ अमल में एक ऐसी इबादत है जो दौलतमंद लोगों को अपने माल का एक हिस्सा ग़रीबों और ज़रूरतमंदों को

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