11 मार्च 2026

  • इस्लाम ने औरत को इज़्ज़त और हक़ दिए हैं, लेकिन साथ ही कुछ जिम्मेदारियाँ भी रखी हैं। खासतौर पर शादीशुदा ज़िंदगी में बीवी और शौहर के हक़ एक-दूसरे पर फर्ज़ किए गए हैं। इसी सिलसिले में एक अहम हदीस हमें यह बताती है कि औरत अपने रब का हक़ कब अदा कर सकती है।

    सवाल: औरत अपने रब का हक़ अदा नहीं कर सकती जब तक वो किसी और का हक़ अदा न कर ले, पर किसका?

    • A. वालिदैन का
    • B. शौहर का
    • C. अपने भाई का
    • D. पड़ोसी का

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अस्सलामु अलैकुम! islamicsawaljawab.in में आपका इस्तेक़बाल है। अल्हम्दुलिल्लाह! हमारा मक़सद – अवाम तक कुरआन, हदीस और इस्लामी तालीमात को सवाल-जवाब के आसान अंदाज़ में हिन्दी ज़ुबान में आम किया जाए।

हमारी यह कोशिश है कि सही इल्म हर किसी तक पहुँचे — चाहे मुस्लिम हो या ग़ैर-मुस्लिम! ताकि हर इंसान अपने रब के पैग़ाम को आसानी से समझ सके और अपनी दुनिया व आख़िरत सँवार सके।

🤲 आपकी दुआओं के तलबगार। जज़ाकुमुल्लाहु ख़ैरन कसीरा। आपका दिन भाई – मोहम्मद सलीम