25 फ़रवरी 2026

  • इस्लाम में नमाज़ ईमान की पहचान और बंदे के अल्लाह से सीधे रिश्ता रखने का ज़रिया है। लेकिन कुछ नमाज़ें ऐसी हैं जो मुनाफ़िक़ों (दिखावे के मुसलमानों) पर बहुत भारी पड़ती हैं। आइए हदीस की रौशनी में जानते हैं कि वो दो नमाज़ें कौन सी हैं।

    सवाल: वो कौन सी दो नमाज़ें हैं जो मुनाफ़िक़ों पर ज़्यादा भारी हैं?

    • A. फ़ज्र और ज़ोहर
    • B. फ़ज्र और अस्र
    • C. फ़ज्र और मग़रिब
    • D. फ़ज्र और ईशा

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अस्सलामु अलैकुम! islamicsawaljawab.in में आपका इस्तेक़बाल है। अल्हम्दुलिल्लाह! हमारा मक़सद – अवाम तक कुरआन, हदीस और इस्लामी तालीमात को सवाल-जवाब के आसान अंदाज़ में हिन्दी ज़ुबान में आम किया जाए।

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🤲 आपकी दुआओं के तलबगार। जज़ाकुमुल्लाहु ख़ैरन कसीरा। आपका दिन भाई – मोहम्मद सलीम