28 फ़रवरी 2026

  • रमज़ानुल मुबारक का महीना बरकतों और रहमतों से भरा होता है, लेकिन इसकी एक रात ऐसी है जो सारी रातों की सरदार है — शब-ए-क़द्र। यह वह मुबारक रात है जिसमें पहली बार क़ुरआन-ए-करीम नाज़िल हुआ और जिसमें जिब्रील (अलैहिस्सलाम) और तमाम फ़रिश्ते अल्लाह के हुक्म से ज़मीन पर उतरते हैं। इस रात की इबादत का सवाब हज़ार महीनों से बेहतर बताया गया है। इसलिए इसे पहचानना और इसकी रात को जागकर इबादत में गुज़ारना एक मोमिन के लिए सबसे बड़ी नेमत है।

    सवाल: किस रात जिब्रील अलैहिस्सलाम और फ़रिश्ते अल्लाह के हुक्म से ज़मीन पर उतरते हैं?

    • A. शब-ए-क़द्र
    • B. शब-ए-बरात
    • C. शब-ए-बरात
    • D. सही जवाब का इंतज़ार

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अस्सलामु अलैकुम! islamicsawaljawab.in में आपका इस्तेक़बाल है। अल्हम्दुलिल्लाह! हमारा मक़सद – अवाम तक कुरआन, हदीस और इस्लामी तालीमात को सवाल-जवाब के आसान अंदाज़ में हिन्दी ज़ुबान में आम किया जाए।

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🤲 आपकी दुआओं के तलबगार। जज़ाकुमुल्लाहु ख़ैरन कसीरा। आपका दिन भाई – मोहम्मद सलीम