1 जून 2026

  • रमज़ान के महीने में एक ऐसी रात है जिसे “हज़ार महीनों से बेहतर” कहा गया है। यह रात बहुत ही मुबारक है क्योंकि इसी रात को अल्लाह ने फ़रिश्तों के साथ ख़ास रहमतें और बरकतें नाज़िल फ़रमाईं। आइए जानते हैं कि यह खास रात रमज़ान के किस हिस्से में आती है।

    सवाल: शब-ए-कद्र की मुबारक रात रमज़ान के कौनसे अशरे में आती है?

    • A. पहला अशरा
    • B. दूसरा अशरा
    • C. तीसरा अशरा
    • D. इल्म हासिल करेंगे

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🤲 आपकी दुआओं के तलबगार। जज़ाकुमुल्लाहु ख़ैरन कसीरा। आपका दिन भाई – मोहम्मद सलीम