12 जुलाई 2026

  • इस्लाम ने इंसान की फितरत और जरूरतों का पूरा खयाल रखा है। शादी (निकाह) इंसानी ज़िंदगी का अहम हिस्सा है — ये नफ़्स की हिफाज़त, समाज की पाकीज़गी और इंसाफ़ की राह है।
    लेकिन अगर कोई शख्स निकाह की ताक़त या सहूलियत नहीं रखता, तो अल्लाह और उसके रसूल ﷺ ने उसके लिए एक आसान और मुक़द्दस हल बताया है।

    सवाल: जो निकाह की ताक़त नहीं रखता, उसे क्या करना चाहिए?

    • A. तहज्जुद पढ़े
    • B. रोज़े रखे
    • C. ज़कात दे
    • D. ग़ैर-महरम से बात न करे

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अस्सलामु अलैकुम! islamicsawaljawab.in में आपका इस्तेक़बाल है। अल्हम्दुलिल्लाह! हमारा मक़सद – अवाम तक कुरआन, हदीस और इस्लामी तालीमात को सवाल-जवाब के आसान अंदाज़ में हिन्दी ज़ुबान में आम किया जाए।

हमारी यह कोशिश है कि सही इल्म हर किसी तक पहुँचे — चाहे मुस्लिम हो या ग़ैर-मुस्लिम! ताकि हर इंसान अपने रब के पैग़ाम को आसानी से समझ सके और अपनी दुनिया व आख़िरत सँवार सके।

🤲 आपकी दुआओं के तलबगार। जज़ाकुमुल्लाहु ख़ैरन कसीरा। आपका दिन भाई – मोहम्मद सलीम