2 मार्च 2026

  • शब-ए-क़द्र (लैलतुल क़द्र) इस्लाम की सबसे मुबारक रातों में से एक है। यह वह रात है जिसमें क़ुरआन-ए-करीम का नुज़ूल हुआ और जिसमें बंदे की दुआएँ क़ुबूल होती हैं। अल्लाह तआला ने इस रात की फ़ज़ीलत को इतनी ऊँची मक़ामात दी कि इसे हज़ार महीनों से बेहतर बताया गया है।

    सवाल: शब-ए-क़द्र को क़ुरआन में किस से बेहतर कहा गया है?

    • A. 1000 महीने
    • B. 1000 साल
    • C. 1000 दिन
    • D. 1000 हफ़्ते

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अस्सलामु अलैकुम! islamicsawaljawab.in में आपका इस्तेक़बाल है। अल्हम्दुलिल्लाह! हमारा मक़सद – अवाम तक कुरआन, हदीस और इस्लामी तालीमात को सवाल-जवाब के आसान अंदाज़ में हिन्दी ज़ुबान में आम किया जाए।

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🤲 आपकी दुआओं के तलबगार। जज़ाकुमुल्लाहु ख़ैरन कसीरा। आपका दिन भाई – मोहम्मद सलीम