7 जुलाई 2026

  • मौत का ग़म इंसान की फितरत है, लेकिन इस्लाम ने इस पर एक सीमा निर्धारित की है। जानिए कि इस्लाम में शौक़ (मौत के ग़म) की सही अवधि कितनी है।

    सवाल: इस्लाम में शौक़ (मौत के ग़म) की अवधि कितनी है?

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    • D. सही जवाब का इंतज़ार

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🤲 आपकी दुआओं के तलबगार। जज़ाकुमुल्लाहु ख़ैरन कसीरा। आपका दिन भाई – मोहम्मद सलीम