16 फ़रवरी 2026

  • रोज़ा सिर्फ़ भूख और प्यास से रुकने का नाम नहीं, बल्कि यह सब्र, तहम्मुल और अल्लाह की रज़ा हासिल करने का ज़रिया है। अल्लाह तआला उन रोज़ेदारों को ख़ास इनाम देता है जो हर हाल में सब्र करते हैं — यहाँ तक कि जब उनके सामने कोई खा ले, तब भी वे शिकायत नहीं करते।

    सवाल: रोज़ेदार के सामने जब खाना खाया जाए और वो सब्र करें तो क्या होता है?

    • A. उस पर जन्नत वाजिब हो जाती है
    • B. जहन्नम से हमेशा की निजात
    • C. फ़रिश्ते उसके लिए दुआ करते हैं
    • D. सही जवाब का इंतज़ार

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अस्सलामु अलैकुम! islamicsawaljawab.in में आपका इस्तेक़बाल है। अल्हम्दुलिल्लाह! हमारा मक़सद – अवाम तक कुरआन, हदीस और इस्लामी तालीमात को सवाल-जवाब के आसान अंदाज़ में हिन्दी ज़ुबान में आम किया जाए।

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🤲 आपकी दुआओं के तलबगार। जज़ाकुमुल्लाहु ख़ैरन कसीरा। आपका दिन भाई – मोहम्मद सलीम