5 मई 2026

  • इस्लाम के पाँच स्तंभों में से एक ज़कात है, जिसे हर साहिब-ए-निसाब (जिसके पास ज़रूरी माल हो) मुसलमान पर फ़र्ज़ किया गया है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि ज़कात का असली मक़सद सिर्फ़ माल देना नहीं, बल्कि इसका एक गहरा सामाजिक पहलू भी है?

    सवाल: इस्लाम में ज़कात का असल मक़सद क्या है?

    • A. मस्जिदें तामीर करना
    • B. ग़रीबों और ज़रूरतमंदों की मदद करना
    • C. जंग के लिए पैसा जमा करना
    • D. लोगों को तालीम देना

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अस्सलामु अलैकुम! islamicsawaljawab.in में आपका इस्तेक़बाल है। अल्हम्दुलिल्लाह! हमारा मक़सद – अवाम तक कुरआन, हदीस और इस्लामी तालीमात को सवाल-जवाब के आसान अंदाज़ में हिन्दी ज़ुबान में आम किया जाए।

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🤲 आपकी दुआओं के तलबगार। जज़ाकुमुल्लाहु ख़ैरन कसीरा। आपका दिन भाई – मोहम्मद सलीम