7 जुलाई 2026
आज का सवाल
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मौत का ग़म इंसान की फितरत है, लेकिन इस्लाम ने इस पर एक सीमा निर्धारित की है। जानिए कि इस्लाम में शौक़ (मौत के ग़म) की सही अवधि कितनी है।
सवाल: इस्लाम में शौक़ (मौत के ग़म) की अवधि कितनी है?
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- C. 40 दिन
- D. सही जवाब का इंतज़ार
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अस्सलामु अलैकुम! islamicsawaljawab.in में आपका इस्तेक़बाल है। अल्हम्दुलिल्लाह! हमारा मक़सद – अवाम तक कुरआन, हदीस और इस्लामी तालीमात को सवाल-जवाब के आसान अंदाज़ में हिन्दी ज़ुबान में आम किया जाए।
हमारी यह कोशिश है कि सही इल्म हर किसी तक पहुँचे — चाहे मुस्लिम हो या ग़ैर-मुस्लिम! ताकि हर इंसान अपने रब के पैग़ाम को आसानी से समझ सके और अपनी दुनिया व आख़िरत सँवार सके।
🤲 आपकी दुआओं के तलबगार। जज़ाकुमुल्लाहु ख़ैरन कसीरा। आपका दिन भाई – मोहम्मद सलीम