26 जून 2026

  • रमज़ान की रातें रहमत, मग़फ़िरत और बरकतों से भरपूर होती हैं। इन रातों में की जाने वाली इबादत का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता है। खासतौर पर रमज़ान की रातों में नमाज़ पढ़ना गुनाहों की माफी का ज़रिया बनता है।

    सवाल: रमज़ान की (रातों में) नमाज़ पढ़ने की फ़ज़ीलत क्या है?

    • A. पिछले गुनाहों की माफ़ी
    • B. क़ब्र में आसानी
    • C. पुल-सिरात पर आसानी
    • D. सही जवाब का इंतज़ार

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🤲 आपकी दुआओं के तलबगार। जज़ाकुमुल्लाहु ख़ैरन कसीरा। आपका दिन भाई – मोहम्मद सलीम