अल्लाह की राह से रोकने वाले को क़ुरान में क्या कहा गया है?

क़ुरआन-ए-करीम में अल्लाह ने उन लोगों का ज़िक्र किया है जो दूसरों को उसकी राह से रोकते हैं। यह गुनाह इतना बड़ा है कि उन्हें क़यामत के दिन सबसे ज़ालिम और आख़िरत के मुन्किर करार दिया गया है। आइए जानते हैं, अल्लाह की राह से रोकने वाले को क़ुरान में क्या कहा गया है।

सवाल: अल्लाह की राह से रोकने वाले को क़ुरान में क्या कहा गया है?

  • A. नाफ़रमान
  • B. गुनहगार
  • C. क़यामत के दिन का मुन्किर
  • D. सही जवाब का इंतज़ार

सही जवाब है: ऑप्शन C , क़यामत के दिन का मुन्किर

तफ़सील (विवरण):

दलील

۞ अल्लाह तआला क़ुरआन-ए-करीम में फ़रमाता है:

“और उस शख़्स से बड़ा ज़ालिम कौन होगा जो अल्लाह पर झूठ बाँधे? ऐसे लोगों की उनके रब के पास पेशी होगी, और गवाही देने वाले कहेंगे: यही हैं वो लोग जिन्होंने अपने परवरदिगार पर झूठी बातें लगाई थीं। सब लोग सुन लें कि अल्लाह की लानत है इन ज़ालिमों पर। ये वो लोग हैं जो अल्लाह के रास्ते से दूसरों को रोकते थे और उसमें कमी तलाश करते थे, और यही आख़िरत के मुन्किर हैं।”

📕 सूरह हूद 11:18-19

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