किस बुराई की बुनियाद पर आदम (अलैहिस्सलाम) के एक बेटे ने दूसरे बेटे का क़त्ल किया?

दुनिया की शुरुआत से ही इंसान ने अच्छाई और बुराई के रास्ते देखे हैं। अल्लाह ने इंसान को नेमतें दीं, मगर कुछ दिलों में जलन और हसद ने बड़ी तबाही मचाई। आइए जानते हैं कि आदम (अलैहिस्सलाम) के बेटे ने अपने ही भाई का क़त्ल क्यों किया और इस बारे में हदीस हमें क्या सिखाती है।

सवाल: किस बुराई की बुनियाद पर आदम (अलैहिस्सलाम) के एक बेटे ने दूसरे बेटे का क़त्ल किया?

  • A. तकब्बुर (अहंकार)
  • B. हसद (विनाशकारी ईर्ष्या)
  • C. रियाकारी (Showing off)
  • D. सही जवाब का इंतज़ार

सही जवाब है: ऑप्शन B , हसद (विनाशकारी ईर्ष्या)

तफ़सील (विवरण):

दलील (हदीस से सबूत)

रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:

“हसद से बचो! इस लिए कि आदम (अलैहिस्सलाम) के एक बेटे ने दूसरे बेटे को हसद में क़त्ल कर दिया था।”
📕 इब्न-ए-असाकिर: 40/49


हसद किसे कहते हैं?

किसी को खाते-पीते या फलते-फूलते देखकर दिल में जलना और उसकी नेमतों के ज़वाल (ख़त्म हो जाने) की तमन्ना करना – इसी बुरी आदत का नाम “हसद” है।


हसद कहाँ जायज़ है?

📕 हदीस: अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ि.अ) से रिवायत है कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:

“हसद सिर्फ़ दो बातों में जायज़ है।”

  1. उस शख़्स के बारे में जिसे अल्लाह तआला ने दौलत दी हो और वह उस दौलत को राह-ए-हक़ में खर्च करता हो।
  2. उस शख़्स के बारे में जिसे अल्लाह तआला ने हिकमत (इल्म) दी हो और वह उसके ज़रिये फैसले करता हो और लोगों को सिखाता हो।

📕 सहीह बुख़ारी, इल्म का बयान, 73


हसद करने वालों से बचने की दुआ

अल्लाह के नाम से, जो अत्यंत कृपालु, अत्यंत दयावान है।

“अल्लाह की पनाह मांगता हूँ, हासिद (हसद करने वाले) के शर्र से जब वह हसद करे।”
📕 क़ुरान 113:5


नसीहत

अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त हमें हसद से बचाए, हसद करने वालों के शर्र से पनाह अता फरमाए और हमें हमेशा ईमान और इस्लाम पर क़ायम रखे। आख़िर में हमारी ज़िंदगी ईमान पर ख़त्म हो।

वा आख़िरु दावाना अनिलहम्दुलिल्लाहि रब्बिल आलमीन

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