क़ुरान और हदीस

क़ुरान की आयतों और हदीस से संबंधित सभी सवालों के लिए।

अल्लाह सुब्हानहु ने किसके लिए ये फरमाया कि — “जिस दिन वो पैदा हुए, जिस दिन वफ़ात पाएंगे और जिस दिन ज़िंदा करके उठाए जाएंगे, उन पर सलाम और रहमत है?”

क़ुरआन करीम में कुछ अनोखी हस्तियों का ज़िक्र है जिन पर अल्लाह तआला ने दुनिया और आख़िरत दोनों में सलाम और रहमत का ऐलान किया।क्या आप जानते […]

अल्लाह सुब्हानहु ने किसके लिए ये फरमाया कि — “जिस दिन वो पैदा हुए, जिस दिन वफ़ात पाएंगे और जिस दिन ज़िंदा करके उठाए जाएंगे, उन पर सलाम और रहमत है?” जवाब देखे »

कौन-सा ज़िक्र कहने पर ये फरमाया गया है कि बंदे को जो दिया गया है, वो उस चीज़ से अफ़ज़ल है जो उसने ली है?

हम सब अपनी ज़िंदगी में अल्लाह की दी हुई नेमतों से घिरे हुए हैं — सांस, सेहत, खाना, घर, परिवार, ईमान। लेकिन क्या आप जानते

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कौन-से शख्स के लिए इरशाद फरमाया गया है कि वो अल्लाह सुब्हानहु से बहुत दूर है?

इस्लाम हमें नर्म दिल, रहमदिल और जिक्र-ए-इलाही में मग्न रहने की तालीम देता है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनका दिल इतना सख्त

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अल्लाह ने रसूलअल्लाह (ﷺ) से शब-ए-क़द्र के मालूम होने का इल्म किस वजह से उठा लिया?

रमज़ान की मुक़द्दस रातों में से एक रात है शब-ए-क़द्र, जिसे कुरआन में “हज़ार महीनों से बेहतर” बताया गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि

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रमज़ान की (रातों में) नमाज़ पढ़ने की फ़ज़ीलत क्या है?

रमज़ान की रातें रहमत, मग़फ़िरत और बरकतों से भरपूर होती हैं। इन रातों में की जाने वाली इबादत का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता

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वो कौन-सा आसान अमल है जिसको करने से जन्नत के 8 दरवाज़े खोल दिए जाते हैं और इंसान जिस दरवाज़े से चाहे दाख़िल हो सकता है?

हर मुसलमान का सपना है कि वह जन्नत में दाख़िल हो। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक आसान अमल से जन्नत के सारे 8

वो कौन-सा आसान अमल है जिसको करने से जन्नत के 8 दरवाज़े खोल दिए जाते हैं और इंसान जिस दरवाज़े से चाहे दाख़िल हो सकता है? जवाब देखे »