इस्लाम में निकाह का रिश्ता बहुत मुक़द्दस माना जाता है। अल्लाह ने इस रिश्ते को समझाने के लिए क़ुरान में एक बहुत ही खूबसूरत मिसाल पेश की है, जो इस रिश्ते की गहरायी और अहमियत को बताती है। क्या आप जानते हैं वो मिसाल क्या है?
सवाल: अल्लाह तआला ने क़ुरान में शोहर और बीवी के रिश्ते की मिसाल किस चीज़ की तरह बयान की है?
- A. चाँद और सूरज
- B. खजूर का पेड़
- C. कपड़ा (लिबास)
- D. समंदर
सही जवाब है: ऑप्शन C , कपड़ा (लिबास)
तफ़सील (विवरण):
सही जवाब की दलील सीधे तौर पर क़ुरान में मौजूद है, जहाँ अल्लाह ने शोहर और बीवी के रिश्ते को लिबास की तरह बताया है।
क़ुरान: अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त क़ुरान में शोहर और बीवी के रिश्ते की मिसाल बयान करते हुए फ़रमाता है: “वो (बीवी) तुम्हारी लिबास है और तुम उनके लिबास।”
वज़ाहत (स्पष्टीकरण):
लिबास इंसान की ज़ीनत बढ़ाता है और उसके ऐब छुपाता है। इसी तरह, शोहर और बीवी को भी एक-दूसरे की खूबियां बढ़ाकर उनकी ज़ीनत बननी चाहिए और एक-दूसरे के ऐबों को छुपाना चाहिए। उन्हें आपस के इख़्तिलाफ़ात (मतभेदों) को दूसरों के सामने ज़ाहिर नहीं करना चाहिए और हर तरह के गलतफहमियों से बचना चाहिए।
उन्हें एक-दूसरे की इज़्ज़त की हिफाज़त करनी चाहिए और एक-दूसरे की खूबियां ज़ाहिर करनी चाहिए ताकि उनका रिश्ता मज़बूत हो।
दुआ
अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त हमें कहने-सुनने से ज़्यादा अमल की तौफ़ीक़ दे। जब तक हमें ज़िंदा रखे इस्लाम और ईमान पर ज़िंदा रखे, और ख़ातमा हमारा ईमान पर हो। आमीन।
व आख़िरु दवाना अनिलहम्दुलिल्लाहे रब्बिल अ’आलमीन



