(मैं अपनी परेशानियों और रंज की फरियाद अल्लाह ही से करता हूँ) – ये अल्फ़ाज़ किस नबी ने अपने बेटों से कहा था?
हर इंसान की ज़िंदगी में ग़म और परेशानियाँ आती हैं। ऐसे में अक्सर लोग इंसानों के सामने अपनी फरियाद रखते हैं। लेकिन क़ुरान हमें यह […]
हर इंसान की ज़िंदगी में ग़म और परेशानियाँ आती हैं। ऐसे में अक्सर लोग इंसानों के सामने अपनी फरियाद रखते हैं। लेकिन क़ुरान हमें यह […]
रोज़ा सिर्फ़ भूख-प्यास सहने का नाम नहीं, बल्कि रूह की पाकीज़गी का सफ़र है।अल्लाह ने इसे एक ऐसे मक़सद के लिए फ़र्ज़ किया है जो
रोज़े का असल मक़सद क्या है? जवाब देखे »
मी’राज़ की हक़ीक़त में कई ऐसे राज़ हैं जिन्हें सिर्फ़ चुने हुए बंदे ही देख सके। उन्हीं में से एक है — सिदरत अल-मुन्तहा और उसके पास
सिद्रत अल-मुन्तहा के पास कौन-सी जन्नत है? जवाब देखे »