छींक आना अल्लाह की रहमत है और इस पर इस्लाम ने एक ख़ास अदब सिखाया है। जब कोई मुसलमान छींकता है और “अल्हम्दुलिल्लाह” कहता है, तो उसके भाई पर हक़ है कि वह उसे जवाब दे। आइए हदीस की रोशनी में सही तरीका जानते हैं।
सवाल: जब कोई मुसलमान छींक कर “अल्हम्दुलिल्लाह” कहे तो उसके साथ वाले को क्या कहना चाहिए?
- A. माशा’अल्लाह
- B. या शफ़ा’उल्लाह
- C. यर्हमुकल्लाह
- D. सही जवाब का इंतज़ार
सही जवाब है: ऑप्शन C , यर्हमुकल्लाह
तफ़सील (विवरण):
दलील (हदीस से सबूत)
📕 हदीस: हज़रत अबू हुरैरा (रज़ि अल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:
“जब किसी को छींक आए तो वह ‘अल्हम्दुलिल्लाह’ कहे। और उसके भाई या साथी उसे जवाब में ‘यर्हमुकल्लाह’ कहे। फिर छींकने वाला जवाब में कहे – ‘यह्दीकुमुल्लाह वा युस्लिहु बालाकुम’।”
📕 सहीह बुख़ारी, जिल्द 2, पेज 919
ज़रूरी लफ़्ज़ों का मतलब
- अल्हम्दुलिल्लाह: अल्लाह का शुक़्र है
- यर्हमुकल्लाह: अल्लाह तुम पर रहमत करे
- यह्दीकुमुल्लाह वा युस्लिहु बालाकुम: अल्लाह तुम्हें हिदायत दे और तुम्हारे हालात सुधार दे
नसीहत
इस्लाम छोटी-छोटी बातों में भी मोहब्बत और भाईचारा बढ़ाने की तालीम देता है। छींक जैसी आम चीज़ में भी हमें शुक्र अदा करना और दूसरों के लिए दुआ करना सिखाया गया है।
अल्लाह हमें अपनी सुन्नतों पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
