हज और ईद-उल-अज़हा के दिनों में हर दिन की अपनी खास अहमियत होती है। 10 ज़िल-हिज्जा का दिन, जिसे यौम-ए-नहर कहा जाता है, सबसे अहम दिन माना जाता है क्योंकि इसी दिन ईद-उल-अज़हा की क़ुरबानी की जाती है।
सवाल: यौम-ए-नहर कौन से दिन को कहते हैं?
- A. 8 ज़िल-हिज्जा
- B. 9 ज़िल-हिज्जा
- C. 10 ज़िल-हिज्जा
- D. सही जवाब का इंतज़ार
सही जवाब है: ऑप्शन C , 10 ज़िल-हिज्जा
तफ़सील (विवरण):
📜 दलील
यौम-उन-नहर यानी ज़बह का दिन 10 ज़िल-हिज्जा को कहा जाता है।
इसी दिन मुसलमान अल्लाह के नाम पर जानवर की क़ुरबानी करते हैं। यही दिन ईद-उल-अज़हा का दिन भी है, जिसे दुनिया भर में मुसलमान खुशी और शुक्राने के तौर पर मनाते हैं।
👉 यौम-उन-नहर के बारे में तफ़सीली जानकारी के लिए देखें: हज के 10 दिनों के आमाल
🕌 निष्कर्ष
यौम-ए-नहर, 10 ज़िल-हिज्जा को कहा जाता है। यह दिन ईद-उल-अज़हा का पहला दिन है और इस दिन क़ुरबानी का अहम अमल अदा किया जाता है।

