मुनाफ़िक़ की पहचान

इनमें से किसकी फ़ितरत है गाली-गलौच करना?

गाली-गलौच इस्लाम की नज़र में बहुत ही नापसंद चीज़ है। यह इंसान के ईमान और अख़लाक़ को कमज़ोर कर देती है और समाज में नफरत […]

इनमें से किसकी फ़ितरत है गाली-गलौच करना? जवाब देखे »

वो कौन सी दो नमाज़ें हैं जो मुनाफ़िक़ों पर ज़्यादा भारी हैं?

इस्लाम में नमाज़ ईमान की पहचान और बंदे के अल्लाह से सीधे रिश्ता रखने का ज़रिया है। लेकिन कुछ नमाज़ें ऐसी हैं जो मुनाफ़िक़ों (दिखावे

वो कौन सी दो नमाज़ें हैं जो मुनाफ़िक़ों पर ज़्यादा भारी हैं? जवाब देखे »