हज के दिनों में 9 ज़िल-हिज्जा का दिन बहुत अहमियत रखता है। यह दिन हाजियों और तमाम मुसलमानों के लिए ख़ास फ़ज़ीलत वाला माना जाता है।
सवाल: 9 ज़िल-हिज्जा के दिन को क्या कहते हैं?
- A. यौम-ए-आशूरा
- B. यौम-ए-अरफ़ा
- C. यौम-ए-नहर
- D. सही जवाब का इंतज़ार
सही जवाब है: ऑप्शन B , यौम-ए-अरफ़ा
तफ़सील (विवरण):
📜 दलील
9 ज़िल-हिज्जा के दिन को अरफ़ा का दिन यानी यौम-ए-अरफ़ा कहते हैं।
इस दिन जब सूरज निकल आता है तो हज को गए हाजी लोग तलबिया और तक़्बीर कहते हुए मीना से अरफ़ा के लिए रवाना होते हैं।
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🕌 निष्कर्ष
यौम-ए-अरफ़ा, हज का सबसे अहम दिन है। यह दिन हर मुसलमान के लिए ईमान, दुआ और इबादत का ख़ास दिन है, जिसकी फ़ज़ीलत हदीसों में भी बयान हुई है।

