“एक दाने को सात बाली निकले और उन हर बालीयों में से सौ-सौ दाने निकले” – यह मिसाल अल्लाह ने कुरान में किन लोगों के ताल्लुक से बयान की है?

क़ुरान-ए-मजीद इंसान को नेकियों के लिए तरग़ीब दिलाने के लिए कई जगह बेहद खूबसूरत मिसालें देता है। उनमें से एक मिसाल है – एक दाने से सात बालियाँ और हर बाली में सौ-सौ दाने निकलने की। आइए जानते हैं कि अल्लाह तआला ने यह मिसाल किस अमल के लिए बयान की है।

सवाल: “एक दाने को सात बाली निकले और उन हर बालीयों में से सौ-सौ दाने निकले” – यह मिसाल अल्लाह ने कुरान में किन लोगों के ताल्लुक से बयान की है?

  • A. सूद का कारोबार
  • B. अल्लाह की राह में खर्च करना
  • C. हलाल तिजारत
  • D. सही जवाब का इंतज़ार

सही जवाब है: ऑप्शन B , अल्लाह की राह में खर्च करना

तफ़सील (विवरण):

दलील (क़ुरान से सबूत)

📖 अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त कुरान-ए-मजीद में फ़रमाता है –

“उनकी मिसाल जो अपने माल अल्लाह की राह में खर्च करते हैं, उस दाने की तरह है, जिसको सात बालियाँ निकलीं और हर बाली में सौ-सौ दाने हैं, और अल्लाह जिसे चाहे उससे भी ज़्यादा बढ़ा दे। और अल्लाह वुसअत वाला, इल्म वाला है।”
📕 सूरह बकरा 2:261


तफ़सीर और नसीहत

इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जैसे कोई इंसान एक दाना ज़मीन में बोता है और उससे सैकड़ों दाने पैदा होते हैं, उसी तरह जो शख़्स अल्लाह की राह में खर्च करता है, अल्लाह तआला उसके अमल का अज्र 700 गुना या उससे भी ज़्यादा बढ़ा देता है।

यानी अल्लाह की राह में दिया गया एक-एक रुपया सिर्फ़ दुनिया में ही नहीं बल्कि आख़िरत में भी बेपनाह नेमतों और सवाब का ज़रिया बनता है।

सब्हान’अल्लाह! अल्लाह हमें भी सच्चे दिल से उसकी राह में खर्च करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।

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