इस्लाम में ‘तौहीद’ का असल मतलब क्या है?

Tauhid ka asal matlab

इस्लाम का सबसे बुनियादी और ज़रूरी अक़ीदा (विश्वास) अल्लाह की एकता है। इस ख़ास और अहम अक़ीदे के लिए अरबी में एक शब्द का इस्तेमाल होता है। क्या आप जानते हैं वो क्या है?

सवाल: इस्लाम में ‘तौहीद’ का असल मतलब क्या है?

  • A. सदक़ा देना
  • B. हज करना
  • C. अल्लाह की एकता मानना
  • D. नमाज़ पढ़ना

सही जवाब है: ऑप्शन C , अल्लाह की एकता मानना

तफ़सील (विवरण):

सही जवाब ‘अल्लाह की एकता’ है। तौहीद का मतलब अल्लाह की वहदानियत और उसकी एकता को मानना है। यह इस्लाम का सबसे अहम और बुनियादी अक़ीदा है कि अल्लाह एक है, उसका कोई शरीक (हिस्सेदार) नहीं, और वही इबादत के लायक है।

क़ुरान में अल्लाह तआला इरशाद फरमाते हैं:

“कह दीजिए, वो अल्लाह एक है।”

क़ुरान, सूरह इख़लास 112:1

पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) ने भी कई हदीसों में तौहीद की अहमियत पर ज़ोर दिया, और इसे इस्लामी अक़ीदे का सबसे बुनियादी हिस्सा बताया।

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