रसूलुल्लाह ﷺ की कुन्नियत क्या है?
नबी-ए-पाक ﷺ के मुबारक नाम और उपाधियाँ (कुन्नियत) मुसलमानों के लिए इल्म और अदब का अहम हिस्सा हैं। कुन्नियत उस नाम को कहा जाता है […]
रसूलुल्लाह ﷺ की कुन्नियत क्या है? जवाब देखे »
नबी-ए-पाक ﷺ के मुबारक नाम और उपाधियाँ (कुन्नियत) मुसलमानों के लिए इल्म और अदब का अहम हिस्सा हैं। कुन्नियत उस नाम को कहा जाता है […]
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क़ुरआन में “ज़क्कूम” का ज़िक्र एक भयानक दरख़्त के रूप में आया है, जो जहन्नम (नर्क) में उगेगा। यह दरख़्त दोज़ख़ियों का खाना होगा — यानी उन लोगों का अज़ाब जो
सवाल: वो कौनसे नबी हैं जिन्होंने ज़ालिम बादशाह से कहा: “मेरा रब वो है जो ज़िंदा करता है और मारता है”?
“नफ़्ल इबादतें इंसान को अल्लाह के इतना क़रीब कर देती हैं कि अल्लाह तआला उसकी सुनने, देखने और चलने में रहनुमाई फ़रमाता है। जानिए कौन
यह सवाल अक्सर पूछा जाता है कि हम अपने मरहूम रिश्तेदारों की तरफ से कौन-से नेक अमल कर सकते हैं जिनका सवाब उन्हें पहुँचे?हदीस से इसका
मरहूम (दुनिया से चले गए) रिश्तेदार की तरफ से कौन-कौन से अमल किए जा सकते हैं? जवाब देखे »
किसी को माफ़ करना कभी आसान नहीं होता, लेकिन इस्लाम सिखाता है कि माफी देने वाला इंसान अल्लाह के यहाँ बहुत बुलंद दर्जा पाता है।
वह क्या है जो किसी को माफ़ करने पर बढ़ा दिया जाता है? जवाब देखे »
नमाज़ सिर्फ़ सज्दा और रुकू का नाम नहीं, बल्कि एकता, अनुशासन और दिलों को जोड़ने का तरीका है। लेकिन नमाज़ की सफ़ में छोड़ी गई
कभी-कभी इंसान ज़िंदगी की तकलीफ़ों से इतना टूट जाता है कि उसे मौत आसान लगने लगती है। लेकिन इस्लाम इंसान को मायूसी में नहीं गिरने
तकलीफ़ों से तंग आकर मौत की तमन्ना करना कैसा है? जवाब देखे »
इस्लाम की उम्मत को अल्लाह ने बेइंतहा फ़ज़ीलतें दी हैं। कई हदीसों में बताया गया है कि उम्मते-मुहम्मद ﷺ का दर्जा पिछली तमाम उम्मतों से
कौन-सी उम्मत 70 उम्मतों को मुकम्मल करने वाली है? जवाब देखे »
क्या आपने कभी सोचा है कि मौत के बाद ज़िंदगी का मज़ाक उड़ाने वालों को अल्लाह ने कैसे जवाब दिया? क़ुरान में एक ऐसा वाक़या
पैगंबर मुहम्मद ﷺ का पवित्र जीवन कई अद्भुत घटनाओं और चमत्कारों से भरा है। उनके नबी होने के दावे को पुष्ट करने के लिए अल्लाह
कुरआन न सिर्फ हमारी दुनिया की जीवन-रेखा है, बल्कि आखिरत में भी यह हमारा सबसे बड़ा सहारा और सिफारिशी बनेगा। पैगंबर मुहम्मद ﷺ ने कुछ
कयामत के नज़दीक आने से पहले दुनिया में बड़े बड़े फितने और अफरा-तफरी फैलेगी। ऐसे में सच्चा ईमान दुर्लभ होता जाएगा। लेकिन क्या आप जानते
इस्लाम ने हमेशा इंसानियत और भाईचारे को बढ़ावा दिया है। यही कारण है कि यह समाज में फैलने वाली हर बुराई पर सख्त रुख रखता
मेराज का वाक़िया इस्लामी इतिहास का एक अनूठा और चमत्कारिक पल है, जब रसूलअल्लाह ﷺ को आसमानों की सैर कराई गई। इस यात्रा में आपने
मेराज की रात रसूलअल्लाह (ﷺ) की मुलाकात हारून (अलैहिस्सलाम) से कौनसे आसमान पर हुई? जवाब देखे »
हमारा दिन कई छोटे-बड़े कामों से भरा होता है, और इस्लाम ने हमारे हर छोटे काम को इबादत बनाने का तरीका बताया है। इसमें यात्रा
वह कौन सी दुआ है जो लफ़्ज़ “सुब्हान” से शुरू होती है? जवाब देखे »
हमारे दिल एक बहुत ही नाजुक और याद रखने-भूलने वाले अंग हैं। जिस तरह एक बहुमूल्य चीज को सहेजकर न रखा जाए तो वह खो
वो क्या है जो इंसानों के दिल से इस तरह निकल जाता है जैसे कोई ऊँट भाग जाता है? जवाब देखे »
इस्लाम एक संतुलित और सेहतमंद जीवनशैली का मार्गदर्शक है। यह न सिर्फ रूहानी बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य का भी पूरा ख्याल रखता है। आज के दौर
हदीस के मुताबिक ज़रूरत पड़ने पर इंसान को खाना और पानी कितना पेट भर खाना और पीना चाहिए? जवाब देखे »
हम अक्सर नमाज़ अकेले पढ़ लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर सिर्फ एक और व्यक्ति को साथ लेकर जमात बना ली जाए,
इंसानी जिंदगी में मुश्किलें और परेशानियाँ आती रहती हैं। ऐसे में इंसान का इम्तिहान होता है कि वह कैसे व्यवहार करता है। इस्लाम में हर
इनमें से वो कौन लोग हैं जिनको बेशुमार अज्र दिया जाएगा, जिसका जिक्र सूरह ज़ुमर में है? जवाब देखे »
उम्र बढ़ने के साथ इंसान का शरीर बूढ़ा होने लगता है, लेकिन क्या दिल भी बूढ़ा हो जाता है? पैगंबर मुहम्मद ﷺ ने इंसानी फितरत
किन दो चीजों की मोहब्बत में बूढ़े इंसान का दिल हमेशा जवान रहता है? जवाब देखे »
हिजरी कैलेंडर, या इस्लामी कैलेंडर, मुसलमानों के धार्मिक जीवन का केंद्रबिंदु है। इसके हर महीने का अपना एक अलग महत्व और फज़ीलत है। जब भी
हिजरी कैलेंडर का कौनसा महीना रमज़ान कहलाता है? जवाब देखे »
हम अक्सर मिलते वक्त “अस्सलामु अलैकुम” कहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस्लाम में विदा होते वक्त भी सलाम देना एक सुन्नत और
जब एक मुसलमान किसी दूसरे मुसलमान से जुदा हो तो उसको क्या कहना चाहिए? जवाब देखे »
कुरआन न सिर्फ हमारे लिए हिदायत है, बल्कि यह हर तरह के बुरे प्रभाव और नुकसान से हमारी हिफाज़त का ज़रिया भी है। पैगंबर मुहम्मद
कयामत और आखिरत का दिन हर इंसान के लिए एक बड़ा इम्तिहान होगा। पैगंबर मुहम्मद ﷺ ने अपनी उम्मत को बार-बार इस दिन के लिए
जहन्नुम में सबसे ज़्यादा कौन जाएंगे? जवाब देखे »
पैगंबर मुहम्मद ﷺ ने अपनी उम्मत के लिए कई चीजों से सावधान किया है, लेकिन एक चेतावनी बहुत ही अनोखे अंदाज में दी है। आप
ज़मीन की बरकतें क्या हैं? जवाब देखे »
इस्लाम में अल्लाह की राह में अपनी जान कुर्बान करने वाले शहीद का मुकाम बहुत ऊँचा है। शहादत एक ऐसी इबादत है जिसके बदले में
किस मुसलमान के तमाम गुनाह माफ कर दिए जाते हैं सिवाय कर्ज़ के? जवाब देखे »
इस्लाम एक पूर्ण जीवन प्रणाली है जो न सिर्फ इबादत बल्कि इंसानों के बीच रिश्तों को मजबूत करने का भी तरीका सिखाती है। कई बार
इंसान की फितरत में अच्छाई और बुराई दोनों के बीज मौजूद हैं। इस्लाम हमें हर तरह के गुनाह से बचने की ताकीद करता है, लेकिन
वो कौनसा गुनाह है जिसका कोई न कोई हिस्सा अल्लाह ने इंसान के लिए लिख दिया है? जवाब देखे »
हमारे हर हफ्ते में कुछ ऐसे दिन आते हैं जिनका इस्लाम में विशेष महत्व बताया गया है। इनमें से दो दिन ऐसे हैं जो हमें