‘इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन’ मोमिन यह दुआ कब पढ़ता है?
इस्लाम हमें हर हाल में अल्लाह को याद करने की तालीम देता है, चाहे वह खुशी का वक़्त हो या ग़म का। जब भी किसी […]
‘इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन’ मोमिन यह दुआ कब पढ़ता है? जवाब देखे »
इस्लाम हमें हर हाल में अल्लाह को याद करने की तालीम देता है, चाहे वह खुशी का वक़्त हो या ग़म का। जब भी किसी […]
‘इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन’ मोमिन यह दुआ कब पढ़ता है? जवाब देखे »
इस्लामी इतिहास हमें कई ऐसी कौमों के बारे में बताता है जिन्हें उनके गुनाहों की वजह से अल्लाह ने तबाह कर दिया था। उनमें से
वह कौन सा गुनाह था जिसकी वजह से अल्लाह तआला ने लूत (अ.स.) की कौम को तबाह कर दिया? जवाब देखे »
क्या आप जानते हैं कि मक्का के मुशरिक, यानी अल्लाह के साथ शिर्क करने वाले लोग, अल्लाह के पैग़ाम को किस बहाने से ठुकरा देते
मक्के के मुशरिक अल्लाह की हिदायत को किस बहाने से इंकार कर देते थे? जवाब देखे »
इस्लाम में ईमान और अक़ीदे की बहुत अहमियत है। कुरआन और हदीस में अल्लाह ने अलग-अलग तरह के गुनाहों और उनकी सज़ाओं के बारे में
इनमें से किन लोगों को जहन्नम के सबसे निचले गड्ढे में अज़ाब दिया जाएगा? जवाब देखे »
इस्लाम में हर काम की शुरुआत अल्लाह के नाम से करने की तालीम दी गई है। यह एक आम बात है, लेकिन इसकी बरकत बहुत
कोई भी काम शुरू करने से पहले क्या कहना चाहिए? जवाब देखे »
आयतुल कुर्सी क़ुरान की एक बहुत ही ख़ास आयत है, जिसे अल्लाह के सबसे अज़ीम नामों और सिफ़ात (विशेषताओं) का ज़िक्र करने की वजह से
आयतुल कुर्सी कौनसी सूरह का हिस्सा है? जवाब देखे »
ईद-उल-अज़हा की सबसे अहम इबादतों में से एक है क़ुरबानी। अक्सर लोग यह सवाल करते हैं कि आखिर क़ुरबानी कितने दिन तक की जा सकती
क़ुरबानी कितने दिन तक कर सकते हैं? जवाब देखे »
इस्लामी इतिहास में कुछ ऐसे साल हैं जो अपनी खास घटनाओं की वजह से जाने जाते हैं। पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) का जन्म भी एक ऐसे
रसूलुल्लाह ﷺ की पैदाइश वाले साल को किस नाम से जाना जाता है? जवाब देखे »
क़ुरबानी इस्लाम में सबसे महत्वपूर्ण इबादतों में से एक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि क़ुरबानी किसके लिए करनी चाहिए? सवाल: क़ुरबानी किसके लिए करने
क़ुरबानी किसके लिए करने का हुक्म आया है? जवाब देखे »
क़ुरान की हर सूरह की अपनी एक ख़ास अहमियत है, लेकिन एक ऐसी सूरह है जिसकी फ़ज़ीलत इतनी बड़ी है कि उसे एक बार पढ़ना
वह कौनसी सूरह है जिसकी तिलावत 1/3 कुरान पढ़ने के बराबर है? जवाब देखे »
क़ुरान का नाज़िल होना इस्लाम में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक वाक़या है। यह सिलसिला 23 साल तक चला। लेकिन क्या आप जानते हैं कि
रसूलअल्लाह ﷺ पर सबसे पहले नाज़िल होने वाली आयतें किस सूरह की थीं? जवाब देखे »
ईद-उल-अज़हा के दिनों में मुसलमानों के दिल में अक्सर यह सवाल आता है कि क़ुरबानी किस वक़्त से शुरू की जा सकती है और कब तक
क़ुरबानी का वक़्त कब से शुरू होता है? जवाब देखे »
ईद-उल-अज़हा पर हर मुसलमान यह सवाल ज़रूर सोचता है कि क्या एक जानवर पूरी फैमिली की तरफ़ से क़ुरबान किया जा सकता है? या फिर हर शख़्स
एक जानवर कितने लोगों की तरफ़ से क़ुरबान किया जा सकता है? जवाब देखे »
इस्लाम सिर्फ एक मजहब नहीं, बल्कि जिंदगी जीने का एक मुकम्मल तरीका है। इस तरीके को कुछ खास सिद्धांतों और नियमों से समझा जाता है।
इस्लाम में ‘शरीयत’ का क्या मतलब है? जवाब देखे »
ईद-उल-अज़हा की क़ुरबानी सिर्फ़ एक इबादत नहीं बल्कि इंसानियत और तक़वा का पैग़ाम भी है। सवाल ये उठता है कि क़ुरबानी का गोश्त हमें क्या
क़ुरबानी का गोश्त क्या करें? जवाब देखे »
इस्लामी इतिहास में कुछ ऐसे वाक़ये हैं जिनकी अहमियत बहुत ज़्यादा है, और इस्रा व मेराज उनमें से एक है। यह एक ऐसा अनोखा सफ़र
इस्रा व मेराज का वाक़िआ मुसलमानों के लिए ख़ास है, क्योंकि इसी रात – जवाब देखे »
रमज़ान का महीना अपनी बरकतों और रहमतों के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके आखिरी 10 दिन एक ख़ास तरीक़े की इबादत की जाती है।
रमज़ान के आख़िरी 10 दिनों में कौन-सी ख़ास इबादत की जाती है? जवाब देखे »
क़ुरबानी एक अहम इबादत है जो तक़वा, ईमान और अल्लाह की बंदगी की निशानी है। बहुत से लोग यह सवाल करते हैं कि क्या क़ुरबानी
क़ुरबानी का अमल किस उम्मत के लिए अल्लाह ने अता किया? जवाब देखे »
प्यारे नबी (ﷺ) के बाद इस्लाम के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक क़ुरान को हिफाज़त के साथ एक किताब की शक्ल में जमा
रसूलअल्लाह ﷺ के बाद कुरआन को किताब की शक्ल में एक जगह किसने जमा किया? जवाब देखे »
हज के दिनों में 9 ज़िल-हिज्जा का दिन बहुत अहमियत रखता है। यह दिन हाजियों और तमाम मुसलमानों के लिए ख़ास फ़ज़ीलत वाला माना जाता
9 ज़िल-हिज्जा के दिन को क्या कहते हैं? जवाब देखे »
नमाज़ इस्लाम की सबसे ज़रूरी इबादत है, और इसमें क़ुरान की एक ख़ास सूरह पढ़ने का हुक्म है। इस सूरह के बिना नमाज़ मुकम्मल नहीं
सूरह फ़ातिहा की नमाज़ में क्या अहमियत है? जवाब देखे »
हज और ईद-उल-अज़हा के दिनों में हर दिन की अपनी खास अहमियत होती है। 10 ज़िल-हिज्जा का दिन, जिसे यौम-ए-नहर कहा जाता है, सबसे अहम
यौम-ए-नहर कौन से दिन को कहते हैं? जवाब देखे »
इस्लाम के पाँच सबसे ज़रूरी फ़र्ज़ अमल में एक ऐसी इबादत है जो दौलतमंद लोगों को अपने माल का एक हिस्सा ग़रीबों और ज़रूरतमंदों को
इस्लाम का वो कौन सा हुक्म है जिसमें मालदार शख़्स अपने माल से ग़रीबों की मदद करता है? जवाब देखे »
इस्लाम में मक्का शरीफ़ को सबसे पाक जगह माना जाता है, जहाँ दुनिया के हर कोने से मुसलमान हज के लिए जाते हैं। लेकिन क्या
मुसलमानों के नज़दीक मक्का के बाद दूसरा सबसे मुक़द्दस शहर कौन सा है? जवाब देखे »
इस्लाम में दो बड़ी ईद मनाई जाती हैं, जिनमें से एक है ईद-उल-अज़हा। यह ईद ज़ुल-हिज्जा के महीने में आती है और एक ऐसे अजीम
ईद-उल-अज़हा किस वाक़िये की याद में मनाई जाती है? जवाब देखे »
इस्लाम के पाँच स्तंभों में से एक है रोज़ा रखना। यह एक ऐसी इबादत है जिसे हर मुसलमान, जो सेहतमंद हो, एक ख़ास महीने में
इस्लामी कैलेंडर का वो कौन सा महीना है जिसमें मुसलमान रोज़े रखते हैं? जवाब देखे »
इस्लाम में, हमारे हर काम के लिए कुछ नियम तय किए गए हैं। ये नियम हमें बताते हैं कि क्या सही है और क्या गलत
इस्लाम में जाइज़ और मुनासिब अमल को क्या कहते है? जवाब देखे »
पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) की वफ़ात के बाद मुसलमानों का नेतृत्व करने और दीन को आगे बढ़ाने के लिए एक ख़लीफ़ा का चुनाव करना ज़रूरी था।
रसूलुल्लाह ﷺ के बाद किस सहाबी को मुसलमानों का पहला ख़लीफ़ा चुना गया? जवाब देखे »
इस्लाम के पाँच स्तंभों में से एक ज़कात है, जिसे हर साहिब-ए-निसाब (जिसके पास ज़रूरी माल हो) मुसलमान पर फ़र्ज़ किया गया है। लेकिन, क्या
इस्लाम में ज़कात का असल मक़सद क्या है? जवाब देखे »
रमज़ान का महीना अपनी बरकतों और रहमतों के लिए जाना जाता है, लेकिन इस पाक महीने में एक ऐसी रात है जिसकी अहमियत हजारों महीनों
रमज़ान के महीने की वह बरकत वाली रात कौन-सी है जब कुरआन नाज़िल हुआ? जवाब देखे »