Author name: Nashra Shaikh

नशरा शेख ummat-e-nabi.com की एक इस्लामिक कंटेंट राइटर हैं। उनका शौक़ कुरआन और हदीस से साबित इस्लामी सवाल-जवाब और ऐसे पोस्ट तैयार करना है जो उम्मत के लिए फ़ायदेमंद साबित हों। उनका मक़सद वाज़ेह और सक़ारात्मक अंदाज़ में इल्म को आम करना है।

कौन-से सहाबी के लिए रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया कि उनके जनाज़े को फ़रिश्ते उठा रहे थे?

उस ख़ुशनसीब सहाबी का क्या नाम है जिनके लिए रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया था: “तुम पर मेरे माँ-बाप क़ुर्बान हों”? इस्लामी इतिहास में कुछ सहाबा-ए-किराम […]

कौन-से सहाबी के लिए रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया कि उनके जनाज़े को फ़रिश्ते उठा रहे थे? जवाब देखे »

इनमें से वो कौन-सी सूरह है जिसमें एक ही आयत में अल्लाह तआला के 9 नाम लिए गए हैं?

क़ुरआन-ए-मजीद में अल्लाह तआला ने अपने बहुत से सुंदर और पाक नामों (अस्मा-उल-हुस्ना) का ज़िक्र किया है। हर नाम में अल्लाह की किसी न किसी

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कुरआन मजीद में कितने सज्दा-ए-सहव हैं?

इस्लाम में नमाज़ (सलात) एक बहुत अहम इबादत है। यह सिर्फ़ अल्लाह से राब्ता (संबंध) का ज़रिया नहीं, बल्कि बंदे की ग़लतियों की तर्बियत (सुधार) का भी

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रसूलुल्लाह ﷺ का मुबारक नाम “मुहम्मद” क़ुरआन में कितनी बार आया है?

क़ुरआन-ए-पाक में अल्लाह तआला ने अपने प्यारे रसूल ﷺ का ज़िक्र अनगिनत जगहों पर उनकी शान, रहमत और मिशन के साथ किया है।लेकिन क्या आप जानते हैं

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अल्लाह ने क़ुरआन में फ़रमाया “कअन्नहु जिमालतुन सुफ़र”— यह किस चीज़ के लिए तश्बीह दी गई है?

क़ुरआन मजीद में अल्लाह तआला ने इंसान को आख़िरत की हक़ीक़त समझाने के लिए कई जगहों पर बेहद गहरी और सोचने वाली तश्बीहें (उदाहरण) दी हैं। उन्हीं

अल्लाह ने क़ुरआन में फ़रमाया “कअन्नहु जिमालतुन सुफ़र”— यह किस चीज़ के लिए तश्बीह दी गई है? जवाब देखे »

अल्लाह सुब्हानहु ने मूसा (अलैहि सलाम) को कौन-सी जगह बुलाकर हुक्म दिया कि “फ़िरऔन के पास जाओ, वो ज़ुल्म में हद से आगे निकल गया है”?

क़ुरआन करीम में हज़रत मूसा (अलैहि सलाम) का वाक़िआ एक बहुत बड़ा सबक है। अल्लाह तआला ने उन्हें सीधे “वादि-ए-तुवा” नामक मुक़द्दस जगह पर बुलाया और एक अहम हुक्म

अल्लाह सुब्हानहु ने मूसा (अलैहि सलाम) को कौन-सी जगह बुलाकर हुक्म दिया कि “फ़िरऔन के पास जाओ, वो ज़ुल्म में हद से आगे निकल गया है”? जवाब देखे »

क़यामत के दिन आसमान कहाँ होंगे?

क़यामत का दिन ऐसा होगा जब पूरी कायनात हिल जाएगी, पहाड़ रेत की तरह बिखर जाएंगे और आसमान तक लपेट दिए जाएंगे। अल्लाह तआला अपनी

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सूरह फ़ातिहा में अल्लाह सुब्हानहु के कितने नाम हैं (जिसमें “अल्लाह” भी शामिल है)?

सूरह फ़ातिहा, जिसे उम्मुल किताब यानी “क़ुरान की माँ” कहा गया है, पूरी क़ुरान का सार है।इस छोटी सी सूरह में अल्लाह तआला की तारीफ़, रहमत और मालिक़ियत का

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क़ुरान करीम की वह कौन सी सूरह है जिसकी पहली आयत में अल्लाह सुब्हानहु ने उन फरिश्तों की क़सम खाई है जो रूह निकालते हैं?

क़ुरान करीम में अल्लाह तआला ने अपनी क़ुदरत और हिकमत को बयान करने के लिए कई जगहों पर क़सम खाई है।कुछ क़समें उन फरिश्तों की भी हैं

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कुरान के हिसाब से “अम्मारह (أَمَّارَةٌ)” क्या है?

कुरान-ए-पाक में इंसान के नफ़्स के तीन दर्ज़े बताए गए हैं — नफ़्स-ए-अम्मारह, नफ़्स-ए-लव्वामा और नफ़्स-ए-मुतमइन्ना।इनमें से नफ़्स-ए-अम्मारह वह है जो इंसान को बुराई और गुनाह की तरफ़ उकसाता है। आइए जानते हैं

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जिब्रील अलैहिस्सलाम अकसर कौनसे सहाबी की सूरत में रसूल-ए-अल्लाह ﷺ के पास तशरीफ़ लाया करते थे?

अल्लाह के फरिश्तों में सबसे मुक़र्रब फरिश्ता हैं — जिब्रील (अलैहिस्सलाम)। वो वही फरिश्ता हैं जो अल्लाह के हुक्म से वही लेकर नबी ﷺ के पास आते

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कुरान के हिसाब से “अल-लव्वामह (اللَّوَّامَةُ)” क्या है?

कुरान में नफ़्स के तीन मरातिब (स्तर) बताए गए हैं —1️⃣ नफ़्स-ए-अम्मारह — जो बुराई की तरफ़ उकसाता है।2️⃣ नफ़्स-ए-लव्वामह — जो गुनाह करने पर खुद को मलामत (डाँट) करता है।3️⃣ नफ़्स-ए-मुतमइन्ना — जो अल्लाह

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वो कौन सी सहाबिया थीं जो रसूल-अल्लाह ﷺ का पसीना मुबारक बरकत के लिए इस्तेमाल करती थीं?

इस्लाम के सुनहरे इतिहास में बहुत सी सहाबियात ((रज़ियल्लाहु अन्हा)) ऐसी गुज़री हैं जिन्होंने रसूल-अल्लाह ﷺ से बेपनाह मोहब्बत की।उनकी अकीदत (श्रद्धा) और मोहब्बत का

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वो कौन-से नबी की क़ौम के लोग थे जिन्हें अल्लाह ने अज़ाब के बाद मौत दी और फिर ज़िंदा किया?

अल्लाह तआला ने अपनी किताब क़ुरआन करीम में कई क़ौमों का ज़िक्र किया है जिन पर उनके गुनाहों और नाफ़रमानी की वजह से अज़ाब आया।लेकिन कुछ क़ौमों को अल्लाह

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जो निकाह की ताक़त नहीं रखता, उसे क्या करना चाहिए?

इस्लाम ने इंसान की फितरत और जरूरतों का पूरा खयाल रखा है। शादी (निकाह) इंसानी ज़िंदगी का अहम हिस्सा है — ये नफ़्स की हिफाज़त,

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रसूलअल्लाह ﷺ ने इनमें से किसे बुत-परस्त की तरह कहा है?

इस्लाम में शराब को “उम्मुल खबाएस” यानी बुराइयों की मां कहा गया है। यह इंसान की अक्ल को छीन लेती है, गुनाहों का दरवाज़ा खोल

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क़ुरान के हिसाब से हरूत और मारूत क्या हैं?

क़ुरान करीम में दो फरिश्तों — हरूत और मारूत — का ज़िक्र आता है।इन दोनों का ज़िक्र उस वक्त के लोगों के संदर्भ में किया गया है

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मेराज की रात रासूलअल्लाह ﷺ दूसरे आसमान पर ईसा (अलैहिस्सलाम) से मिले। उस वक़्त उनके साथ कौन से नबी थे जिन्हें जिब्रील (अलैहिस्सलाम) ने “ख़ाला ज़ाद भाई” कहा?

इस्रा और मेराज की मुबारक रात में जब अल्लाह तआला ने अपने हबीब रासूलअल्लाह ﷺ को आसमानों की सैर कराई,तो हर आसमान पर एक या एक से

मेराज की रात रासूलअल्लाह ﷺ दूसरे आसमान पर ईसा (अलैहिस्सलाम) से मिले। उस वक़्त उनके साथ कौन से नबी थे जिन्हें जिब्रील (अलैहिस्सलाम) ने “ख़ाला ज़ाद भाई” कहा? जवाब देखे »

कुरान के हिसाब से अल्लाह के नेक बंदों की एक पहचान क्या है जब जाहिल लोग उनसे गुफ्तगू करते हैं?

कुरान मजीद में अल्लाह तआला ने अपने नेक (इबादतगुज़ार) बंदों की कई खूबसूरत सिफ़ात (गुण) बयान की हैं। उनमें से एक बड़ी खूबसूरत बात यह है कि जब जाहिल (अज्ञान)

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इनमें से कौन-सा नाम रासूलअल्लाह ﷺ का है?

क्या आप जानते हैं कि रसूलअल्लाह ﷺ के कई मुबारक नाम हैं और हर नाम के पीछे एक गहरी हिकमत (बुद्धि) छुपी है? इन्हीं में से एक

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रसूल-अल्लाह ﷺ ने किसे “مِفْتَاحُ كُلِّ شَرٍّ” यानी हर बुराई की कुंजी (चाबी) कहा है?

इस्लाम में शराब इस्लाम में शराब को सख़्ती से हराम किया गया है, क्योंकि यह न केवल इंसान की अकल को ढक लेती है बल्कि हर बुराई और गुनाह

रसूल-अल्लाह ﷺ ने किसे “مِفْتَاحُ كُلِّ شَرٍّ” यानी हर बुराई की कुंजी (चाबी) कहा है? जवाब देखे »

सुलेमान (अलैहिस्सलाम) हवा के ज़रिए एक सुबह में कितना सफर तय कर लेते थे?

अल्लाह तआला ने अपने कई नबियों को ख़ास ख़ास मौजज़े (चमत्कार) दिए।हज़रत सुलेमान (अलैहिस्सलाम) को दी गई सबसे अनोखी नेमतों में से एक थी — हवा पर

सुलेमान (अलैहिस्सलाम) हवा के ज़रिए एक सुबह में कितना सफर तय कर लेते थे? जवाब देखे »

इनमें से किस पर अल्लाह तआला ने लानत की है?

इस्लाम में बिदअत (नवाचार) यानी ऐसे काम जो दीन में नबी ﷺ और सहाबा के ज़माने में नहीं थे, उन्हें ईजाद करना बहुत बड़ा गुनाह माना गया है।रसूल-ए-अकरम

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जब मक्का के लोगों ने रसूल-अल्लाह ﷺ से मुअजज़ा माँगा, तो उन्होंने क्या दिखाया?

नबी-ए-पाक ﷺ के ज़माने में मक्का के लोगों ने आपसे आपकी सच्चाई का सबूत (मुअजज़ा) मांगा।अल्लाह तआला ने अपने हबीब ﷺ के हाथों एक ऐसा अजीबो-गरीब

जब मक्का के लोगों ने रसूल-अल्लाह ﷺ से मुअजज़ा माँगा, तो उन्होंने क्या दिखाया? जवाब देखे »

सिदरतुल मुन्तहा के क़रीब कौन सी जन्नत है?

मेरा’ज की उस मुबारक रात का ज़िक्र जब रहमतुल लिल आलमीन ﷺ को आसमानों की सैर कराई गई, कुरान करीम में बड़े प्यार से किया गया है।

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अल्लाह सुब्हानहु ने किसके लिए ये फरमाया कि — “जिस दिन वो पैदा हुए, जिस दिन वफ़ात पाएंगे और जिस दिन ज़िंदा करके उठाए जाएंगे, उन पर सलाम और रहमत है?”

क़ुरआन करीम में कुछ अनोखी हस्तियों का ज़िक्र है जिन पर अल्लाह तआला ने दुनिया और आख़िरत दोनों में सलाम और रहमत का ऐलान किया।क्या आप जानते

अल्लाह सुब्हानहु ने किसके लिए ये फरमाया कि — “जिस दिन वो पैदा हुए, जिस दिन वफ़ात पाएंगे और जिस दिन ज़िंदा करके उठाए जाएंगे, उन पर सलाम और रहमत है?” जवाब देखे »

इनमें से जन्नत के बीच का दरवाज़ा किसे कहा गया है?

इस्लाम में माँ-बाप का दर्जा बहुत ऊँचा है। जहाँ माँ के क़दमों के नीचे जन्नत बताई गई है, वहीं एक हदीस में “बाप” को जन्नत के

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कौन-सा ज़िक्र कहने पर ये फरमाया गया है कि बंदे को जो दिया गया है, वो उस चीज़ से अफ़ज़ल है जो उसने ली है?

हम सब अपनी ज़िंदगी में अल्लाह की दी हुई नेमतों से घिरे हुए हैं — सांस, सेहत, खाना, घर, परिवार, ईमान। लेकिन क्या आप जानते

कौन-सा ज़िक्र कहने पर ये फरमाया गया है कि बंदे को जो दिया गया है, वो उस चीज़ से अफ़ज़ल है जो उसने ली है? जवाब देखे »

कौन-से शख्स के लिए इरशाद फरमाया गया है कि वो अल्लाह सुब्हानहु से बहुत दूर है?

इस्लाम हमें नर्म दिल, रहमदिल और जिक्र-ए-इलाही में मग्न रहने की तालीम देता है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनका दिल इतना सख्त

कौन-से शख्स के लिए इरशाद फरमाया गया है कि वो अल्लाह सुब्हानहु से बहुत दूर है? जवाब देखे »

अल्लाह ने रसूलअल्लाह (ﷺ) से शब-ए-क़द्र के मालूम होने का इल्म किस वजह से उठा लिया?

रमज़ान की मुक़द्दस रातों में से एक रात है शब-ए-क़द्र, जिसे कुरआन में “हज़ार महीनों से बेहतर” बताया गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि

अल्लाह ने रसूलअल्लाह (ﷺ) से शब-ए-क़द्र के मालूम होने का इल्म किस वजह से उठा लिया? जवाब देखे »