सदक़ा-ए-फ़ित्र कब अदा किया जाए?
ईद उल-फ़ित्र सिर्फ़ खुशी का दिन नहीं, बल्कि इंसानियत और हिकमत का भी दिन है। इस दिन मुसलमानों पर एक अहम ज़िम्मेदारी होती है — सदक़ा-ए-फ़ित्र अदा […]
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ईद उल-फ़ित्र सिर्फ़ खुशी का दिन नहीं, बल्कि इंसानियत और हिकमत का भी दिन है। इस दिन मुसलमानों पर एक अहम ज़िम्मेदारी होती है — सदक़ा-ए-फ़ित्र अदा […]
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रमज़ानुल मुबारक का महीना बरकतों और रहमतों से भरा होता है, लेकिन इसकी एक रात ऐसी है जो सारी रातों की सरदार है — शब-ए-क़द्र। यह
किस रात जिब्रील अलैहिस्सलाम और फ़रिश्ते अल्लाह के हुक्म से ज़मीन पर उतरते हैं? जवाब देखे »
ज़कात इस्लाम का एक अहम स्तंभ है जो समाज में बराबरी और रहमत का कारण बनता है। लेकिन जो लोग ज़कात अदा नहीं करते, उनके
क़यामत के दिन गंजे साँप का तौक़ किस शख़्स को पहनाया जाएगा? जवाब देखे »
इस्लाम ने औरतों को इबादत और नेकियों में हिस्सा लेने से नहीं रोका, बल्कि उन्हें भी अल्लाह की रहमत के मौकों पर शामिल होने की
रसोअल्लाह (ﷺ) ने औरतों के ईदगाह जाने के बारे में क्या फरमाया है? जवाब देखे »
इस्लाम में नमाज़ ईमान की पहचान और बंदे के अल्लाह से सीधे रिश्ता रखने का ज़रिया है। लेकिन कुछ नमाज़ें ऐसी हैं जो मुनाफ़िक़ों (दिखावे
वो कौन सी दो नमाज़ें हैं जो मुनाफ़िक़ों पर ज़्यादा भारी हैं? जवाब देखे »
अल्लाह तआला ने इंसान को नेकियों की हिदायत दी है ताकि वो गुनाहों और फितनों से दूर रह सके। लेकिन क्या आप जानते हैं कि
वो कौन सी नेकी है जो इंसान को बेहयाई और बुराई से रोकती है? जवाब देखे »
नमाज़ में जमात का बहुत बड़ा दर्जा है और इसमें पहली सफ़ (लाइन) में खड़े होने वालों के लिए अल्लाह और उसके रसूल ﷺ ने खास फज़ीलत
वो कौन से लोग हैं जिनके लिए रसूलअल्लाह ﷺ तीन मरतबा बख्शिश की दुआ करते थे? जवाब देखे »
जब अज़ान की पुकार गूँजती है, तो यह हमें अल्लाह की याद और नमाज़ की दावत की याद दिलाती है। लेकिन बहुत से लोग नहीं
जब अज़ान सुनो और ये अल्फ़ाज़ आए “हय्या अलस्सलाह” तो इन में से क्या कहना चाहिए? जवाब देखे »
हर मुसलमान की तमन्ना होती है कि वह रात के सुकून भरे लम्हों में उठकर तहज्जुद की नमाज़ अदा करे, लेकिन बहुत से लोग चाहकर
जो शख्स रात को तहज्जुद पढ़ने के लिए बेदार नहीं हो सके, तो वो कौन-सा अमल करे? जवाब देखे »
इस्लाम में इंसान की इज़्ज़त और हिफ़ाज़त को बहुत अहमियत दी गई है। अक्सर लोग यह भूल जाते हैं कि किसी की गैर-मौजूदगी में उसकी इज़्ज़त की
अल्लाह सुब्हानहु क़यामत के दिन इनमें से किसका चेहरा जहन्नम से महफ़ूज़ रखेगा? जवाब देखे »
कभी सोचा है कि इस्लाम में ऐसा कौन-सा नेक अमल है जो नमाज़, रोज़ा और ज़कात जैसे अज़ीम इबादतों से भी ऊँचा दर्जा रखता है? रसूलअल्लाह
वो कौन-सा अमल है जो दर्जे में नमाज़, रोज़े और ज़कात से भी बढ़कर है? जवाब देखे »
हर साल रमज़ान में यह सवाल ज़रूर उठता है कि सहाबा ने रसूल-अल्लाह ﷺ के साथ कितनी रात तरावीह अदा की थी। आइए इस मुकम्मल
सहाबा ने रमज़ान में रसूल-अल्लाह ﷺ के साथ तरावीह कितनी रात पढ़ी? जवाब देखे »
कुरआन सिर्फ ज़ुबान से पढ़ने की चीज़ नहीं, बल्कि दिल से समझने और अमल करने की किताब है। लेकिन रसूलअल्लाह ﷺ ने ऐसे लोगों के
रमज़ान का महीना रहमत, बरकत और मग़फ़िरत का महीना है। इस मुबारक महीने में अल्लाह तआला अपने बंदों पर रहमत के दरवाज़े खोल देता है
रमज़ान के आते ही जन्नत का कौन-सा दरवाज़ा खुलता है? जवाब देखे »
कुरआन सिर्फ़ तिलावत करने की किताब नहीं, बल्कि ज़िंदगी बदल देने वाला कलाम है। इस पर अमल करने से अल्लाह तआला क़ौमों को ऊँचाई देता
इन में से किसके ज़रिए अल्लाह सुब्हानहु किसी क़ौम को बुलंदी या ज़िल्लत देता है? जवाब देखे »
रोज़ा सिर्फ़ भूख और प्यास से रुकने का नाम नहीं, बल्कि यह सब्र, तहम्मुल और अल्लाह की रज़ा हासिल करने का ज़रिया है। अल्लाह तआला
रोज़ेदार के सामने जब खाना खाया जाए और वो सब्र करें तो क्या होता है? जवाब देखे »
इंसान अक़्सर अपने इल्म, माल या ताक़त पर ग़ुरूर कर बैठता है, लेकिन कुरआन मजीद हमें बार-बार याद दिलाता है कि असल में हम सब
कुरआन की किस सूरह में अल्लाह ने फ़रमाया कि “तुम सब अल्लाह के मोहताज और फ़क़ीर हो”? जवाब देखे »
रमज़ान का महीना सिर्फ़ रोज़े रखने का नहीं, बल्कि अल्लाह के क़रीब होने का भी बेहतरीन वक़्त है। इस महीने में अल्लाह तआला अपने खास
रोज़ेदार का इस्तक़बाल जन्नत के किस दरवाज़े से किया जाएगा? जवाब देखे »
क़ुरान-ए-करीम में अल्लाह तआला ने अपनी कुदरत की कई निशानियाँ बयान की हैं — आसमान से बारिश, ज़मीन से उगती फ़सलें और खजूर के दरख्त
अल्लाह सुब्हानहु ने क़ुरान करीम में “तलाउ़न नदीद” लफ़्ज़ किसके लिए इस्तेमाल किया है? जवाब देखे »
रमज़ान का महीना रहमत, बरकत और मग़फ़िरत का मौसम है। इस मुबारक महीने में अल्लाह तआला अपने बंदों पर इतनी रहमत बरसाता है कि जन्नत
रमज़ान के महीने में जन्नत के कितने दरवाज़े खोल दिए जाते हैं? जवाब देखे »
काबा शरीफ इस्लाम की सबसे मुक़द्दस जगह है — जहां हर मुसलमान का दिल सजदे में झुकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि काबा शरीफ
इनमें से कौन-से सहाबी के पास काबा शरीफ के दरवाज़े की कुंजी रहती थी? जवाब देखे »
रमज़ान की रातें अल्लाह की रहमतों से भरी होती हैं। बहुत से लोग यह जानना चाहते हैं कि इन रातों में की जाने वाली नमाज़
रमज़ान की (रातों में) नमाज़ पढ़ने की फ़ज़ीलत क्या है? जवाब देखे »
क्या आपने कभी सोचा है कि अल्लाह तआला अपनी मख़लूक़ (बंदों) की कौन-सी बात को सबसे ज़्यादा ध्यान से सुनते हैं?हर इंसान की दुआ, इबादत और ज़िक्र
इनमें से वो क्या है जिसे अल्लाह सुब्हानहु सबसे ज़्यादा मतवज्जा होकर सुनते हैं? जवाब देखे »
रमज़ान का महीना सिर्फ बरकतों का नहीं बल्कि बेशुमार सवाब का भी मौसम है। अल्लाह तआला ने इस महीने के रोज़ों में इतनी बरकत रखी
रमज़ान के एक महीने के रोज़े कितने महीनों के रोज़ों के बराबर हैं? जवाब देखे »
फ़तेह मक्का इस्लाम के इतिहास का वह मुक़द्दस लम्हा था जब रहमतुल्लिल आलमीन ﷺ अपने सिर को झुकाए, अल्लाह की हम्द करते हुए मक्का में दाख़िल हुए।इस
फ़तेह मक्का के दिन आप ﷺ अपनी ऊँटनी पर सवार होकर कौन-सी सूरह की तिलावत फरमा रहे थे? जवाब देखे »
रमज़ान का महीना रहमतों और बरकतों से भरा होता है। इस मुबारक महीने में हर नेकी और इबादत का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता
क़ुरआन करीम में अल्लाह तआला ने उन लोगों के लिए बेहद सख़्त चेतावनी दी है जो यतीमों का हक़ मारते हैं।ऐसे लोग सोचते हैं कि वो
रोज़े के दौरान मेडिकल ज़रूरतें कभी-कभी उलझन पैदा कर देती हैं—ख़ासकर इंजेक्शन, दवाई या इलाज के मामले में। एक आम सवाल यह है कि बेहोशी देने
रोज़ेदार अगर एनेस्थेटिक इंजेक्शन (बेहोश करने वाला इंजेक्शन) ले तो क्या होगा? जवाब देखे »
इस्लामी इतिहास में कुछ सहाबा ऐसे हैं जिनकी कुर्बानियाँ और मक़ाम अल्लाह तआला ने बहुत ऊँचा किया।ऐसे ही एक सहाबी हैं हज़रत जाफ़र बिन अबी तालिब
वो कौन से सहाबी हैं जिनको रसूल-अल्लाह ﷺ ने जन्नत में फरिश्तों के साथ उड़ते हुए देखा? जवाब देखे »
रमज़ान बरकतों और रहमतों का महीना है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ एक महीने के रोज़े कितने महीनों के रोज़ों के बराबर होते हैं? हदीस
रमज़ान के एक महीने के रोज़े कितने महीनों के रोज़ों के बराबर हैं? जवाब देखे »