मुँह या नाक से खून बहने से रोज़ा टूट जाता है?
रमज़ान के महीने में रोज़ा रखते वक्त बहुत से लोगों के मन में ये सवाल आता है कि —अगर नाक या मुँह से खून निकल आए, […]
मुँह या नाक से खून बहने से रोज़ा टूट जाता है? जवाब देखे »
रमज़ान के महीने में रोज़ा रखते वक्त बहुत से लोगों के मन में ये सवाल आता है कि —अगर नाक या मुँह से खून निकल आए, […]
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रमज़ान के महीने में रोज़ा रखना सिर्फ़ भूख-प्यास सहना नहीं, बल्कि नेकी और इनाम कमाने का सुनहरा मौक़ा है।लेकिन क्या आप जानते हैं — अगर आप किसी
किसी रोज़ेदार को इफ़्तार कराने वाले को क्या सवाब मिलेगा? जवाब देखे »
क़ुरआन मजीद में अल्लाह तआला ने कई जगह जहन्नम की सज़ाओं का ज़िक्र किया है।सूरह अल-हुमाज़ा में अल्लाह ने एक खास आग — “हुतामा” — का ज़िक्र किया
अल्लाह सुभानहु ने क़ुरआन में फ़रमाया: “वमा अदराका मल हुतमह” – हुतामा क्या है? जवाब देखे »
जिब्रील (अलैहिस्सलाम) वो बरकतवाले फरिश्ते हैं जो अल्लाह तआला की तरफ़ से वही (इल्हाम) लेकर नबी और रसूलों के पास आते रहे।क़ुरआन मजीद में उनका नाम सिर्फ़
क़ुरआन में जिब्रील (अलैहिस्सलाम) का नाम कितनी बार आया है? जवाब देखे »
कभी-कभी छोटी-सी बातें हमारे ईमान और पहचान को ज़ाहिर करती हैं। इस्लाम में साफ-सफाई और सुन्नत पर अमल करना बहुत अहम है। ऐसी ही एक
रसूलअल्लाह ﷺ ने फरमाया: “वो हम में से नहीं जो क्या नहीं करता” जवाब देखे »
इस्लाम में वालिदैन (माता-पिता) का बहुत ऊँचा मुकाम है। जहाँ माँ के कदमों के नीचे जन्नत बताई गई है, वहीं वालिद (पिता) को जन्नत के बीच के दरवाज़े के तौर पर
इनमें से जन्नत के बीच का दरवाज़ा किसे कहा गया है? जवाब देखे »
उस ख़ुशनसीब सहाबी का क्या नाम है जिनके लिए रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया था: “तुम पर मेरे माँ-बाप क़ुर्बान हों”? इस्लामी इतिहास में कुछ सहाबा-ए-किराम
कौन-से सहाबी के लिए रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया कि उनके जनाज़े को फ़रिश्ते उठा रहे थे? जवाब देखे »
क़ुरआन-ए-मजीद में अल्लाह तआला ने अपने बहुत से सुंदर और पाक नामों (अस्मा-उल-हुस्ना) का ज़िक्र किया है। हर नाम में अल्लाह की किसी न किसी
इनमें से वो कौन-सी सूरह है जिसमें एक ही आयत में अल्लाह तआला के 9 नाम लिए गए हैं? जवाब देखे »
इस्लाम में नमाज़ (सलात) एक बहुत अहम इबादत है। यह सिर्फ़ अल्लाह से राब्ता (संबंध) का ज़रिया नहीं, बल्कि बंदे की ग़लतियों की तर्बियत (सुधार) का भी
कुरआन मजीद में कितने सज्दा-ए-सहव हैं? जवाब देखे »
क़ुरआन-ए-पाक में अल्लाह तआला ने अपने प्यारे रसूल ﷺ का ज़िक्र अनगिनत जगहों पर उनकी शान, रहमत और मिशन के साथ किया है।लेकिन क्या आप जानते हैं
रसूलुल्लाह ﷺ का मुबारक नाम “मुहम्मद” क़ुरआन में कितनी बार आया है? जवाब देखे »
क़ुरआन मजीद में अल्लाह तआला ने इंसान को आख़िरत की हक़ीक़त समझाने के लिए कई जगहों पर बेहद गहरी और सोचने वाली तश्बीहें (उदाहरण) दी हैं। उन्हीं
क़ुरआन करीम में हज़रत मूसा (अलैहि सलाम) का वाक़िआ एक बहुत बड़ा सबक है। अल्लाह तआला ने उन्हें सीधे “वादि-ए-तुवा” नामक मुक़द्दस जगह पर बुलाया और एक अहम हुक्म
क़यामत का दिन ऐसा होगा जब पूरी कायनात हिल जाएगी, पहाड़ रेत की तरह बिखर जाएंगे और आसमान तक लपेट दिए जाएंगे। अल्लाह तआला अपनी
क़यामत के दिन आसमान कहाँ होंगे? जवाब देखे »
सूरह फ़ातिहा, जिसे उम्मुल किताब यानी “क़ुरान की माँ” कहा गया है, पूरी क़ुरान का सार है।इस छोटी सी सूरह में अल्लाह तआला की तारीफ़, रहमत और मालिक़ियत का
सूरह फ़ातिहा में अल्लाह सुब्हानहु के कितने नाम हैं (जिसमें “अल्लाह” भी शामिल है)? जवाब देखे »
क़ुरान करीम में अल्लाह तआला ने अपनी क़ुदरत और हिकमत को बयान करने के लिए कई जगहों पर क़सम खाई है।कुछ क़समें उन फरिश्तों की भी हैं
कुरान-ए-पाक में इंसान के नफ़्स के तीन दर्ज़े बताए गए हैं — नफ़्स-ए-अम्मारह, नफ़्स-ए-लव्वामा और नफ़्स-ए-मुतमइन्ना।इनमें से नफ़्स-ए-अम्मारह वह है जो इंसान को बुराई और गुनाह की तरफ़ उकसाता है। आइए जानते हैं
कुरान के हिसाब से “अम्मारह (أَمَّارَةٌ)” क्या है? जवाब देखे »
अल्लाह के फरिश्तों में सबसे मुक़र्रब फरिश्ता हैं — जिब्रील (अलैहिस्सलाम)। वो वही फरिश्ता हैं जो अल्लाह के हुक्म से वही लेकर नबी ﷺ के पास आते
कुरान में नफ़्स के तीन मरातिब (स्तर) बताए गए हैं —1️⃣ नफ़्स-ए-अम्मारह — जो बुराई की तरफ़ उकसाता है।2️⃣ नफ़्स-ए-लव्वामह — जो गुनाह करने पर खुद को मलामत (डाँट) करता है।3️⃣ नफ़्स-ए-मुतमइन्ना — जो अल्लाह
कुरान के हिसाब से “अल-लव्वामह (اللَّوَّامَةُ)” क्या है? जवाब देखे »
इस्लाम के सुनहरे इतिहास में बहुत सी सहाबियात ((रज़ियल्लाहु अन्हा)) ऐसी गुज़री हैं जिन्होंने रसूल-अल्लाह ﷺ से बेपनाह मोहब्बत की।उनकी अकीदत (श्रद्धा) और मोहब्बत का
वो कौन सी सहाबिया थीं जो रसूल-अल्लाह ﷺ का पसीना मुबारक बरकत के लिए इस्तेमाल करती थीं? जवाब देखे »
अल्लाह तआला ने अपनी किताब क़ुरआन करीम में कई क़ौमों का ज़िक्र किया है जिन पर उनके गुनाहों और नाफ़रमानी की वजह से अज़ाब आया।लेकिन कुछ क़ौमों को अल्लाह
इस्लाम ने इंसान की फितरत और जरूरतों का पूरा खयाल रखा है। शादी (निकाह) इंसानी ज़िंदगी का अहम हिस्सा है — ये नफ़्स की हिफाज़त,
जो निकाह की ताक़त नहीं रखता, उसे क्या करना चाहिए? जवाब देखे »
इस्लाम में शराब को “उम्मुल खबाएस” यानी बुराइयों की मां कहा गया है। यह इंसान की अक्ल को छीन लेती है, गुनाहों का दरवाज़ा खोल
रसूलअल्लाह ﷺ ने इनमें से किसे बुत-परस्त की तरह कहा है? जवाब देखे »
क़ुरान करीम में दो फरिश्तों — हरूत और मारूत — का ज़िक्र आता है।इन दोनों का ज़िक्र उस वक्त के लोगों के संदर्भ में किया गया है
क़ुरान के हिसाब से हरूत और मारूत क्या हैं? जवाब देखे »
इस्रा और मेराज की मुबारक रात में जब अल्लाह तआला ने अपने हबीब रासूलअल्लाह ﷺ को आसमानों की सैर कराई,तो हर आसमान पर एक या एक से
कुरान मजीद में अल्लाह तआला ने अपने नेक (इबादतगुज़ार) बंदों की कई खूबसूरत सिफ़ात (गुण) बयान की हैं। उनमें से एक बड़ी खूबसूरत बात यह है कि जब जाहिल (अज्ञान)
क्या आप जानते हैं कि रसूलअल्लाह ﷺ के कई मुबारक नाम हैं और हर नाम के पीछे एक गहरी हिकमत (बुद्धि) छुपी है? इन्हीं में से एक
इनमें से कौन-सा नाम रासूलअल्लाह ﷺ का है? जवाब देखे »
इस्लाम में शराब इस्लाम में शराब को सख़्ती से हराम किया गया है, क्योंकि यह न केवल इंसान की अकल को ढक लेती है बल्कि हर बुराई और गुनाह
रसूल-अल्लाह ﷺ ने किसे “مِفْتَاحُ كُلِّ شَرٍّ” यानी हर बुराई की कुंजी (चाबी) कहा है? जवाब देखे »
अल्लाह तआला ने अपने कई नबियों को ख़ास ख़ास मौजज़े (चमत्कार) दिए।हज़रत सुलेमान (अलैहिस्सलाम) को दी गई सबसे अनोखी नेमतों में से एक थी — हवा पर
सुलेमान (अलैहिस्सलाम) हवा के ज़रिए एक सुबह में कितना सफर तय कर लेते थे? जवाब देखे »
इस्लाम में बिदअत (नवाचार) यानी ऐसे काम जो दीन में नबी ﷺ और सहाबा के ज़माने में नहीं थे, उन्हें ईजाद करना बहुत बड़ा गुनाह माना गया है।रसूल-ए-अकरम
इनमें से किस पर अल्लाह तआला ने लानत की है? जवाब देखे »
नबी-ए-पाक ﷺ के ज़माने में मक्का के लोगों ने आपसे आपकी सच्चाई का सबूत (मुअजज़ा) मांगा।अल्लाह तआला ने अपने हबीब ﷺ के हाथों एक ऐसा अजीबो-गरीब
जब मक्का के लोगों ने रसूल-अल्लाह ﷺ से मुअजज़ा माँगा, तो उन्होंने क्या दिखाया? जवाब देखे »