इस्लामी ज्ञान

कुरआन मजीद में कितने सज्दा-ए-सहव हैं?

इस्लाम में नमाज़ (सलात) एक बहुत अहम इबादत है। यह सिर्फ़ अल्लाह से राब्ता (संबंध) का ज़रिया नहीं, बल्कि बंदे की ग़लतियों की तर्बियत (सुधार) का भी […]

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मरहूम (दुनिया से चले गए) रिश्तेदार की तरफ से कौन-कौन से अमल किए जा सकते हैं?

यह सवाल अक्सर पूछा जाता है कि हम अपने मरहूम रिश्तेदारों की तरफ से कौन-से नेक अमल कर सकते हैं जिनका सवाब उन्हें पहुँचे?हदीस से इसका

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यह वसीयत किस नबी ने अपने बेटों को की थी: “अल्लाह ने तुम्हारे लिए यही दीन पसन्द किया है, इसलिए मुसलमान ही मरना”

यह सवाल हमें याद दिलाता है कि अल्लाह ने सभी अंबिया के ज़रिये एक ही दीन भेजा — इस्लाम।नबी याकूब (अलैहिस्सलाम) ने भी आख़िरी वक़्त अपने

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