रोज़ा और रमज़ान

शब-ए-क़द्र को क़ुरआन में किस से बेहतर कहा गया है?

शब-ए-क़द्र (लैलतुल क़द्र) इस्लाम की सबसे मुबारक रातों में से एक है। यह वह रात है जिसमें क़ुरआन-ए-करीम का नुज़ूल हुआ और जिसमें बंदे की […]

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सदक़ा-ए-फ़ित्र कब अदा किया जाए?

ईद उल-फ़ित्र सिर्फ़ खुशी का दिन नहीं, बल्कि इंसानियत और हिकमत का भी दिन है। इस दिन मुसलमानों पर एक अहम ज़िम्मेदारी होती है — सदक़ा-ए-फ़ित्र अदा

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रोज़ेदार के सामने जब खाना खाया जाए और वो सब्र करें तो क्या होता है?

रोज़ा सिर्फ़ भूख और प्यास से रुकने का नाम नहीं, बल्कि यह सब्र, तहम्मुल और अल्लाह की रज़ा हासिल करने का ज़रिया है। अल्लाह तआला

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रोज़ेदार का इस्तक़बाल जन्नत के किस दरवाज़े से किया जाएगा?

रमज़ान का महीना सिर्फ़ रोज़े रखने का नहीं, बल्कि अल्लाह के क़रीब होने का भी बेहतरीन वक़्त है। इस महीने में अल्लाह तआला अपने खास

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