क़ुरान और हदीस

क़ुरान की आयतों और हदीस से संबंधित सभी सवालों के लिए।

वो कौन-सी सूरह है जिसको सोते वक़्त पढ़ने से इंसान शिर्क जैसे ख़तरनाक फ़ितने से महफ़ूज़ हो जाता है?

सूरह काफ़िरून की फज़ीलत, शिर्क से बचाव, सोने से पहले की दुआ, हदीस इन हिंदी, इस्लामी जानकारी, इस्लामिक सवाल जवाब हिंदी, क़ुरान की सूरह का […]

वो कौन-सी सूरह है जिसको सोते वक़्त पढ़ने से इंसान शिर्क जैसे ख़तरनाक फ़ितने से महफ़ूज़ हो जाता है? जवाब देखे »

वो कौन-सी रात है जब अल्लाह तआला आसमानी दुनिया पर नुज़ूल फरमाता है और फरमाता है “कौन है मांगने वाला जिसे मैं अता करूं?”

क्या आप जानते हैं कि अल्लाह तआला हर रात अपने बंदों से ख़ास अंदाज़ में रहमत और मग़फिरत की पुकार करता है? ये कोई एक

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किस रात में इंसान की तक़दीर यानी रिज़्क, उम्र और मौत का वक्त लिखा जाता है?

हर इंसान ये जानना चाहता है कि उसकी तक़दीर यानी रिज़्क, उम्र और मौत का वक्त कब लिखा जाता है। इस्लाम हमें बताता है कि ये सब एक मुबारक रात में

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हिजरी कैलेंडर का कौनसा महीना रमज़ान कहलाता है?

रमज़ान का महीना मुसलमानों के लिए बरकतों, रहमतों और मग़फिरत का महीना है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हिजरी कैलेंडर में रमज़ान कौन से नंबर का

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शब-ए-क़द्र को क़ुरआन में किस से बेहतर कहा गया है?

शब-ए-क़द्र (लैलतुल क़द्र) इस्लाम की सबसे मुबारक रातों में से एक है। यह वह रात है जिसमें क़ुरआन-ए-करीम का नुज़ूल हुआ और जिसमें बंदे की

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सदक़ा-ए-फ़ित्र कब अदा किया जाए?

ईद उल-फ़ित्र सिर्फ़ खुशी का दिन नहीं, बल्कि इंसानियत और हिकमत का भी दिन है। इस दिन मुसलमानों पर एक अहम ज़िम्मेदारी होती है — सदक़ा-ए-फ़ित्र अदा

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किस रात जिब्रील अलैहिस्सलाम और फ़रिश्ते अल्लाह के हुक्म से ज़मीन पर उतरते हैं?

रमज़ानुल मुबारक का महीना बरकतों और रहमतों से भरा होता है, लेकिन इसकी एक रात ऐसी है जो सारी रातों की सरदार है — शब-ए-क़द्र। यह

किस रात जिब्रील अलैहिस्सलाम और फ़रिश्ते अल्लाह के हुक्म से ज़मीन पर उतरते हैं? जवाब देखे »

रसोअल्लाह (ﷺ) ने औरतों के ईदगाह जाने के बारे में क्या फरमाया है?

इस्लाम ने औरतों को इबादत और नेकियों में हिस्सा लेने से नहीं रोका, बल्कि उन्हें भी अल्लाह की रहमत के मौकों पर शामिल होने की

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वो कौन सी दो नमाज़ें हैं जो मुनाफ़िक़ों पर ज़्यादा भारी हैं?

इस्लाम में नमाज़ ईमान की पहचान और बंदे के अल्लाह से सीधे रिश्ता रखने का ज़रिया है। लेकिन कुछ नमाज़ें ऐसी हैं जो मुनाफ़िक़ों (दिखावे

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वो कौन सी नेकी है जो इंसान को बेहयाई और बुराई से रोकती है?

अल्लाह तआला ने इंसान को नेकियों की हिदायत दी है ताकि वो गुनाहों और फितनों से दूर रह सके। लेकिन क्या आप जानते हैं कि

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वो कौन से लोग हैं जिनके लिए रसूलअल्लाह ﷺ तीन मरतबा बख्शिश की दुआ करते थे?

नमाज़ में जमात का बहुत बड़ा दर्जा है और इसमें पहली सफ़ (लाइन) में खड़े होने वालों के लिए अल्लाह और उसके रसूल ﷺ ने खास फज़ीलत

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जब अज़ान सुनो और ये अल्फ़ाज़ आए “हय्या अलस्सलाह” तो इन में से क्या कहना चाहिए?

जब अज़ान की पुकार गूँजती है, तो यह हमें अल्लाह की याद और नमाज़ की दावत की याद दिलाती है। लेकिन बहुत से लोग नहीं

जब अज़ान सुनो और ये अल्फ़ाज़ आए “हय्या अलस्सलाह” तो इन में से क्या कहना चाहिए? जवाब देखे »

जो शख्स रात को तहज्जुद पढ़ने के लिए बेदार नहीं हो सके, तो वो कौन-सा अमल करे?

हर मुसलमान की तमन्ना होती है कि वह रात के सुकून भरे लम्हों में उठकर तहज्जुद की नमाज़ अदा करे, लेकिन बहुत से लोग चाहकर

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वो क्या है जिसे कुछ लोग इस तरह ठीक करेंगे जैसे तीर को दुरुस्त किया जाता है, क्योंकि वो उसकी जज़ा (इनाम) दुनिया में ही चाहेंगे?

कुरआन सिर्फ ज़ुबान से पढ़ने की चीज़ नहीं, बल्कि दिल से समझने और अमल करने की किताब है। लेकिन रसूलअल्लाह ﷺ ने ऐसे लोगों के

वो क्या है जिसे कुछ लोग इस तरह ठीक करेंगे जैसे तीर को दुरुस्त किया जाता है, क्योंकि वो उसकी जज़ा (इनाम) दुनिया में ही चाहेंगे? जवाब देखे »

इन में से किसके ज़रिए अल्लाह सुब्हानहु किसी क़ौम को बुलंदी या ज़िल्लत देता है?

कुरआन सिर्फ़ तिलावत करने की किताब नहीं, बल्कि ज़िंदगी बदल देने वाला कलाम है। इस पर अमल करने से अल्लाह तआला क़ौमों को ऊँचाई देता

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कुरआन की किस सूरह में अल्लाह ने फ़रमाया कि “तुम सब अल्लाह के मोहताज और फ़क़ीर हो”?

इंसान अक़्सर अपने इल्म, माल या ताक़त पर ग़ुरूर कर बैठता है, लेकिन कुरआन मजीद हमें बार-बार याद दिलाता है कि असल में हम सब

कुरआन की किस सूरह में अल्लाह ने फ़रमाया कि “तुम सब अल्लाह के मोहताज और फ़क़ीर हो”? जवाब देखे »

अल्लाह सुब्हानहु ने क़ुरान करीम में “तलाउ़न नदीद” लफ़्ज़ किसके लिए इस्तेमाल किया है?

क़ुरान-ए-करीम में अल्लाह तआला ने अपनी कुदरत की कई निशानियाँ बयान की हैं — आसमान से बारिश, ज़मीन से उगती फ़सलें और खजूर के दरख्त

अल्लाह सुब्हानहु ने क़ुरान करीम में “तलाउ़न नदीद” लफ़्ज़ किसके लिए इस्तेमाल किया है? जवाब देखे »

इनमें से वो क्या है जिसे अल्लाह सुब्हानहु सबसे ज़्यादा मतवज्जा होकर सुनते हैं?

क्या आपने कभी सोचा है कि अल्लाह तआला अपनी मख़लूक़ (बंदों) की कौन-सी बात को सबसे ज़्यादा ध्यान से सुनते हैं?हर इंसान की दुआ, इबादत और ज़िक्र

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“वो अपने पेट में दोज़ख की आग भरते हैं, और अनक़रीब आग में दाख़िल होंगे।” — ये किन लोगों के बारे में कहा गया है?

क़ुरआन करीम में अल्लाह तआला ने उन लोगों के लिए बेहद सख़्त चेतावनी दी है जो यतीमों का हक़ मारते हैं।ऐसे लोग सोचते हैं कि वो

“वो अपने पेट में दोज़ख की आग भरते हैं, और अनक़रीब आग में दाख़िल होंगे।” — ये किन लोगों के बारे में कहा गया है? जवाब देखे »

Mekaeel ka naam Quran mein

मीकाईल (अलैहिस्सलाम) का नाम कुरआन में कितनी बार आया है?

क्या आप जानते हैं कि अल्लाह तआला के मुकर्रब (करीबी) फरिश्तों में से एक — हज़रत मीकाईल (अलैहिस्सलाम) — का नाम पूरे कुरआन-ए-मजीद में सिर्फ एक ही

मीकाईल (अलैहिस्सलाम) का नाम कुरआन में कितनी बार आया है? जवाब देखे »