कौन-सी नमाज़ के बाद नफ़्ल नमाज़ नहीं पढ़नी चाहिए?
नमाज़ हमारी रोज़मर्रा की इबादत है, लेकिन कई बार हम यह भूल जाते हैं कि कौन-सी नमाज़ के बाद नफ़्ल पढ़ना मना है।हदीस के मुताबिक […]
कौन-सी नमाज़ के बाद नफ़्ल नमाज़ नहीं पढ़नी चाहिए? जवाब देखे »
क़ुरान की आयतों और हदीस से संबंधित सभी सवालों के लिए।
नमाज़ हमारी रोज़मर्रा की इबादत है, लेकिन कई बार हम यह भूल जाते हैं कि कौन-सी नमाज़ के बाद नफ़्ल पढ़ना मना है।हदीस के मुताबिक […]
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मी’राज़ की हक़ीक़त में कई ऐसे राज़ हैं जिन्हें सिर्फ़ चुने हुए बंदे ही देख सके। उन्हीं में से एक है — सिदरत अल-मुन्तहा और उसके पास
सिद्रत अल-मुन्तहा के पास कौन-सी जन्नत है? जवाब देखे »
रमज़ान की मुबारक रातों में एक रात ऐसी होती है जो इंसान की पूरी ज़िंदगी बदल सकती है—शब-ए-क़द्र। बहुत से लोग पूछते हैं कि इस
शब-ए-क़द्र में इबादत का सवाब कितना है? जवाब देखे »
इस्रा व मेराज की रात अल्लाह ने अपने प्यारे नबी ﷺ को वह मंज़िले दिखाईं जो किसी इंसान ने पहले नहीं देखीं। इस सफ़र के
मेराज की रात बैतुल-मुकद्दस में प्यारे नबी ﷺ को कौन-से 2 प्याले पेश किए गए थे? जवाब देखे »
इस्लामी इतिहास में कई ऐसे मौजिज़े (चमत्कार) दर्ज हैं जो ईमान को और मज़बूत कर देते हैं। ग़ज़वा-ए-बद्र में एक ऐसा ही वाक़िया पेश आया
वो कौन से सहाबी थे जिनको ग़ज़वा-ए-बद्र में रसूलल्लाह ﷺ ने एक लकड़ी दी जो तलवार बन गई? जवाब देखे »
यह सवाल हमें याद दिलाता है कि अल्लाह ने सभी अंबिया के ज़रिये एक ही दीन भेजा — इस्लाम।नबी याकूब (अलैहिस्सलाम) ने भी आख़िरी वक़्त अपने
इस्लाम में दूसरों की बातें छिपकर सुनना इस्लाम में दूसरों की बातें छिपकर सुनना एक बड़ा गुनाह बताया गया है।क़यामत के दिन ऐसे लोगों के लिए बहुत ही
क़यामत के दिन किसके कानों में शीशा पिघला कर डाला जाएगा? जवाब देखे »
कुरआन में कई ऐसे वाक़ियात हैं जो इंसान के ईमान को मज़बूत करते हैं। उनमें से एक हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) का वाक़िया है, जब उन्होंने अल्लाह तआला
रमज़ान के महीने में रोज़ा रखते वक्त बहुत से लोगों के मन में ये सवाल आता है कि —अगर नाक या मुँह से खून निकल आए,
मुँह या नाक से खून बहने से रोज़ा टूट जाता है? जवाब देखे »
रमज़ान के महीने में रोज़ा रखना सिर्फ़ भूख-प्यास सहना नहीं, बल्कि नेकी और इनाम कमाने का सुनहरा मौक़ा है।लेकिन क्या आप जानते हैं — अगर आप किसी
किसी रोज़ेदार को इफ़्तार कराने वाले को क्या सवाब मिलेगा? जवाब देखे »
क़ुरआन मजीद में अल्लाह तआला ने कई जगह जहन्नम की सज़ाओं का ज़िक्र किया है।सूरह अल-हुमाज़ा में अल्लाह ने एक खास आग — “हुतामा” — का ज़िक्र किया
अल्लाह सुभानहु ने क़ुरआन में फ़रमाया: “वमा अदराका मल हुतमह” – हुतामा क्या है? जवाब देखे »
जिब्रील (अलैहिस्सलाम) वो बरकतवाले फरिश्ते हैं जो अल्लाह तआला की तरफ़ से वही (इल्हाम) लेकर नबी और रसूलों के पास आते रहे।क़ुरआन मजीद में उनका नाम सिर्फ़
क़ुरआन में जिब्रील (अलैहिस्सलाम) का नाम कितनी बार आया है? जवाब देखे »
कभी-कभी छोटी-सी बातें हमारे ईमान और पहचान को ज़ाहिर करती हैं। इस्लाम में साफ-सफाई और सुन्नत पर अमल करना बहुत अहम है। ऐसी ही एक
रसूलअल्लाह ﷺ ने फरमाया: “वो हम में से नहीं जो क्या नहीं करता” जवाब देखे »
उस ख़ुशनसीब सहाबी का क्या नाम है जिनके लिए रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया था: “तुम पर मेरे माँ-बाप क़ुर्बान हों”? इस्लामी इतिहास में कुछ सहाबा-ए-किराम
कौन-से सहाबी के लिए रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया कि उनके जनाज़े को फ़रिश्ते उठा रहे थे? जवाब देखे »
क़ुरआन-ए-मजीद में अल्लाह तआला ने अपने बहुत से सुंदर और पाक नामों (अस्मा-उल-हुस्ना) का ज़िक्र किया है। हर नाम में अल्लाह की किसी न किसी
इनमें से वो कौन-सी सूरह है जिसमें एक ही आयत में अल्लाह तआला के 9 नाम लिए गए हैं? जवाब देखे »
क़ुरआन-ए-पाक में अल्लाह तआला ने अपने प्यारे रसूल ﷺ का ज़िक्र अनगिनत जगहों पर उनकी शान, रहमत और मिशन के साथ किया है।लेकिन क्या आप जानते हैं
रसूलुल्लाह ﷺ का मुबारक नाम “मुहम्मद” क़ुरआन में कितनी बार आया है? जवाब देखे »
क़ुरआन मजीद में अल्लाह तआला ने इंसान को आख़िरत की हक़ीक़त समझाने के लिए कई जगहों पर बेहद गहरी और सोचने वाली तश्बीहें (उदाहरण) दी हैं। उन्हीं
सूरह फ़ातिहा, जिसे उम्मुल किताब यानी “क़ुरान की माँ” कहा गया है, पूरी क़ुरान का सार है।इस छोटी सी सूरह में अल्लाह तआला की तारीफ़, रहमत और मालिक़ियत का
सूरह फ़ातिहा में अल्लाह सुब्हानहु के कितने नाम हैं (जिसमें “अल्लाह” भी शामिल है)? जवाब देखे »
क़ुरान करीम में अल्लाह तआला ने अपनी क़ुदरत और हिकमत को बयान करने के लिए कई जगहों पर क़सम खाई है।कुछ क़समें उन फरिश्तों की भी हैं
कुरान-ए-पाक में इंसान के नफ़्स के तीन दर्ज़े बताए गए हैं — नफ़्स-ए-अम्मारह, नफ़्स-ए-लव्वामा और नफ़्स-ए-मुतमइन्ना।इनमें से नफ़्स-ए-अम्मारह वह है जो इंसान को बुराई और गुनाह की तरफ़ उकसाता है। आइए जानते हैं
कुरान के हिसाब से “अम्मारह (أَمَّارَةٌ)” क्या है? जवाब देखे »
अल्लाह के फरिश्तों में सबसे मुक़र्रब फरिश्ता हैं — जिब्रील (अलैहिस्सलाम)। वो वही फरिश्ता हैं जो अल्लाह के हुक्म से वही लेकर नबी ﷺ के पास आते
कुरान में नफ़्स के तीन मरातिब (स्तर) बताए गए हैं —1️⃣ नफ़्स-ए-अम्मारह — जो बुराई की तरफ़ उकसाता है।2️⃣ नफ़्स-ए-लव्वामह — जो गुनाह करने पर खुद को मलामत (डाँट) करता है।3️⃣ नफ़्स-ए-मुतमइन्ना — जो अल्लाह
कुरान के हिसाब से “अल-लव्वामह (اللَّوَّامَةُ)” क्या है? जवाब देखे »
इस्लाम के सुनहरे इतिहास में बहुत सी सहाबियात ((रज़ियल्लाहु अन्हा)) ऐसी गुज़री हैं जिन्होंने रसूल-अल्लाह ﷺ से बेपनाह मोहब्बत की।उनकी अकीदत (श्रद्धा) और मोहब्बत का
वो कौन सी सहाबिया थीं जो रसूल-अल्लाह ﷺ का पसीना मुबारक बरकत के लिए इस्तेमाल करती थीं? जवाब देखे »
अल्लाह तआला ने अपनी किताब क़ुरआन करीम में कई क़ौमों का ज़िक्र किया है जिन पर उनके गुनाहों और नाफ़रमानी की वजह से अज़ाब आया।लेकिन कुछ क़ौमों को अल्लाह
इस्लाम ने इंसान की फितरत और जरूरतों का पूरा खयाल रखा है। शादी (निकाह) इंसानी ज़िंदगी का अहम हिस्सा है — ये नफ़्स की हिफाज़त,
जो निकाह की ताक़त नहीं रखता, उसे क्या करना चाहिए? जवाब देखे »
इस्लाम में शराब को “उम्मुल खबाएस” यानी बुराइयों की मां कहा गया है। यह इंसान की अक्ल को छीन लेती है, गुनाहों का दरवाज़ा खोल
रसूलअल्लाह ﷺ ने इनमें से किसे बुत-परस्त की तरह कहा है? जवाब देखे »
क़ुरान करीम में दो फरिश्तों — हरूत और मारूत — का ज़िक्र आता है।इन दोनों का ज़िक्र उस वक्त के लोगों के संदर्भ में किया गया है
क़ुरान के हिसाब से हरूत और मारूत क्या हैं? जवाब देखे »
इस्रा और मेराज की मुबारक रात में जब अल्लाह तआला ने अपने हबीब रासूलअल्लाह ﷺ को आसमानों की सैर कराई,तो हर आसमान पर एक या एक से
कुरान मजीद में अल्लाह तआला ने अपने नेक (इबादतगुज़ार) बंदों की कई खूबसूरत सिफ़ात (गुण) बयान की हैं। उनमें से एक बड़ी खूबसूरत बात यह है कि जब जाहिल (अज्ञान)
इस्लाम में शराब इस्लाम में शराब को सख़्ती से हराम किया गया है, क्योंकि यह न केवल इंसान की अकल को ढक लेती है बल्कि हर बुराई और गुनाह
रसूल-अल्लाह ﷺ ने किसे “مِفْتَاحُ كُلِّ شَرٍّ” यानी हर बुराई की कुंजी (चाबी) कहा है? जवाब देखे »