इस्लाम में ईमान और कुफ्र दोनों ही एक-दूसरे के मुख़ालिफ़ हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसी ख़ास इबादत है जिसे छोड़ने को ईमान और कुफ्र के बीच का फ़ासला बताया गया है? आइए जानते हैं उस अहम इबादत के बारे में।
सवाल: ईमान और कुफ्र के दरमियान फ़र्क करने वाली चीज़ क्या है?
- A. रोज़ा छोड़ना
- B. हज नहीं करना
- C. नमाज़ का छोड़ना
- D. सदक़ा नहीं देना
सही जवाब है: ऑप्शन C , नमाज़ का छोड़ना
तफ़सील (विवरण):
दलील (सबूत):
सही जवाब की दलील हदीस में मौजूद है, जहाँ नमाज़ की अहमियत को साफ़ तौर पर बयान किया गया है।
हदीस: अल्लाह के रसूल (ﷺ) ने फरमाया: “ईमान और कुफ्र के दरमियान फर्क करने वाली चीज नमाज है।”
📚 जामी अत-तिर्मिज़ी: 2618



