इस्लाम में ईमान सिर्फ दिल से मानने का नाम नहीं है, बल्कि इसका असर हमारे कामों और अख़लाक़ (चरित्र) पर भी दिखना चाहिए। अल्लाह के रसूल (ﷺ) ने एक ख़ास ख़ूबी बताई है, जो एक मोमिन को ईमान के ऐतबार से सबसे कामिल बना सकती है। क्या आप जानते हैं वो क्या है?
सवाल: इनमें से कौन सी चीज़ मोमिनों को ईमान के ऐतबार से कामिल बनाती है?
- A. नमाज़ की कसरत
- B. रोज़ों की कसरत
- C. अख़लाक़ की ख़ूबसूरती
- D. इंशाअल्लाह इल्म हासिल करेंगे
सही जवाब है: ऑप्शन C , अख़लाक़ की ख़ूबसूरती
तफ़सील (विवरण):
इस बात की दलील हदीस में मिलती है, जहाँ रसूलअल्लाह (ﷺ) ने साफ़ तौर पर अच्छे अख़लाक़ की अहमियत को बयान किया है।
हदीस: हज़रत अबू हुरैरा (रज़िअल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि, रसूलअल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया: “मोमिनो में ईमान के ऐतबार से सबसे कामिल शख़्स वो है जिसका अख़लाक़ सबसे अच्छा है।”
📖 अबू दाऊद #4682



