इनमें से शैतान किसके कान में पेशाब कर देता है?

फज्र की नमाज़ इस्लाम में सबसे अहम नमाज़ों में से है। लेकिन जो मुसलमान फज्र की नमाज़ को छोड़ देता है, उसके बारे में हदीस में बहुत सख्त इशारा आया है। आइए जानते हैं कि ऐसे शख्स के बारे में नबी ﷺ ने क्या फ़रमाया।

सवाल: इनमें से शैतान किसके कान में पेशाब कर देता है?

  • A. जो सलाम का जवाब न दे
  • B. जो सदक़ा न दे
  • C. जिसकी फ़ज्र छूट जाए
  • D. जो नापाक रहे

सही जवाब है: ऑप्शन C , जिसकी फ़ज्र छूट जाए

तफ़सील (विवरण):

📜 दलील

۞ मफ़हूम-ए-हदीस: अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:
“नबी-ए-अकरम ﷺ के सामने एक शख्स का ज़िक्र आया कि वह सुबह तक सोता रहा और फर्ज़ (फज्र) नमाज़ के लिए भी नहीं उठा। यह सुनकर आप ﷺ ने फ़रमाया:
‘शैतान ने उसके कान में पेशाब कर दिया है।’

📕 सहीह अल-बुख़ारी : 1144


🕌 निष्कर्ष

इस हदीस से मालूम होता है कि फज्र की नमाज़ छोड़ना बहुत बड़ा नुकसान है। फज्र छोड़ने वाला शैतान के धोखे में आ जाता है और उसकी हालत इतनी बुरी होती है कि नबी ﷺ ने इसे “शैतान का कान में पेशाब करना” करार दिया। इसलिए मुसलमान को चाहिए कि फज्र की नमाज़ हर हाल में अदा करे।

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