इन में से किस शख़्स की 40 दिन तक नमाज़ क़बूल नहीं होती?

नमाज़ मुसलमान की ज़िंदगी का सबसे अहम हिस्सा है। लेकिन हदीस में कुछ ऐसे गुनाह बताए गए हैं जिनकी वजह से इंसान की नमाज़ 40 दिनों तक क़बूल नहीं होती, भले ही वह नमाज़ पढ़ता रहे। आइए जानते हैं वह शख़्स कौन है।

सवाल: इन में से किस शख़्स की 40 दिन तक नमाज़ क़बूल नहीं होती?

  • A. काहिनों से सवाल करने वाला
  • B. क़ुरबानी न करने वाला
  • C. रोज़े छोड़ने वाला
  • D. सही जवाब का इंतज़ार

सही जवाब है: ऑप्शन A , काहिनों से सवाल करने वाला

तफ़सील (विवरण):

दलील (हदीस से सबूत)

📕 हदीस: हज़रत हफ़्सा (रज़ि.अ) से रिवायत है कि रसूल-ए-पाक ﷺ ने फ़रमाया:

“अगर कोई मुसलमान किसी मजूसी (काहिन) के पास जाकर कुछ दरयाफ़्त करता है तो उसकी 40 दिन की नमाज़ क़बूल नहीं होती।”
📕 मुस्लिम शरीफ़, वॉल्यूम 2, पेज 233


दूसरी रिवायत (शराब पीने वाला)

रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:

“जिसने शराब पी उसकी 40 दिन तक नमाज़ क़बूल नहीं होगी। फिर अगर वह तौबा कर ले तो अल्लाह मुआफ़ फ़रमा देगा। अगर फिर पी तो 40 दिन तक नमाज़ क़बूल न होगी। इसी तरह तीन बार आपने फ़रमाया। फिर फ़रमाया कि अगर चौथी बार शराब पिएगा तो उसकी 40 दिन तक नमाज़ क़बूल न होगी और उसकी तौबा भी क़बूल न होगी और क़यामत के दिन उसे जहन्नमियों का पीप पिलाया जाएगा।”
📕 मिशकात शरीफ़: 317


अहम नसीहत

यहाँ 40 दिन की नमाज़ क़बूल न होने का मतलब यह नहीं कि इंसान नमाज़ छोड़ दे। बल्कि नमाज़ पढ़ना लाज़मी है, लेकिन इन बड़े गुनाहों की वजह से उस नमाज़ का सवाब नहीं मिलेगा।

इसलिए हमें चाहिए कि काहिनों, ज्योतिषियों और जादू-टोनों से दूर रहें और शराब जैसे गुनाहों से पूरी तरह बचें।

अल्लाह हमें काहिनों और शरारती लोगों के फ़ितनों से बचाए। आमीन या रब्बल आलमीन।

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