मुसलमान की ज़िंदगी का हर पहलू हदीस की रोशनी से मार्गदर्शित है। हमारी रोज़मर्रा की छोटी-छोटी आदतों में भी बड़ी हिकमत छुपी हुई है। रसूलुल्लाह ﷺ ने हमें एक खास वक़्त में बच्चों को घर में रोकने का हुक्म दिया है। आइए जानते हैं क्यों।
सवाल: जब शाम का अंधेरा होने लगे तो बच्चों को घर में क्यों रोकने का हुक्म दिया गया?
- A. अंधेरे से बच्चे डर जाते हैं
- B. जिन्न और शयातीन फैल जाते हैं
- C. बच्चों की आंखें कमज़ोर हो जाती हैं
- D. सही जवाब का इंतज़ार
सही जवाब है: ऑप्शन B , जिन्न और शयातीन फैल जाते हैं
तफ़सील (विवरण):
दलील (हदीस से सबूत)
📕 हदीस: रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया –
“जब शाम का अंधेरा (मग़रिब) होने लगे तो अपने बच्चों को घर में रोके रखो, क्योंकि उस वक़्त जिन्न और शयातीन फैल जाते हैं।”
📕 सहीह बुख़ारी #3316; सुन्नन अबू दाऊद #2604
नसीहत
इस हदीस से हमें यह सीख मिलती है कि इस्लाम सिर्फ़ इबादत ही नहीं बल्कि हमारी सुरक्षा और सेहत का भी ख्याल रखता है। बच्चों को मग़रिब के वक़्त घर में रखना उनकी हिफाज़त का ज़रिया है।
अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त हमें तमाम किस्म के फ़ितनों और जिन्नात व शयातीन के शर्र से पनाह अता फ़रमाए। आमीन।
