ईद-उल-अज़हा के दिनों में मुसलमानों के दिल में अक्सर यह सवाल आता है कि क़ुरबानी किस वक़्त से शुरू की जा सकती है और कब तक जारी रहती है? इस मसले में कुरान और हदीस से साफ़ रहनुमाई मौजूद है।
सवाल: क़ुरबानी का वक़्त कब से शुरू होता है?
- A. फ़ज्र से पहले
- B. ईद की नमाज़ से पहले
- C. ईद की नमाज़ के बाद
- D. जवाब का इंतज़ार
सही जवाब है: ऑप्शन C , ईद की नमाज़ के बाद
तफ़सील (विवरण):
📜 दलील
क़ुरबानी का वक़्त ईद-उल-अज़हा की नमाज़ अदा होने के बाद शुरू होता है। न तो खुत्बा पूरा होना ज़रूरी है और न ही पहले इमाम साहब का क़ुरबानी करना शर्त है।
हदीस से सबूत:
बरा बिन आज़िब (रज़ि.) बयान करते हैं:
नबी करीम ﷺ ने ईद-उल-अज़हा की नमाज़ के बाद खुत्बा देते हुए फ़रमाया:
“जिस शख़्स ने हमारी तरह नमाज़ अदा की और हमारी तरह क़ुरबानी की, उसकी क़ुरबानी सही हुई। लेकिन जिसने नमाज़ से पहले क़ुरबानी कर ली, उसने बस गोश्त खाया, क़ुरबानी नहीं की।”
📕 सहीह बुख़ारी: 955
➡️ इस हदीस से मालूम हुआ कि ईद की नमाज़ से पहले की गई क़ुरबानी सहीह नहीं होती।
🕌 क़ुरबानी का पूरा वक़्त
- शुरुआत: ईद-उल-अज़हा की नमाज़ अदा होने के बाद
- आख़िर: 13 ज़िल-हिज्जा के मग़रिब तक
यानी क़ुरबानी के लिए चार दिन हैं: 10, 11, 12 और 13 ज़िल-हिज्जा।
🤲 दुआ
अल्लाह तआला हमें सही वक़्त पर क़ुरबानी करने और उसकी बरकतें हासिल करने की तौफ़ीक़ अता फरमाए।
आमीन 🌹
