रमज़ान का महीना सिर्फ़ रोज़े रखने का नहीं, बल्कि अल्लाह के क़रीब होने का भी बेहतरीन वक़्त है। इस महीने में अल्लाह तआला अपने खास बंदों के लिए जन्नत में एक ख़ास दरवाज़ा मुक़र्रर किया है — जो सिर्फ़ रोज़ेदारों के लिए खोला जाएगा।
सवाल: रोज़ेदार का इस्तक़बाल जन्नत के किस दरवाज़े से किया जाएगा?
- A. बाब अर-रैय्यान
- B. बाब अस-सलाह
- C. बाब अस-सदक़ह
- D. सही जवाब का इंतज़ार
सही जवाब है: ऑप्शन A , बाब अर-रैय्यान
तफ़सील (विवरण):
दलील
۞ हदीस: रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फरमाया:
“जन्नत के 8 दरवाज़े हैं, उनमें से एक दरवाज़े का नाम ‘रैय्यान’ है। उस दरवाज़े से वही लोग दाख़िल होंगे जो रोज़े रखते हैं।”
📕 सहीह बुखारी, जिल्द 3, हदीस 1896
सुब्हानअल्लाह!
एक ख़ास दरवाज़े का होना इस बात की अलामत है कि रोज़ेदारों की अल्लाह के नज़दीक कितनी बड़ी अहमियत है।
इंशा-अल्लाहुल अज़ीज़!
अल्लाह तआला हमें अपने रोज़ों को ख़ुशू और ख़ुज़ू के साथ अदा करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए।
आमीन, अल्लाहुम्मा आमीन।


