आदाब और अख़लाक़

हलाल, हराम, शादी, तलाक़ और सामाजिक शिष्टाचार से जुड़े सवालों के लिए।

किसी मुसलमान से जुदा होते वक्त क्या कहना चाहिए?

इस्लाम में मिलने और जुदा होने दोनों के मौके पर सलाम कहना सुन्नत है। यह सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि एक खूबसूरत दुआ है जिसमें अमन, रहमत […]

किसी मुसलमान से जुदा होते वक्त क्या कहना चाहिए? जवाब देखे »

रसूलुल्लाह ﷺ जब घर में तशरीफ़ लाते तो (सलाम के बाद) सबसे पहले क्या करते?

कभी सोचा है कि रसूलुल्लाह ﷺ जब अपने घर में दाख़िल होते थे तो सबसे पहले कौन-सा काम किया करते थे? यह एक छोटा-सा अमल है, लेकिन

रसूलुल्लाह ﷺ जब घर में तशरीफ़ लाते तो (सलाम के बाद) सबसे पहले क्या करते? जवाब देखे »

रसूलअल्लाह (ﷺ) ने फरमाया, जब तुम लोग जनाज़ा देखो तो क्या करना चाहिए?

इस्लाम में जनाज़े (मय्यत के निकलने) के आदाब बहुत अहमियत रखते हैं। जनाज़े को देखकर इंसान को मौत की याद आती है और आखिरत का एहसास होता

रसूलअल्लाह (ﷺ) ने फरमाया, जब तुम लोग जनाज़ा देखो तो क्या करना चाहिए? जवाब देखे »

कौन सा ऐसा अमल है जो अल्लाह के इतने क़रीब कर देता है कि अल्लाह बंदे की सुनने, देखने, पकड़ने और चलने में उसकी मदद करता है?

“नफ़्ल इबादतें इंसान को अल्लाह के इतना क़रीब कर देती हैं कि अल्लाह तआला उसकी सुनने, देखने और चलने में रहनुमाई फ़रमाता है। जानिए कौन

कौन सा ऐसा अमल है जो अल्लाह के इतने क़रीब कर देता है कि अल्लाह बंदे की सुनने, देखने, पकड़ने और चलने में उसकी मदद करता है? जवाब देखे »

वह क्या है जो किसी को माफ़ करने पर बढ़ा दिया जाता है?

किसी को माफ़ करना कभी आसान नहीं होता, लेकिन इस्लाम सिखाता है कि माफी देने वाला इंसान अल्लाह के यहाँ बहुत बुलंद दर्जा पाता है।

वह क्या है जो किसी को माफ़ करने पर बढ़ा दिया जाता है? जवाब देखे »

तकलीफ़ों से तंग आकर मौत की तमन्ना करना कैसा है?

कभी-कभी इंसान ज़िंदगी की तकलीफ़ों से इतना टूट जाता है कि उसे मौत आसान लगने लगती है। लेकिन इस्लाम इंसान को मायूसी में नहीं गिरने

तकलीफ़ों से तंग आकर मौत की तमन्ना करना कैसा है? जवाब देखे »

जो मुसलमान खाने-पीने की चीज़ों को ज़खीरा बनाकर रखता है, अल्लाह उस पर कौनसा अज़ाब नाज़िल करता है?

इस्लाम ने हमेशा इंसानियत और भाईचारे को बढ़ावा दिया है। यही कारण है कि यह समाज में फैलने वाली हर बुराई पर सख्त रुख रखता

जो मुसलमान खाने-पीने की चीज़ों को ज़खीरा बनाकर रखता है, अल्लाह उस पर कौनसा अज़ाब नाज़िल करता है? जवाब देखे »

वह कौन सी दुआ है जो लफ़्ज़ “सुब्हान” से शुरू होती है?

हमारा दिन कई छोटे-बड़े कामों से भरा होता है, और इस्लाम ने हमारे हर छोटे काम को इबादत बनाने का तरीका बताया है। इसमें यात्रा

वह कौन सी दुआ है जो लफ़्ज़ “सुब्हान” से शुरू होती है? जवाब देखे »

हदीस के मुताबिक ज़रूरत पड़ने पर इंसान को खाना और पानी कितना पेट भर खाना और पीना चाहिए?

इस्लाम एक संतुलित और सेहतमंद जीवनशैली का मार्गदर्शक है। यह न सिर्फ रूहानी बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य का भी पूरा ख्याल रखता है। आज के दौर

हदीस के मुताबिक ज़रूरत पड़ने पर इंसान को खाना और पानी कितना पेट भर खाना और पीना चाहिए? जवाब देखे »

दो आदमियों की नमाज़ के उनमें एक इमामत करवाए तो अल्लाह सुब्हानहु के नज़दीक तन्हा पढ़ी जाने वाली कितनी नमाज़ों से बेहतर है?

हम अक्सर नमाज़ अकेले पढ़ लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर सिर्फ एक और व्यक्ति को साथ लेकर जमात बना ली जाए,

दो आदमियों की नमाज़ के उनमें एक इमामत करवाए तो अल्लाह सुब्हानहु के नज़दीक तन्हा पढ़ी जाने वाली कितनी नमाज़ों से बेहतर है? जवाब देखे »

इनमें से वो कौन लोग हैं जिनको बेशुमार अज्र दिया जाएगा, जिसका जिक्र सूरह ज़ुमर में है?

इंसानी जिंदगी में मुश्किलें और परेशानियाँ आती रहती हैं। ऐसे में इंसान का इम्तिहान होता है कि वह कैसे व्यवहार करता है। इस्लाम में हर

इनमें से वो कौन लोग हैं जिनको बेशुमार अज्र दिया जाएगा, जिसका जिक्र सूरह ज़ुमर में है? जवाब देखे »

किन दो चीजों की मोहब्बत में बूढ़े इंसान का दिल हमेशा जवान रहता है?

उम्र बढ़ने के साथ इंसान का शरीर बूढ़ा होने लगता है, लेकिन क्या दिल भी बूढ़ा हो जाता है? पैगंबर मुहम्मद ﷺ ने इंसानी फितरत

किन दो चीजों की मोहब्बत में बूढ़े इंसान का दिल हमेशा जवान रहता है? जवाब देखे »

जब एक मुसलमान किसी दूसरे मुसलमान से जुदा हो तो उसको क्या कहना चाहिए?

हम अक्सर मिलते वक्त “अस्सलामु अलैकुम” कहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस्लाम में विदा होते वक्त भी सलाम देना एक सुन्नत और

जब एक मुसलमान किसी दूसरे मुसलमान से जुदा हो तो उसको क्या कहना चाहिए? जवाब देखे »

जहन्नुम में सबसे ज़्यादा कौन जाएंगे?

कयामत और आखिरत का दिन हर इंसान के लिए एक बड़ा इम्तिहान होगा। पैगंबर मुहम्मद ﷺ ने अपनी उम्मत को बार-बार इस दिन के लिए

जहन्नुम में सबसे ज़्यादा कौन जाएंगे? जवाब देखे »

किस मुसलमान के तमाम गुनाह माफ कर दिए जाते हैं सिवाय कर्ज़ के?

इस्लाम में अल्लाह की राह में अपनी जान कुर्बान करने वाले शहीद का मुकाम बहुत ऊँचा है। शहादत एक ऐसी इबादत है जिसके बदले में

किस मुसलमान के तमाम गुनाह माफ कर दिए जाते हैं सिवाय कर्ज़ के? जवाब देखे »

वो कौनसा काम है जिसके लिए रसूलअल्लाह (ﷺ) ने फरमाया: जब तुम उसको करोगे तो आपस में मोहब्बत करने लग जाओगे?

इस्लाम एक पूर्ण जीवन प्रणाली है जो न सिर्फ इबादत बल्कि इंसानों के बीच रिश्तों को मजबूत करने का भी तरीका सिखाती है। कई बार

वो कौनसा काम है जिसके लिए रसूलअल्लाह (ﷺ) ने फरमाया: जब तुम उसको करोगे तो आपस में मोहब्बत करने लग जाओगे? जवाब देखे »

वो कौनसा गुनाह है जिसका कोई न कोई हिस्सा अल्लाह ने इंसान के लिए लिख दिया है?

इंसान की फितरत में अच्छाई और बुराई दोनों के बीज मौजूद हैं। इस्लाम हमें हर तरह के गुनाह से बचने की ताकीद करता है, लेकिन

वो कौनसा गुनाह है जिसका कोई न कोई हिस्सा अल्लाह ने इंसान के लिए लिख दिया है? जवाब देखे »

हर हफ्ते 2 दिन जन्नत के दरवाज़े खोले जाते हैं और उन सबकी मगफ़िरत हो जाती है जो शिर्क न करते हों और अपने भाई के खिलाफ़ कीना न रखते हों, वो 2 दिन कौनसे हैं?

हमारे हर हफ्ते में कुछ ऐसे दिन आते हैं जिनका इस्लाम में विशेष महत्व बताया गया है। इनमें से दो दिन ऐसे हैं जो हमें

हर हफ्ते 2 दिन जन्नत के दरवाज़े खोले जाते हैं और उन सबकी मगफ़िरत हो जाती है जो शिर्क न करते हों और अपने भाई के खिलाफ़ कीना न रखते हों, वो 2 दिन कौनसे हैं? जवाब देखे »

कौनसे अमल के लिए यह फरमाया कि जब तक तुम वो नहीं करोगे नेकी में कमाल हासिल नहीं कर सकते?

ईमान और नेकी एक ऐसा सफर है जिसमें इंसान लगातार अपने आप को बेहतर बनाने की कोशिश करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि

कौनसे अमल के लिए यह फरमाया कि जब तक तुम वो नहीं करोगे नेकी में कमाल हासिल नहीं कर सकते? जवाब देखे »

जो निकाह की ताक़त न रखता हो उसको क्या करना चाहिए?

शादी (निकाह) करना एक अज़ीम इबादत और सुन्नत है, जो इंसान को बहुत-सी बुराइयों से बचाती है। लेकिन क्या हो अगर कोई निकाह करने की

जो निकाह की ताक़त न रखता हो उसको क्या करना चाहिए? जवाब देखे »

कुरआन में नाज़िल होने वाली सबसे पहली आयत “इक़रा बिस्मि रब्बिकल्लज़ी ख़लक़” में ‘इक़रा’ का मतलब क्या है?

जब अल्लाह तआला का पहला वह्य जिब्रील अमीन के ज़रिए नबी-ए-आखिर ﷺ पर उतरा, तो उसकी पहली ही आयत ने इंसानियत को ज्ञान, विज्ञान और

कुरआन में नाज़िल होने वाली सबसे पहली आयत “इक़रा बिस्मि रब्बिकल्लज़ी ख़लक़” में ‘इक़रा’ का मतलब क्या है? जवाब देखे »

वो कौन से सहाबी हैं जिनसे फरिश्ते भी हया करते हैं?

इस्लाम में हया यानी शर्म और लज्जा एक बहुत बड़ा गुण माना गया है। यह ईमान का एक अंग है। लेकिन क्या आप कल्पना कर

वो कौन से सहाबी हैं जिनसे फरिश्ते भी हया करते हैं? जवाब देखे »

रसूलल्लाह (ﷺ) ने किस को हर बुराई की कुंजी (चाबी) कहा?

क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा अमल (कार्य) है जिसे पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) ने ‘हर बुराई की कुंजी’ बताया है? यह जानना आपके लिए

रसूलल्लाह (ﷺ) ने किस को हर बुराई की कुंजी (चाबी) कहा? जवाब देखे »

रसूल अल्लाह (ﷺ) ने इनमें से किसको बूत परस्त की तरह कहा है?

इस्लाम में शराब (अल्कोहल) को हराम क़रार दिया गया है और इसे तमाम बुराइयों की जड़ माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि

रसूल अल्लाह (ﷺ) ने इनमें से किसको बूत परस्त की तरह कहा है? जवाब देखे »

वो कौन-सी 2 नेमतें हैं जिनसे अक्सर लोग ग़फ़लत में रहते हैं?

हम अक्सर अल्लाह की नेमतों में घिरे रहते हैं, मगर बहुत-सी नेमतों की क़द्र तब पता चलती है जब वो हमसे छिन जाती हैं। इसी

वो कौन-सी 2 नेमतें हैं जिनसे अक्सर लोग ग़फ़लत में रहते हैं? जवाब देखे »

नमाज़ की सफ़ों में अगर जगह (गैप) रह जाए, तो क्या नुक़सान होता है?

अक्सर हम मस्जिद में नमाज़ पढ़ते समय देखते हैं कि सफ़ों के बीच थोड़ा-बहुत गैप रह जाता है। यह छोटी-सी बात दिखने में मामूली लगती

नमाज़ की सफ़ों में अगर जगह (गैप) रह जाए, तो क्या नुक़सान होता है? जवाब देखे »

क़यामत के दिन किसके कानों में शीशा पिघला कर डाला जाएगा?

इस्लाम में दूसरों की बातें छिपकर सुनना इस्लाम में दूसरों की बातें छिपकर सुनना एक बड़ा गुनाह बताया गया है।क़यामत के दिन ऐसे लोगों के लिए बहुत ही

क़यामत के दिन किसके कानों में शीशा पिघला कर डाला जाएगा? जवाब देखे »

मुँह या नाक से खून बहने से रोज़ा टूट जाता है?

रमज़ान के महीने में रोज़ा रखते वक्त बहुत से लोगों के मन में ये सवाल आता है कि —अगर नाक या मुँह से खून निकल आए,

मुँह या नाक से खून बहने से रोज़ा टूट जाता है? जवाब देखे »

किसी रोज़ेदार को इफ़्तार कराने वाले को क्या सवाब मिलेगा?

रमज़ान के महीने में रोज़ा रखना सिर्फ़ भूख-प्यास सहना नहीं, बल्कि नेकी और इनाम कमाने का सुनहरा मौक़ा है।लेकिन क्या आप जानते हैं — अगर आप किसी

किसी रोज़ेदार को इफ़्तार कराने वाले को क्या सवाब मिलेगा? जवाब देखे »