आदाब और अख़लाक़

हलाल, हराम, शादी, तलाक़ और सामाजिक शिष्टाचार से जुड़े सवालों के लिए।

इनमें से कौन से अज़कार को कलमा-ए-शुक्र कहा गया है?

इस्लाम में अज़कार (अल्लाह की याद) की बहुत अहमियत है। हर कलिमा का एक ख़ास मकाम और फज़ीलत है। हदीसों में कुछ अज़कार को ख़ास […]

इनमें से कौन से अज़कार को कलमा-ए-शुक्र कहा गया है? जवाब देखे »

इनमें से शैतान किसके कान में पेशाब कर देता है?

फज्र की नमाज़ इस्लाम में सबसे अहम नमाज़ों में से है। लेकिन जो मुसलमान फज्र की नमाज़ को छोड़ देता है, उसके बारे में हदीस

इनमें से शैतान किसके कान में पेशाब कर देता है? जवाब देखे »

हर उम्मत की आज़माइश किसी न किसी चीज़ में है, उम्मते मोहम्मदिया ﷺ की आज़माइश किस चीज़ में है?

हर उम्मत को अल्लाह तआला ने किसी न किसी चीज़ में आज़माया। उम्मते मोहम्मदिया ﷺ की आज़माइश भी अल्लाह ने एक ख़ास चीज़ में रखी

हर उम्मत की आज़माइश किसी न किसी चीज़ में है, उम्मते मोहम्मदिया ﷺ की आज़माइश किस चीज़ में है? जवाब देखे »

इंसान के शरीर में वह कौन सी चीज़ है जिसके अच्छा रहने पर सारा शरीर अच्छा रहता है और जिसके खराब होने पर सारा शरीर खराब हो जाता है?

हमारे शरीर का सबसे अहम अंग कौन सा है? क्या यह दिमाग़ है, आँखें हैं या फिर दिल? इस्लामिक शिक्षाओं के अनुसार, एक ऐसा अंग

इंसान के शरीर में वह कौन सी चीज़ है जिसके अच्छा रहने पर सारा शरीर अच्छा रहता है और जिसके खराब होने पर सारा शरीर खराब हो जाता है? जवाब देखे »

अल्लाह की राह से रोकने वाले को क़ुरान में क्या कहा गया है?

क़ुरआन-ए-करीम में अल्लाह ने उन लोगों का ज़िक्र किया है जो दूसरों को उसकी राह से रोकते हैं। यह गुनाह इतना बड़ा है कि उन्हें

अल्लाह की राह से रोकने वाले को क़ुरान में क्या कहा गया है? जवाब देखे »

मीराज़ के मौके पर नबी (ﷺ) का गुज़र ऐसे लोगों के पास से हुआ जिनके नाख़ून तांबे के थे और वो अपने नाख़ूनों से अपना मुँह और सीना नोच रहे थे। ये लोग कौन थे?

मीराज़ का वाक़िया इस्लामी इतिहास का एक अहम और इबरतअंगेज़ वाक़िया है। इसमें नबी-ए-करीम ﷺ को जन्नत और जहन्नम के कई मंज़र दिखाए गए। उन्हीं

मीराज़ के मौके पर नबी (ﷺ) का गुज़र ऐसे लोगों के पास से हुआ जिनके नाख़ून तांबे के थे और वो अपने नाख़ूनों से अपना मुँह और सीना नोच रहे थे। ये लोग कौन थे? जवाब देखे »

वो कौन सा अमल है जिसके करने से इंसान को अल्लाह तआला 100 साल के बराबर जहन्नुम से दूर कर देगा?

हर नेक अमल का इंसान को दुनिया और आख़िरत में बड़ा इनाम मिलता है। लेकिन कुछ ख़ास अमल ऐसे हैं जिनकी फ़ज़ीलत इतनी अज़ीम है

वो कौन सा अमल है जिसके करने से इंसान को अल्लाह तआला 100 साल के बराबर जहन्नुम से दूर कर देगा? जवाब देखे »

वो कौन हैं जो अपने पेट में गटागट जहन्नुम की आग भर रहे हैं?

इस्लाम ने हमें न सिर्फ़ इबादत का तरीका सिखाया बल्कि खाने-पीने और रहने-सहन के भी शरई उसूल बताए। इन्हीं उसूलों में से एक बड़ा अहम

वो कौन हैं जो अपने पेट में गटागट जहन्नुम की आग भर रहे हैं? जवाब देखे »

औरत अपने रब का हक़ अदा नहीं कर सकती जब तक वो किसी और का हक़ अदा न कर ले, पर किसका?

इस्लाम ने औरत को इज़्ज़त और हक़ दिए हैं, लेकिन साथ ही कुछ जिम्मेदारियाँ भी रखी हैं। खासतौर पर शादीशुदा ज़िंदगी में बीवी और शौहर

औरत अपने रब का हक़ अदा नहीं कर सकती जब तक वो किसी और का हक़ अदा न कर ले, पर किसका? जवाब देखे »

कौन सी चीज़ जन्नत में जाने की ज़्यादा वजह बनेगी?

हर इंसान की ख्वाहिश होती है कि वो जन्नत का हक़दार बने। लेकिन सवाल ये है कि कौन सा अमल सबसे ज्यादा जन्नत में जाने

कौन सी चीज़ जन्नत में जाने की ज़्यादा वजह बनेगी? जवाब देखे »

क़ियामत के दिन मोमिन का मीज़ान (तराज़ू) में सबसे वज़नदार अमल कौन सा होगा?

क़ियामत के दिन हर इंसान के आमाल (अच्छे और बुरे काम) का हिसाब-किताब होगा। उस दिन मोमिन के तराज़ू में कौन सा अमल सबसे भारी

क़ियामत के दिन मोमिन का मीज़ान (तराज़ू) में सबसे वज़नदार अमल कौन सा होगा? जवाब देखे »

वो कौन-सी सूरह है जिसको सोते वक़्त पढ़ने से इंसान शिर्क जैसे ख़तरनाक फ़ितने से महफ़ूज़ हो जाता है?

सूरह काफ़िरून की फज़ीलत, शिर्क से बचाव, सोने से पहले की दुआ, हदीस इन हिंदी, इस्लामी जानकारी, इस्लामिक सवाल जवाब हिंदी, क़ुरान की सूरह का

वो कौन-सी सूरह है जिसको सोते वक़्त पढ़ने से इंसान शिर्क जैसे ख़तरनाक फ़ितने से महफ़ूज़ हो जाता है? जवाब देखे »

वो कौन-सी रात है जब अल्लाह तआला आसमानी दुनिया पर नुज़ूल फरमाता है और फरमाता है “कौन है मांगने वाला जिसे मैं अता करूं?”

क्या आप जानते हैं कि अल्लाह तआला हर रात अपने बंदों से ख़ास अंदाज़ में रहमत और मग़फिरत की पुकार करता है? ये कोई एक

वो कौन-सी रात है जब अल्लाह तआला आसमानी दुनिया पर नुज़ूल फरमाता है और फरमाता है “कौन है मांगने वाला जिसे मैं अता करूं?” जवाब देखे »

वो कौन सी नेकी है जो इंसान को बेहयाई और बुराई से रोकती है?

अल्लाह तआला ने इंसान को नेकियों की हिदायत दी है ताकि वो गुनाहों और फितनों से दूर रह सके। लेकिन क्या आप जानते हैं कि

वो कौन सी नेकी है जो इंसान को बेहयाई और बुराई से रोकती है? जवाब देखे »

वो कौन से लोग हैं जिनके लिए रसूलअल्लाह ﷺ तीन मरतबा बख्शिश की दुआ करते थे?

नमाज़ में जमात का बहुत बड़ा दर्जा है और इसमें पहली सफ़ (लाइन) में खड़े होने वालों के लिए अल्लाह और उसके रसूल ﷺ ने खास फज़ीलत

वो कौन से लोग हैं जिनके लिए रसूलअल्लाह ﷺ तीन मरतबा बख्शिश की दुआ करते थे? जवाब देखे »

जब अज़ान सुनो और ये अल्फ़ाज़ आए “हय्या अलस्सलाह” तो इन में से क्या कहना चाहिए?

जब अज़ान की पुकार गूँजती है, तो यह हमें अल्लाह की याद और नमाज़ की दावत की याद दिलाती है। लेकिन बहुत से लोग नहीं

जब अज़ान सुनो और ये अल्फ़ाज़ आए “हय्या अलस्सलाह” तो इन में से क्या कहना चाहिए? जवाब देखे »

जो शख्स रात को तहज्जुद पढ़ने के लिए बेदार नहीं हो सके, तो वो कौन-सा अमल करे?

हर मुसलमान की तमन्ना होती है कि वह रात के सुकून भरे लम्हों में उठकर तहज्जुद की नमाज़ अदा करे, लेकिन बहुत से लोग चाहकर

जो शख्स रात को तहज्जुद पढ़ने के लिए बेदार नहीं हो सके, तो वो कौन-सा अमल करे? जवाब देखे »

अल्लाह सुब्हानहु क़यामत के दिन इनमें से किसका चेहरा जहन्नम से महफ़ूज़ रखेगा?

इस्लाम में इंसान की इज़्ज़त और हिफ़ाज़त को बहुत अहमियत दी गई है। अक्सर लोग यह भूल जाते हैं कि किसी की गैर-मौजूदगी में उसकी इज़्ज़त की

अल्लाह सुब्हानहु क़यामत के दिन इनमें से किसका चेहरा जहन्नम से महफ़ूज़ रखेगा? जवाब देखे »

वो कौन-सा अमल है जो दर्जे में नमाज़, रोज़े और ज़कात से भी बढ़कर है?

कभी सोचा है कि इस्लाम में ऐसा कौन-सा नेक अमल है जो नमाज़, रोज़ा और ज़कात जैसे अज़ीम इबादतों से भी ऊँचा दर्जा रखता है? रसूलअल्लाह

वो कौन-सा अमल है जो दर्जे में नमाज़, रोज़े और ज़कात से भी बढ़कर है? जवाब देखे »

रोज़ेदार के सामने जब खाना खाया जाए और वो सब्र करें तो क्या होता है?

रोज़ा सिर्फ़ भूख और प्यास से रुकने का नाम नहीं, बल्कि यह सब्र, तहम्मुल और अल्लाह की रज़ा हासिल करने का ज़रिया है। अल्लाह तआला

रोज़ेदार के सामने जब खाना खाया जाए और वो सब्र करें तो क्या होता है? जवाब देखे »

रमज़ान के महीने में एक बार “सुब्हानअल्लाह” कहना बाकी दिनों में कितनी बार कहने से बेहतर है?

रमज़ान का महीना रहमतों और बरकतों से भरा होता है। इस मुबारक महीने में हर नेकी और इबादत का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता

रमज़ान के महीने में एक बार “सुब्हानअल्लाह” कहना बाकी दिनों में कितनी बार कहने से बेहतर है? जवाब देखे »

रोज़ेदार अगर एनेस्थेटिक इंजेक्शन (बेहोश करने वाला इंजेक्शन) ले तो क्या होगा?

रोज़े के दौरान मेडिकल ज़रूरतें कभी-कभी उलझन पैदा कर देती हैं—ख़ासकर इंजेक्शन, दवाई या इलाज के मामले में। एक आम सवाल यह है कि बेहोशी देने

रोज़ेदार अगर एनेस्थेटिक इंजेक्शन (बेहोश करने वाला इंजेक्शन) ले तो क्या होगा? जवाब देखे »

अस्सलामु अलैकुम वरहमतुल्लाह कहने पर कितनी नेकियाँ मिलती हैं – इस्लामी सवाल

अस्सलामु अलैकुम वरहमतुल्लाह कहने पर कितनी नेकियाँ मिलती हैं?

इस्लाम में सलाम करना सिर्फ़ एक आदत या तहज़ीब नहीं, बल्कि एक इबादत और सवाब वाला अमल है। जब कोई मुसलमान दूसरे मुसलमान को सलाम करता है, तो वह प्यार,

अस्सलामु अलैकुम वरहमतुल्लाह कहने पर कितनी नेकियाँ मिलती हैं? जवाब देखे »

रोज़े का असल मक़सद क्या है?

रोज़ा सिर्फ़ भूख-प्यास सहने का नाम नहीं, बल्कि रूह की पाकीज़गी का सफ़र है।अल्लाह ने इसे एक ऐसे मक़सद के लिए फ़र्ज़ किया है जो

रोज़े का असल मक़सद क्या है? जवाब देखे »

किसी मुसलमान से जुदा होते वक्त क्या कहना चाहिए?

इस्लाम में मिलने और जुदा होने दोनों के मौके पर सलाम कहना सुन्नत है। यह सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि एक खूबसूरत दुआ है जिसमें अमन, रहमत

किसी मुसलमान से जुदा होते वक्त क्या कहना चाहिए? जवाब देखे »

रसूलुल्लाह ﷺ जब घर में तशरीफ़ लाते तो (सलाम के बाद) सबसे पहले क्या करते?

कभी सोचा है कि रसूलुल्लाह ﷺ जब अपने घर में दाख़िल होते थे तो सबसे पहले कौन-सा काम किया करते थे? यह एक छोटा-सा अमल है, लेकिन

रसूलुल्लाह ﷺ जब घर में तशरीफ़ लाते तो (सलाम के बाद) सबसे पहले क्या करते? जवाब देखे »

रसूलअल्लाह (ﷺ) ने फरमाया, जब तुम लोग जनाज़ा देखो तो क्या करना चाहिए?

इस्लाम में जनाज़े (मय्यत के निकलने) के आदाब बहुत अहमियत रखते हैं। जनाज़े को देखकर इंसान को मौत की याद आती है और आखिरत का एहसास होता

रसूलअल्लाह (ﷺ) ने फरमाया, जब तुम लोग जनाज़ा देखो तो क्या करना चाहिए? जवाब देखे »

कौन सा ऐसा अमल है जो अल्लाह के इतने क़रीब कर देता है कि अल्लाह बंदे की सुनने, देखने, पकड़ने और चलने में उसकी मदद करता है?

“नफ़्ल इबादतें इंसान को अल्लाह के इतना क़रीब कर देती हैं कि अल्लाह तआला उसकी सुनने, देखने और चलने में रहनुमाई फ़रमाता है। जानिए कौन

कौन सा ऐसा अमल है जो अल्लाह के इतने क़रीब कर देता है कि अल्लाह बंदे की सुनने, देखने, पकड़ने और चलने में उसकी मदद करता है? जवाब देखे »

वह क्या है जो किसी को माफ़ करने पर बढ़ा दिया जाता है?

किसी को माफ़ करना कभी आसान नहीं होता, लेकिन इस्लाम सिखाता है कि माफी देने वाला इंसान अल्लाह के यहाँ बहुत बुलंद दर्जा पाता है।

वह क्या है जो किसी को माफ़ करने पर बढ़ा दिया जाता है? जवाब देखे »

तकलीफ़ों से तंग आकर मौत की तमन्ना करना कैसा है?

कभी-कभी इंसान ज़िंदगी की तकलीफ़ों से इतना टूट जाता है कि उसे मौत आसान लगने लगती है। लेकिन इस्लाम इंसान को मायूसी में नहीं गिरने

तकलीफ़ों से तंग आकर मौत की तमन्ना करना कैसा है? जवाब देखे »