इंसानों में रंगत का इख़्तेलाफ किस लिए होता है?
दुनिया भर में इंसानों की रंगत, भाषा और क़बीलों में बहुत विविधता पाई जाती है।लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह फर्क़ क्यों है? […]
इंसानों में रंगत का इख़्तेलाफ किस लिए होता है? जवाब देखे »
हलाल, हराम, शादी, तलाक़ और सामाजिक शिष्टाचार से जुड़े सवालों के लिए।
दुनिया भर में इंसानों की रंगत, भाषा और क़बीलों में बहुत विविधता पाई जाती है।लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह फर्क़ क्यों है? […]
इंसानों में रंगत का इख़्तेलाफ किस लिए होता है? जवाब देखे »
ज़कात इस्लाम का एक अहम फ़र्ज़ है और इसकी अदायगी का सही तरीका जानना हर मुसलमान के लिए ज़रूरी है। अक्सर घरों में यह सवाल
क्या बीवी शौहर को ज़कात दे सकती है? जवाब देखे »
क्या आपने कभी सोचा है कि इस्लाम में सबसे बड़ा सम्मान किसे मिलता है?क्या यह नस्ल, खानदान या बाहरी स्थिति से तय होता है, या
इस्लाम में इनमें से सबसे अफ़ज़ल दर्जा किसका है? जवाब देखे »
क्या आपने कभी गौर किया है कि बच्चे झूठ बोलना कहाँ से सीखते हैं?आम तौर पर यह सीख उनके परिवार से ही शुरू होती है।
अक्सर बच्चे झूठ बोलना सबसे पहले किनसे सीखते हैं? जवाब देखे »
क्या आपने कभी सोचा है कि क़ुरआन में आसमान की ऊँचाइयों से गिरने वाले की मिसाल किसके लिए दी गई है?यह मिसाल हमें शिरक और उसके
आसमान की ऊँचाइयों से गिरने वाले की मिसाल क़ुरआन में किसके बारे में बयान की गई है? जवाब देखे »
इस्लाम में शादी सिर्फ़ मोहब्बत और साथ के लिए नहीं, बल्कि ईमान को मजबूत करने का भी ज़रिया है। एक नेक बीवी पाने से इंसान
वो कौनसी नेयमत है जो बंदे को मिल जाए तो उसका आधा ईमान मुकम्मल हो जाए? जवाब देखे »
इस्लाम में मुसलमानों के बीच रिश्ता सिर्फ दोस्ती नहीं, बल्कि आइना जैसा होना चाहिए। आइए जानते हैं इस हदीस के मुताबिक इसका क्या मतलब है। सवाल: हदीस
हदीस के मुताबिक एक मुसलमान का दूसरे मुसलमान से रिश्ता क्या है? जवाब देखे »
इबादत हमेशा अल्लाह की रजा के लिए होनी चाहिए, न कि लोगों की तारीफ़ पाने के लिए। लेकिन कुछ काम ऐसे हैं जो दिखावे (रीया) के
इनमें से कौन सा अमल रीया यानी शिर्क-ए-असगर है? जवाब देखे »
क़यामत का दिन वह दिन है जब हर इंसान को अपने आमाल का हिसाब देना होगा। उस दिन इंसान की छोटी-बड़ी सब ज़िम्मेदारियाँ खुलकर सामने
क़यामत के दिन सबसे पहले जो मामला हाज़िर किया जाएगा वो किन का होगा? जवाब देखे »
इस्लाम में अज़कार (अल्लाह की याद) की बहुत अहमियत है। हर कलिमा का एक ख़ास मकाम और फज़ीलत है। हदीसों में कुछ अज़कार को ख़ास
इनमें से कौन से अज़कार को कलमा-ए-शुक्र कहा गया है? जवाब देखे »
फज्र की नमाज़ इस्लाम में सबसे अहम नमाज़ों में से है। लेकिन जो मुसलमान फज्र की नमाज़ को छोड़ देता है, उसके बारे में हदीस
इनमें से शैतान किसके कान में पेशाब कर देता है? जवाब देखे »
हर उम्मत को अल्लाह तआला ने किसी न किसी चीज़ में आज़माया। उम्मते मोहम्मदिया ﷺ की आज़माइश भी अल्लाह ने एक ख़ास चीज़ में रखी
हमारे शरीर का सबसे अहम अंग कौन सा है? क्या यह दिमाग़ है, आँखें हैं या फिर दिल? इस्लामिक शिक्षाओं के अनुसार, एक ऐसा अंग
क़ुरआन-ए-करीम में अल्लाह ने उन लोगों का ज़िक्र किया है जो दूसरों को उसकी राह से रोकते हैं। यह गुनाह इतना बड़ा है कि उन्हें
अल्लाह की राह से रोकने वाले को क़ुरान में क्या कहा गया है? जवाब देखे »
मीराज़ का वाक़िया इस्लामी इतिहास का एक अहम और इबरतअंगेज़ वाक़िया है। इसमें नबी-ए-करीम ﷺ को जन्नत और जहन्नम के कई मंज़र दिखाए गए। उन्हीं
हर नेक अमल का इंसान को दुनिया और आख़िरत में बड़ा इनाम मिलता है। लेकिन कुछ ख़ास अमल ऐसे हैं जिनकी फ़ज़ीलत इतनी अज़ीम है
इस्लाम ने हमें न सिर्फ़ इबादत का तरीका सिखाया बल्कि खाने-पीने और रहने-सहन के भी शरई उसूल बताए। इन्हीं उसूलों में से एक बड़ा अहम
वो कौन हैं जो अपने पेट में गटागट जहन्नुम की आग भर रहे हैं? जवाब देखे »
इस्लाम ने औरत को इज़्ज़त और हक़ दिए हैं, लेकिन साथ ही कुछ जिम्मेदारियाँ भी रखी हैं। खासतौर पर शादीशुदा ज़िंदगी में बीवी और शौहर
औरत अपने रब का हक़ अदा नहीं कर सकती जब तक वो किसी और का हक़ अदा न कर ले, पर किसका? जवाब देखे »
हर इंसान की ख्वाहिश होती है कि वो जन्नत का हक़दार बने। लेकिन सवाल ये है कि कौन सा अमल सबसे ज्यादा जन्नत में जाने
कौन सी चीज़ जन्नत में जाने की ज़्यादा वजह बनेगी? जवाब देखे »
क़ियामत के दिन हर इंसान के आमाल (अच्छे और बुरे काम) का हिसाब-किताब होगा। उस दिन मोमिन के तराज़ू में कौन सा अमल सबसे भारी
क़ियामत के दिन मोमिन का मीज़ान (तराज़ू) में सबसे वज़नदार अमल कौन सा होगा? जवाब देखे »
सूरह काफ़िरून की फज़ीलत, शिर्क से बचाव, सोने से पहले की दुआ, हदीस इन हिंदी, इस्लामी जानकारी, इस्लामिक सवाल जवाब हिंदी, क़ुरान की सूरह का
क्या आप जानते हैं कि अल्लाह तआला हर रात अपने बंदों से ख़ास अंदाज़ में रहमत और मग़फिरत की पुकार करता है? ये कोई एक
अल्लाह तआला ने इंसान को नेकियों की हिदायत दी है ताकि वो गुनाहों और फितनों से दूर रह सके। लेकिन क्या आप जानते हैं कि
वो कौन सी नेकी है जो इंसान को बेहयाई और बुराई से रोकती है? जवाब देखे »
नमाज़ में जमात का बहुत बड़ा दर्जा है और इसमें पहली सफ़ (लाइन) में खड़े होने वालों के लिए अल्लाह और उसके रसूल ﷺ ने खास फज़ीलत
वो कौन से लोग हैं जिनके लिए रसूलअल्लाह ﷺ तीन मरतबा बख्शिश की दुआ करते थे? जवाब देखे »
जब अज़ान की पुकार गूँजती है, तो यह हमें अल्लाह की याद और नमाज़ की दावत की याद दिलाती है। लेकिन बहुत से लोग नहीं
जब अज़ान सुनो और ये अल्फ़ाज़ आए “हय्या अलस्सलाह” तो इन में से क्या कहना चाहिए? जवाब देखे »
हर मुसलमान की तमन्ना होती है कि वह रात के सुकून भरे लम्हों में उठकर तहज्जुद की नमाज़ अदा करे, लेकिन बहुत से लोग चाहकर
जो शख्स रात को तहज्जुद पढ़ने के लिए बेदार नहीं हो सके, तो वो कौन-सा अमल करे? जवाब देखे »
इस्लाम में इंसान की इज़्ज़त और हिफ़ाज़त को बहुत अहमियत दी गई है। अक्सर लोग यह भूल जाते हैं कि किसी की गैर-मौजूदगी में उसकी इज़्ज़त की
अल्लाह सुब्हानहु क़यामत के दिन इनमें से किसका चेहरा जहन्नम से महफ़ूज़ रखेगा? जवाब देखे »
कभी सोचा है कि इस्लाम में ऐसा कौन-सा नेक अमल है जो नमाज़, रोज़ा और ज़कात जैसे अज़ीम इबादतों से भी ऊँचा दर्जा रखता है? रसूलअल्लाह
वो कौन-सा अमल है जो दर्जे में नमाज़, रोज़े और ज़कात से भी बढ़कर है? जवाब देखे »
रोज़ा सिर्फ़ भूख और प्यास से रुकने का नाम नहीं, बल्कि यह सब्र, तहम्मुल और अल्लाह की रज़ा हासिल करने का ज़रिया है। अल्लाह तआला
रोज़ेदार के सामने जब खाना खाया जाए और वो सब्र करें तो क्या होता है? जवाब देखे »
रमज़ान का महीना रहमतों और बरकतों से भरा होता है। इस मुबारक महीने में हर नेकी और इबादत का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता