अल्लाह का ज़िक्र न करने वाले की मिसाल इन में से क्या है?

ज़िक्र-ए-इलाही इंसान के दिल को सुकून देता है और उसकी ज़िंदगी में बरकत लाता है। लेकिन अगर कोई इंसान अल्लाह का ज़िक्र ही नहीं करता तो उसकी हालत कैसी होती है? इस सवाल का जवाब हमें हदीस में मिलता है।

सवाल: अल्लाह का ज़िक्र न करने वाले की मिसाल इन में से क्या है?

  • A. लावारिस
  • B. बख़ील
  • C. मुर्दा
  • D. सही जवाब का इंतज़ार

सही जवाब है: ऑप्शन C , मुर्दा

तफ़सील (विवरण):

दलील (हदीस से सबूत)

📕 हदीस: ताजदार-ए-मदीना रसूलुल्लाह ﷺ फ़रमाते हैं:

“जो शख़्स अल्लाह तआला का ज़िक्र करता है और जो अल्लाह तआला का ज़िक्र नहीं करता, उनकी मिसाल ऐसी है जैसे – एक ज़िंदा और एक मुर्दा।”

📕 अल-बुख़ारी और मुस्लिम (Arabic/English Book Ref: Book-16, Hadith #1434)


नसीहत

इस हदीस से हमें सबक मिलता है कि अल्लाह का ज़िक्र करना ईमान वाले दिल की ज़िंदगी है। जो इंसान अल्लाह का ज़िक्र करता है उसका दिल ज़िंदा रहता है और जो लापरवाह है वह मुर्दा दिल वाला है। इसलिए हमें अपनी ज़ुबान और दिल को हर वक़्त अल्लाह के ज़िक्र से रौशन रखना चाहिए।

वा आख़िरु दावाना अनिलहम्दुलिल्लाहि रब्बिल आलमीन

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