इस्लाम की पहली और सबसे अज़ीम ख़ातून, उम्मुल मोमिनीन हज़रत ख़दीजा (रज़ियल्लाहु अन्हा) को अल्लाह तआला की तरफ़ से सलाम भेजा गया। यह उनकी बुलंदी और शान का बड़ा सबूत है।
सवाल: वो कोन सी ख़ातून हैं जिनको अल्लाह तआला ने सलाम भेजा?
- A. हज़रत ख़दीजा (रज़ियल्लाहु अन्हा)
- B. हज़रत आयशा (रज़ियल्लाहु अन्हा)
- C. हज़रत सुमैया (रज़ियल्लाहु अन्हा)
- D. हज़रत मैमूना (रज़ियल्लाहु अन्हा)
सही जवाब है: ऑप्शन A , हज़रत ख़दीजा (रज़ियल्लाहु अन्हा)
तफ़सील (विवरण):
📜 दलील
۞ मफ़हूम-ए-हदीस:
नबी-ए-करीम ﷺ जब ग़ार-ए-हिरा में अल्लाह की इबादत में मशग़ूल रहते तो हज़रत ख़दीजा (रज़ियल्लाहु अन्हा) रोज़ाना आपके लिए तोशा (खाना) लेकर पहाड़ पर चढ़कर आया करती थीं।
एक रोज़ हज़रत जिब्रील (अलैहिस्सलाम) नबी ﷺ से मुलाक़ात करने पहुंचे और उन्होंने हज़रत ख़दीजा (रज़ियल्लाहु अन्हा) को पहाड़ पर चढ़ते हुए देखा तो नबी ﷺ से फ़रमाया:
“अल्लाह के रसूल! ये ख़दीजा (रज़ियल्लाहु अन्हा) हैं, आपके पास आ रही हैं। इनके पास एक बर्तन है जिसमें सालन, खाना या कोई मशरूब है। जब ये आपके पास पहुंच जाएं तो इनसे कहिए कि अल्लाह रब्बुल अज़्ज़ा व जलाल की तरफ़ से और मेरी तरफ़ से इन्हें सलाम है।”
📕 सहीह मुस्लिम : 6273
🕌 नसीहत
यह हदीस बताती है कि उम्मुल मोमिनीन हज़रत ख़दीजा (रज़ियल्लाहु अन्हा) का मक़ाम और दर्जा कितना ऊँचा है कि अल्लाह तआला ने फ़रिश्ते जिब्रील (अलैहिस्सलाम) के ज़रिए ख़ुद उनका सलाम भेजा। मुसलमानों के लिए इसमें बड़ी इबरत है कि अल्लाह की राह में मेहनत और क़ुर्बानी देने वालों का दर्जा बहुत बुलंद है।



