रमज़ान के महीने में रोज़ा रखना सिर्फ़ भूख-प्यास सहना नहीं, बल्कि नेकी और इनाम कमाने का सुनहरा मौक़ा है।
लेकिन क्या आप जानते हैं — अगर आप किसी रोज़ेदार को इफ़्तार कराते हैं, तो आपको कितना बड़ा सवाब मिलता है?
सवाल: किसी रोज़ेदार को इफ़्तार कराने वाले को क्या सवाब मिलेगा?
- A. हज के बराबर सवाब
- B. सदक़ा करने का सवाब
- C. क़ुर्बानी करने का सवाब
- D. रोज़ेदार के बराबर सवाब
सही जवाब है: ऑप्शन D , रोज़ेदार के बराबर सवाब
तफ़सील (विवरण):
📜 दलील:
۞ बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम ۞
हदीस:
ज़ैद बिन खालिद अल-जुहनी (रज़ि.) से रिवायत है कि,
रसूलअल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:
“जो कोई किसी रोज़ेदार को इफ़्तार करा दे, तो उसे रोज़ेदार के बराबर सवाब मिलेगा,
और रोज़ेदार के सवाब में से कोई कमी नहीं होगी।”
📕 सुनन इब्न माजह, हदीस 1746
🌸 निष्कर्ष:
रमज़ान में किसी रोज़ेदार को एक खजूर, एक घूंट पानी या खाना खिलाना —
इतना ही काफ़ी है कि अल्लाह आपको रोज़ेदार के बराबर का सवाब अता फरमाएगा।
यह इस्लाम की खूबसूरती और रहमत का बेहतरीन उदाहरण है। 🤲



