क्या आप जानते हैं कि अल्लाह ने मुसलमानों की उम्मत को सबसे बेहतरीन उम्मत क्यों बनाया? इसका मक़सद सिर्फ़ गर्व करना नहीं बल्कि लोगों तक नेक काम और अच्छाई पहुँचाना है।दलील और हदीस:
सवाल: अल्लाह तआला ने इस उम्मत को खैर उम्मत से इस लिए नवाज़ा क्योंकि?
- A. हम मसलक और फ़िरकापरस्ती में उलझें
- B. एक-दूसरे पर लाँ-ताँ करें
- C. गैर-मुस्लिमों पर फ़क्र जताएँ
- D. अच्छाई का हुक्म दें और बुराई से रोकें
सही जवाब है: ऑप्शन D , अच्छाई का हुक्म दें और बुराई से रोकें
तफ़सील (विवरण):
दलील और हदीस:
۞ बिस्मिल्लाह-इर-रहमान-निर-रहीम ۞
“(ऐ ईमानवालों!) तुम सबसे बेहतरीन उम्मत हो, इंसानों के फायदे के लिए तुम्हें पैदा किया गया है, (तुम बेहतरीन इस लिए हो क्योंकि) तुम नेक कामों के लिए हुक्म देते हो और बुरे कामों पर ऐतराज करते हो और अल्लाह पर ईमान रखते हो।”
📕 सूरह आल-इमरान 3:110
इस आयत में अल्लाह रब्बुल इज्जत ने स्पष्ट किया कि हम खैर उम्मत इसलिए हैं क्योंकि हम लोगों को अच्छाई का हुक्म देते हैं और बुराई से रोकते हैं।
सीख और समझ:
- ख़िदमत-ए-ख़ल्क़ का मक़सद हर मुसलमान के जीवन में होना चाहिए।
- अल्लाह ने हमें उम्मत-मोहम्मदीया में पैदा किया ताकि हम लोगों को अल्लाह और उसके रसूल की तरफ बुलाएँ।
- यह हमारा फ़र्ज़ है कि हम अपने दोस्त, पड़ोसी और समाज तक अच्छाई और नेक कामों का संदेश पहुँचाएँ।
- याद रखें, मुसलमानों का काम दूसरों पर गर्व करना या उन्हें labels देना नहीं है।
दुआ:
अल्लाह रब्बुल इज्जत से दुआ है कि:
- हमें सही मार्गदर्शन दें,
- हमें अमर बिल मरोफ व नाहि अनिल मंकर पर अमल करने की तौफीक दें,
- हमें इस्लाम और ईमान पर हमेशा कायम रखें,
- और हमारा अंत ईमान पर हो।
!!! वआ ख़िरु दावाना अनिल्हम्दुलिल्लाहे रब्बिल आलमीन !!!



