मरहूम (दुनिया से चले गए) रिश्तेदार की तरफ से कौन-कौन से अमल किए जा सकते हैं?

यह सवाल अक्सर पूछा जाता है कि हम अपने मरहूम रिश्तेदारों की तरफ से कौन-से नेक अमल कर सकते हैं जिनका सवाब उन्हें पहुँचे?
हदीस से इसका साफ़ जवाब मिलता है।

सवाल: मरहूम (दुनिया से चले गए) रिश्तेदार की तरफ से कौन-कौन से अमल किए जा सकते हैं?

  • A. रोज़ा
  • B. सदका
  • C. हज’
  • D. सही ज़वाब का इंतज़ार

सही जवाब है: ऑप्शन A B C ,

तफ़सील (विवरण):

📖 दलील:

⭐ 1. रोज़ा:

नबी ﷺ ने बताया कि अगर किसी के ऊपर रोज़े बाकी रह गए हों, तो उसका घरवाला उसकी तरफ से वह रोज़े रख सकता है।

⭐ 2. सदका:

एक सहाबिया ने पूछा:
“अगर मैं सदका करूँ, तो क्या मेरी मां को सवाब मिलेगा?”
नबी ﷺ ने कहा: “हाँ, मिलेगा।”

⭐ 3. हज:

एक महिला ने पूछा:
“क्या मैं अपनी मां की तरफ से हज कर सकती हूँ?”
नबी ﷺ ने कहा: “हाँ, कर सकती हो।”


🌙 फायदा:

इन अमलों का सवाब मरहूम तक पहुँचता है और करने वाले को भी खूब सवाब मिलता है।

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *