क़ुरआन मजीद में अल्लाह तआला ने कई जगह जहन्नम की सज़ाओं का ज़िक्र किया है।
सूरह अल-हुमाज़ा में अल्लाह ने एक खास आग — “हुतामा” — का ज़िक्र किया है और फ़रमाया:
“व मा अदरा का मल-हुतामा?” यानी “क्या तुम जानते हो कि हुतामा क्या है?”
आइए जानते हैं कि क़ुरआन मजीद में “हुतामा” से क्या मुराद है।
सवाल: अल्लाह सुभानहु ने क़ुरआन में फ़रमाया: “वमा अदराका मल हुतमह” – हुतामा क्या है?
- A. वो जहन्नम की एक वादी है
- B. वो अल्लाह की भड़काई हुई आग है
- C. वो जहन्नम का दरवाज़ा है
- D. इनमें से कोई नहीं
सही जवाब है: ऑप्शन B , वो अल्लाह की भड़काई हुई आग है
तफ़सील (विवरण):
📖 दलील
۞ बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम ۞
📖 सूरह अल-हुमाज़ा (104), आयत 1–9:
हर ग़ीबत करने वाले और ताना देने वाले के लिए हलाकत है।
जो माल जमा करता है और उसे गिनता रहता है।
वो समझता है कि उसका माल उसे हमेशा ज़िंदा रखेगा।
हरगिज़ नहीं! वो ज़रूर हुतामा में फेंका जाएगा।
और आपको क्या मालूम कि हुतामा क्या है?
वो अल्लाह की भड़काई हुई आग है,
जो दिलों तक जा पहुँचती है।
बेशक वो उन पर चारों तरफ़ से बंद कर दी जाएगी,
लंबे-लंबे सुतूनों में।
🌿 तफ़्सीर और सीख
“हुतामा” का मतलब है — तोड़ देने वाली आग, जो सिर्फ़ जिस्म को नहीं बल्कि दिलों तक असर करती है।
यह आग उन लोगों के लिए है जो ग़ीबत, ताना, घमंड और माल पर नाज़ करते हैं।
अल्लाह तआला ने इस सूरत में ऐसे लोगों को सख़्त अज़ाब की चेतावनी दी है।
