रमज़ान के महीने में रोज़ा रखते वक्त बहुत से लोगों के मन में ये सवाल आता है कि —
अगर नाक या मुँह से खून निकल आए, तो क्या रोज़ा टूट जाता है?
आइए, इस मसले का सही जवाब हदीस की रोशनी में जानते हैं।
सवाल: मुँह या नाक से खून बहने से रोज़ा टूट जाता है?
- A. रोज़ा टूट जाता है
- B. रोज़ा नहीं टूटेगा
- C. रोज़ा टूटेगा लेकिन कफ़्फ़ारा नहीं होगा
- D. रोज़ा टूटेगा और कफ़्फ़ारा भी होगा
सही जवाब है: ऑप्शन B , रोज़ा नहीं टूटेगा
तफ़सील (विवरण):
📜 दलील:
۞ बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम ۞
वो खून जो हिजामा (कपिंग) या नसों से खून निकलने से संबंधित नहीं है —
जैसे चोट लगने से, नाक से खून बहना, दाँत निकलने से, या घाव से खून आना —
तो ऐसा खून रोज़े को बासिल (बातिल) नहीं करता।
📖 यह हदीस-ए-नबवी ﷺ पर आधारित है:
“नसों से खून बहना रोज़े को बातिल नहीं करता।”
📕 इमाम अहमद ने इसको रिवायत किया है।
🌸 निष्कर्ष:
अगर नाक या मुँह से खून अपने आप निकल जाए, और जान-बूझकर कुछ निगला न जाए,
तो रोज़ा पूरी तरह सही रहता है। अल्लाह तआला हमारे रोज़ों को कबूल फरमाए। 🤲



