ज़ुल्म (गुनाह) इंसान के लिए दुनिया और आख़िरत दोनों में नुकसानदेह है। लेकिन क़ुरान मजीद ने एक ऐसे गुनाह को बताया है जो सबसे बड़ा ज़ुल्म है। आइए, जानते हैं वह कौन-सा गुनाह है।
सवाल: क़ुरान-ए-मजीद के मुताबिक़ सबसे बड़ा ज़ुल्म क्या है?
- A. ज़िना
- B. शिर्क
- C. चोरी
- D. सही जवाब का इंतज़ार
सही जवाब है: ऑप्शन B , शिर्क
तफ़सील (विवरण):
📜 दलील (क़ुरान से)
बिस्मिल्लाह हिर्रहमान निर्रहीम
“लुक़मान (अलैहिस्सलाम) ने अपने बेटे को नसीहत करते हुए कहा कि बेटा! अल्लाह के साथ किसी को शरीक न करना, बेशक शिर्क बहुत बड़ा ज़ुल्म है।”
📕 अल-क़ुरान; सूरह लुक़मान 31:13
🕌 तफ़सीर और सबक
- इस आयत से साफ़ मालूम होता है कि शिर्क सबसे बड़ा गुनाह है, क्योंकि इसमें अल्लाह की ज़ात में किसी और को साझेदार ठहराया जाता है।
- शिर्क करने वाला इंसान अपने ही ऊपर सबसे बड़ा ज़ुल्म करता है।
- अल्लाह तआला ने बार-बार क़ुरान मजीद में तौहीद (एक अल्लाह की इबादत) पर ज़ोर दिया है।
🤲 दुआ
- ऐ अल्लाह! हमें तौहीद पर क़ायम रख।
- हमें हर तरह के शिर्क से बचा।
- हमें अपने सच्चे मौहिद (तौहीद परस्त) बंदों में शामिल फ़रमा।
आमीन या रब्बल आलमीन 🌹



