हम सब जानते हैं कि शैतान इंसान को गुमराह करने की पूरी कोशिश करता है। लेकिन असली सवाल यह है कि शैतान सबसे ज़्यादा किसको बहकाने की कोशिश करता है? आइए हदीस और कुरान की रोशनी में इसका सही जवाब जानते हैं।
सवाल: शैतान इन में से सबसे ज़्यादा किसको बहकाने की कोशिश करता है?
- A. मुशरिकों को
- B. मोमिनों को
- C. काफ़िरों को
- D. सही जवाब का इंतज़ार
सही जवाब है: ऑप्शन B , मोमिनों को
तफ़सील (विवरण):
📖 दलील (हदीस व कुरान से प्रमाण)
✨ हदीस
रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया कि सीरत-ए-मुस्तक़ीम पर ही शैतान सबसे ज़्यादा बहकाता है।
एक सहाबी का इंतिक़ाल हुआ। रसूलुल्लाह ﷺ जनाज़े में पहुँचे। जब क़ब्र खोदी जा रही थी तो आप ﷺ मिट्टी पर बैठे और हाथ में एक तिनका लेकर ज़मीन पर लकीरें खींचने लगे।
आप ﷺ ने एक सीधी लकीर खींची और उसके दाएं-बाएं कई लकीरें खींचीं और फ़रमाया:
“यह सीधी लकीर मेरा रास्ता है यानी सीरत-ए-मुस्तक़ीम। और दाएं-बाएं जो लकीरें हैं वे जहन्नुम की तरफ़ जाती हैं। हर लकीर पर एक शैतान बैठा है जो इंसान को सीरत-ए-मुस्तक़ीम से भटकाने की कोशिश करता है।”
📚 मुसनदे अहमद, इब्ने माजा, दारमी, तफ़सीर-इब्ने-कसीर वॉल्यूम 2, पेज 256
✨ कुरान की तसदीक
रसूलुल्लाह ﷺ ने यह आयत तिलावत की:
“यह सीधी लकीर मेरा रास्ता (सीरत-ए-मुस्तक़ीम) है, तो ऐ ईमान वालो! इसकी इत्तिबा करो और इसके अलावा दूसरे रास्तों की इत्तिबा मत करो, वरना तुम सीधी राह से भटक जाओगे।”
📕 सूरह अल-अनआम 6:153
🌸 सबक
- जिन क़ौमों को ईमान ही नहीं मिला, वे तो पहले से ही गुमराही में हैं।
- लेकिन मोमिनों को गुमराह करने की कोशिश शैतान सबसे ज़्यादा करता है, क्योंकि वे सही रास्ते पर होते हैं।
- इसलिए हमें चाहिए कि:
- हक़ को पहचाने,
- अल्लाह और उसके रसूल ﷺ की पूरी तरह इत्तिबा करें,
- किताब और सुन्नत से अपनी व दूसरों की इस्लाह करते रहें,
- सही इल्म-ए-दीन हासिल करें ताकि हर तरह की गुमराही से बच सकें।
✨ निष्कर्ष
शैतान सबसे ज़्यादा मोमिनों को बहकाने की कोशिश करता है, ताकि वे सीरत-ए-मुस्तक़ीम से हट जाएं। इसलिए हर मोमिन को कुरान और सुन्नत को मजबूती से थामना चाहिए और शैतान की चालों से बचना चाहिए।

