इन में से कौन-सा शख़्स घमंड से पाक है?

घमंड (तकब्बुर) इंसान के ईमान को कमज़ोर कर देता है और समाज में नफ़रत फैलाता है। अल्लाह और उसके रसूल ﷺ ने हमें हमेशा तकब्बुर से बचने की तालीम दी है। आइए जानते हैं, हदीस की रोशनी में कौन-सा शख़्स घमंड से पाक है।

सवाल: इन में से कौन-सा शख़्स घमंड से पाक है?

  • A. सदक़ा-ख़ैरात करने वाला
  • B. अल्लाह की राह में शहीद होने वाला
  • C. सलाम में पहल करने वाला
  • D. सही जवाब का इंतज़ार

सही जवाब है: ऑप्शन C , सलाम में पहल करने वाला

तफ़सील (विवरण):

दलील (हदीस से सबूत)

📕 हदीस: रसूलुल्लाह ﷺ फ़रमाते हैं –

“सलाम में पहल करने वाला घमंड से पाक है।”
(मिश्कात शरीफ़, हदीस-4434)


वजाहत

  • याद रखिए, एक घमंडी इंसान हमेशा दूसरों को अपने से कमतर समझता है। इसलिए वह यह उम्मीद करता है कि लोग उससे पहले सलाम करें।
  • लेकिन जो शख़्स खुद सलाम में पहल करता है, वह अपनी झिझक और घमंड को तोड़कर भाईचारे का सबूत देता है।
  • अफ़सोस की बात है कि आज मुसलमानों में अक्सर फ़िक़्ही इख़्तिलाफ़ की बुनियाद पर सलाम न करने या सलाम का जवाब न देने की बातें सिखाई जाती हैं। जबकि रसूलुल्लाह ﷺ ने हमें सलाम को आम करने और उसमें पहल करने की तालीम दी।

नसीहत

सदक़ा देना और अल्लाह की राह में शहीद होना बेशक बहुत बड़ा दर्जा रखते हैं। लेकिन अगर इन अमलात में रियाकारी (दिखावा) या घमंड शामिल हो जाए, तो यह अमल अल्लाह के नज़दीक क़ाबिल-ए-क़बूल नहीं होता।
जबकि सलाम में पहल करना सीधा भाईचारे और तकब्बुर से पाक दीनदारी का इज़हार है।

हमें चाहिए कि हर अमल अल्लाह की रज़ा के लिए करें, अपनी नीयत को रिया और घमंड से पाक रखें।
♥ अल्लाह तआला हम सबको अमल की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।

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