इनमें से कौन-सा शख़्स रोज़-ए-क़यामत अंधा उठाया जाएगा?

क़ुरआन अल्लाह का कलाम है और इंसान की हिदायत के लिए उतारा गया। लेकिन अफ़सोस! बहुत से लोग दुनिया में इसे न पढ़कर और न समझकर अपनी ज़िंदगी गुज़ार देते हैं। ऐसे लोगों का अंजाम क़यामत के दिन बहुत सख़्त होगा।

सवाल: इनमें से कौन-सा शख़्स रोज़-ए-क़यामत अंधा उठाया जाएगा?

  • A. ग़ीबत करने वाला
  • B. क़ुरआन न पढ़ने वाला
  • C. दुनिया में जो अंधा था
  • D. सही जवाब का इंतज़ार

सही जवाब है: ऑप्शन B , क़ुरआन न पढ़ने वाला

तफ़सील (विवरण):

दलील (क़ुरआन से)

अल्लाह तआला ने फ़रमाया:

“जो मोमिन क़ुरआन नहीं पढ़ेगा, क़यामत के रोज़ उसे अंधा उठाया जाएगा।”
📕 सूरह ताहा 20:124


नसीहत

  • क़ुरआन सिर्फ़ पढ़ने के लिए ही नहीं, बल्कि समझने और अमल करने के लिए भी उतारा गया है।
  • जो लोग क़ुरआन से दूरी बनाते हैं, वो आखिरत में रुसवाई और अंधेपन का शिकार होंगे।
  • हमें चाहिए कि हम सिर्फ़ तिलावत ही नहीं, बल्कि इसके मफ़हूम और तफ़सीर को भी सीखें और अपनी ज़िंदगी में लागू करें।

दुआ

या अल्लाह! हमें सुनने और पढ़ने से ज़्यादा क़ुरआन पर अमल की तौफ़ीक़ दे। हमें क़ुरआन को पढ़ना, समझना और उसके मुताबिक़ ज़िंदगी गुज़ारने वाला बना। आमीन।

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