दुआ अल्लाह के साथ बंदे का सीधा रिश्ता है। लेकिन सवाल यह है कि सबसे अफ़ज़ल दुआ कौन-सी है? आइए, हदीस की रोशनी में इसका जवाब जानते हैं।
सवाल: आहादीस के मुताबिक़ सबसे अफ़ज़ल दुआ कौन-सी है?
- A. ला इलाहा इल्लल्लाह
- B. सुभानअल्लाह
- C. अल्हम्दुलिल्लाह
- D. सही जवाब का इंतज़ार
सही जवाब है: ऑप्शन C , अल्हम्दुलिल्लाह
तफ़सील (विवरण):
📜 दलील (हदीस से)
हदीस:
जाबिर बिन अब्दुल्लाह (रज़ि अल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि रसूलअल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:
“अफ़ज़ल ज़िक्र ला इलाहा इल्लल्लाह है और अफ़ज़ल दुआ अल्हम्दुलिल्लाह है।”
📕 सुनन इब्ने माजह, हदीस 681 – हसन
🕌 नसीहत
- अल्हम्दुलिल्लाह कहना सिर्फ़ ज़ुबान का कलिमा नहीं, बल्कि दिल का सच्चा शुक्र अदा करना है।
- हर नेमत पर “अल्हम्दुलिल्लाह” कहना ईमान की मजबूती और अल्लाह से क़रीबी की निशानी है।
- हमें चाहिए कि हर हाल में अल्लाह का शुक्र अदा करते रहें।
🚩 सबक
- अल्हम्दुलिल्लाह सबसे अफ़ज़ल दुआ है, क्योंकि यह शुक्रगुज़ारी का इज़हार है।
- शुक्र करने वाला बंदा अल्लाह के क़रीब होता है।
- मुसलमान को चाहिए कि हर हाल में अल्हम्दुलिल्लाह कहे।
🤲 दुआ
- ऐ अल्लाह! हमें हर नेमत पर अल्हम्दुलिल्लाह कहने की तौफ़ीक़ अता फ़रमा।
- हमें शुक्रगुज़ार बंदों में शामिल फ़रमा।
- हमें ग़फ़लत और नाशुक्री से महफ़ूज़ रख।
आमीन या रब्बल आलमीन 🌹



