ज़क्कूम क्या है?

क़ुरआन में “ज़क्कूम” का ज़िक्र एक भयानक दरख़्त के रूप में आया है, जो जहन्नम (नर्क) में उगेगा। यह दरख़्त दोज़ख़ियों का खाना होगा — यानी उन लोगों का अज़ाब जो दुनिया में अल्लाह की नाफरमानी करते रहे।

सवाल: ज़क्कूम क्या है?

  • A. जन्नत का एक दरख़्त
  • B. दोज़ख़ की एक खाई
  • C. दोज़खी लोगों का खाना
  • D. जन्नत की एक नहर

सही जवाब है: ऑप्शन C , दोज़खी लोगों का खाना

तफ़सील (विवरण):

📜 दलील:

۞ बिस्मिल्लाह हिर्रहमान निर्रहीम ۞

📖 क़ुरआन:

“बेशक ज़क्कूम का दरख़्त गुनहगारों का खाना होगा,
जैसे पिघला हुआ तांबा, पेटों में उबलेगा जैसे खौलता हुआ पानी।”
📕 सूरह अद-दुख़ान (44:43–46)

“हमने ज़क्कूम के दरख़्त को ज़ालिमों के लिए अज़ाब बना दिया है।
उसके फल (खोशे) शैतानों के सिर जैसे होंगे।
वो लोग उसी से खाएँगे और उसी से अपने पेट भरेंगे।”
📕 सूरह अस-साफ़्फ़ात (37:62–69)


🌸 सीख:

ज़क्कूम कोई आम दरख़्त नहीं — यह जहन्नम का वो दरख़्त है जो गुनहगारों और काफ़िरों के लिए अज़ाब बनेगा।
इससे हमें नसीहत मिलती है कि हमें दुनिया में रहकर अल्लाह की इताअत (आज्ञाकारिता) करनी चाहिए और गुनाहों से बचना चाहिए, ताकि आख़िरत में इस अज़ाब से महफ़ूज़ रहें।

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