इस्लामी इतिहास में कई ऐसे मौजिज़े (चमत्कार) दर्ज हैं जो ईमान को और मज़बूत कर देते हैं। ग़ज़वा-ए-बद्र में एक ऐसा ही वाक़िया पेश आया जब एक सहाबी की टूटी तलवार की जगह लकड़ी एक असली तलवार में बदल गई।
सवाल: वो कौन से सहाबी थे जिनको ग़ज़वा-ए-बद्र में रसूलल्लाह ﷺ ने एक लकड़ी दी जो तलवार बन गई?
- A. ज़ैद (राज़ी)
- B. सुराका (राज़ी)
- C. उक़ाशा (राज़ी)
- D. दिह्या कालबी (राज़ी)
सही जवाब है: ऑप्शन C , उक़ाशा (राज़ी)
तफ़सील (विवरण):
दलील:
۞ बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम ۞
उमर इब्न उथमान से रिवायत है:
ग़ज़वा-ए-बद्र के वक्त उक़ाशा बिन मुहसिन (राज़ी) की तलवार टूट गई। रसूलल्लाह ﷺ ने उन्हें एक लकड़ी थमा दी, जो एक लंबी सफ़ेद तलवार में तब्दील हो गई।
उक़ाशा (राज़ी) ने कहा:
“मैं उस तलवार से लड़ता रहा, यहाँ तक कि अल्लाह ने मुशरिकों को शिकस्त दे दी।”
यह तलवार उनकी वफ़ात तक उनके पास रही।
📖 सीरत इब्न हिशाम — जिल्द 2, सफ़ा 220
📖 अर-रहीक उल-मख्तूम — सफ़ा 226



