इस्लामी अक़ाइद

अल्लाह, नबियों, फ़रिश्तों और आख़िरत जैसे बुनियादी इस्लामी विश्वासों से जुड़े सवाल।

Dajjal and the question of fate

वो कौन सा मुल्क है जहाँ से 70,000 यहूदी काले कपड़े (सियाह चादर) ओढ़े हुए दज्जाल के साथ हो जाएंगे?

क़ियामत की निशानियों में से एक बड़ी निशानी है दज्जाल का ज़ुहूर (आना)। हदीसों में उसके साथ चलने वाले लोगों का ज़िक्र भी मिलता है — […]

वो कौन सा मुल्क है जहाँ से 70,000 यहूदी काले कपड़े (सियाह चादर) ओढ़े हुए दज्जाल के साथ हो जाएंगे? जवाब देखे »

रसूलुल्लाह ﷺ ने किस जगह के लिए फरमाया: “वहाँ ज़लज़ले और फ़ितने होंगे और शैतान का सिंग वहीं से तूलू होगा”?

नबी-ए-पाक ﷺ की कई हदीसों में आने वाले फितनों (परेशानियों) और भूकम्पों का ज़िक्र मिलता है। एक हदीस में आपने ﷺ ने एक ख़ास जगह के बारे में फरमाया

रसूलुल्लाह ﷺ ने किस जगह के लिए फरमाया: “वहाँ ज़लज़ले और फ़ितने होंगे और शैतान का सिंग वहीं से तूलू होगा”? जवाब देखे »

कौन सा ऐसा अमल है जो अल्लाह के इतने क़रीब कर देता है कि अल्लाह बंदे की सुनने, देखने, पकड़ने और चलने में उसकी मदद करता है?

“नफ़्ल इबादतें इंसान को अल्लाह के इतना क़रीब कर देती हैं कि अल्लाह तआला उसकी सुनने, देखने और चलने में रहनुमाई फ़रमाता है। जानिए कौन

कौन सा ऐसा अमल है जो अल्लाह के इतने क़रीब कर देता है कि अल्लाह बंदे की सुनने, देखने, पकड़ने और चलने में उसकी मदद करता है? जवाब देखे »

तकलीफ़ों से तंग आकर मौत की तमन्ना करना कैसा है?

कभी-कभी इंसान ज़िंदगी की तकलीफ़ों से इतना टूट जाता है कि उसे मौत आसान लगने लगती है। लेकिन इस्लाम इंसान को मायूसी में नहीं गिरने

तकलीफ़ों से तंग आकर मौत की तमन्ना करना कैसा है? जवाब देखे »

कौन-सी उम्मत 70 उम्मतों को मुकम्मल करने वाली है?

इस्लाम की उम्मत को अल्लाह ने बेइंतहा फ़ज़ीलतें दी हैं। कई हदीसों में बताया गया है कि उम्मते-मुहम्मद ﷺ का दर्जा पिछली तमाम उम्मतों से

कौन-सी उम्मत 70 उम्मतों को मुकम्मल करने वाली है? जवाब देखे »

वो कौनसे नबी की क़ौम के लोग थे जिनको अल्लाह सुब्हानहु ने अज़ाब नाज़िल करके मौत दे दी और फिर से इनको ज़िंदा कर दिया?

क्या आपने कभी सोचा है कि मौत के बाद ज़िंदगी का मज़ाक उड़ाने वालों को अल्लाह ने कैसे जवाब दिया? क़ुरान में एक ऐसा वाक़या

वो कौनसे नबी की क़ौम के लोग थे जिनको अल्लाह सुब्हानहु ने अज़ाब नाज़िल करके मौत दे दी और फिर से इनको ज़िंदा कर दिया? जवाब देखे »

वो कौनसी दो चमकती हुई सूरहें हैं जो कयामत के दिन उसके पढ़ने वालों के साथ इस तरह आएँगी जैसे दो बादल या दो साये हों?

कुरआन न सिर्फ हमारी दुनिया की जीवन-रेखा है, बल्कि आखिरत में भी यह हमारा सबसे बड़ा सहारा और सिफारिशी बनेगा। पैगंबर मुहम्मद ﷺ ने कुछ

वो कौनसी दो चमकती हुई सूरहें हैं जो कयामत के दिन उसके पढ़ने वालों के साथ इस तरह आएँगी जैसे दो बादल या दो साये हों? जवाब देखे »

रसूलअल्लाह ﷺ ने फरमाया “ईमान सिमट कर ………….. में इस तरह आ जाएगा जैसे साँप सिमट कर बिल में आ जाता है”

कयामत के नज़दीक आने से पहले दुनिया में बड़े बड़े फितने और अफरा-तफरी फैलेगी। ऐसे में सच्चा ईमान दुर्लभ होता जाएगा। लेकिन क्या आप जानते

रसूलअल्लाह ﷺ ने फरमाया “ईमान सिमट कर ………….. में इस तरह आ जाएगा जैसे साँप सिमट कर बिल में आ जाता है” जवाब देखे »

मेराज की रात रसूलअल्लाह (ﷺ) की मुलाकात हारून (अलैहिस्सलाम) से कौनसे आसमान पर हुई?

मेराज का वाक़िया इस्लामी इतिहास का एक अनूठा और चमत्कारिक पल है, जब रसूलअल्लाह ﷺ को आसमानों की सैर कराई गई। इस यात्रा में आपने

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इनमें से वो कौन लोग हैं जिनको बेशुमार अज्र दिया जाएगा, जिसका जिक्र सूरह ज़ुमर में है?

इंसानी जिंदगी में मुश्किलें और परेशानियाँ आती रहती हैं। ऐसे में इंसान का इम्तिहान होता है कि वह कैसे व्यवहार करता है। इस्लाम में हर

इनमें से वो कौन लोग हैं जिनको बेशुमार अज्र दिया जाएगा, जिसका जिक्र सूरह ज़ुमर में है? जवाब देखे »

वो कौनसी सूरह है जिसके लिए रसूलअल्लाह ﷺ ने फरमाया कि जादूगर उस (सूरह को पढ़ने वाले) का मुकाबला नहीं कर सकता?

कुरआन न सिर्फ हमारे लिए हिदायत है, बल्कि यह हर तरह के बुरे प्रभाव और नुकसान से हमारी हिफाज़त का ज़रिया भी है। पैगंबर मुहम्मद

वो कौनसी सूरह है जिसके लिए रसूलअल्लाह ﷺ ने फरमाया कि जादूगर उस (सूरह को पढ़ने वाले) का मुकाबला नहीं कर सकता? जवाब देखे »

जहन्नुम में सबसे ज़्यादा कौन जाएंगे?

कयामत और आखिरत का दिन हर इंसान के लिए एक बड़ा इम्तिहान होगा। पैगंबर मुहम्मद ﷺ ने अपनी उम्मत को बार-बार इस दिन के लिए

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किस मुसलमान के तमाम गुनाह माफ कर दिए जाते हैं सिवाय कर्ज़ के?

इस्लाम में अल्लाह की राह में अपनी जान कुर्बान करने वाले शहीद का मुकाम बहुत ऊँचा है। शहादत एक ऐसी इबादत है जिसके बदले में

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वो कौनसा काम है जिसके लिए रसूलअल्लाह (ﷺ) ने फरमाया: जब तुम उसको करोगे तो आपस में मोहब्बत करने लग जाओगे?

इस्लाम एक पूर्ण जीवन प्रणाली है जो न सिर्फ इबादत बल्कि इंसानों के बीच रिश्तों को मजबूत करने का भी तरीका सिखाती है। कई बार

वो कौनसा काम है जिसके लिए रसूलअल्लाह (ﷺ) ने फरमाया: जब तुम उसको करोगे तो आपस में मोहब्बत करने लग जाओगे? जवाब देखे »

कौनसे अमल के लिए यह फरमाया कि जब तक तुम वो नहीं करोगे नेकी में कमाल हासिल नहीं कर सकते?

ईमान और नेकी एक ऐसा सफर है जिसमें इंसान लगातार अपने आप को बेहतर बनाने की कोशिश करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि

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उस दीवार का क्या नाम है जिस पर से जन्नत और दोज़ख दोनों के अंदर रहने वाले लोग दिखते हैं?

कयामत के दिन का चित्रण करने वाली कुरआन की आयतें मन को दहला देने वाली हैं। उस दिन इंसान के सारे अमल सामने होंगे और

उस दीवार का क्या नाम है जिस पर से जन्नत और दोज़ख दोनों के अंदर रहने वाले लोग दिखते हैं? जवाब देखे »

कौनसे नबी (अलैहिस्सलाम) ने अपनी बीवी को 100 कोड़े मारने की क़सम खाई थी?

इंसानी इतिहास में अल्लाह ने अपने बंदों को कई तरह की आज़माइशों में डाला है। कुछ नबियों की आज़माइशें इतनी कठिन थीं कि उनकी कहानियाँ

कौनसे नबी (अलैहिस्सलाम) ने अपनी बीवी को 100 कोड़े मारने की क़सम खाई थी? जवाब देखे »

वो सहाबी जिनकी मौत पर अल्लाह का अर्श हिला, वो किसकी दावत पर इस्लाम कुबूल किए थे?

इस्लाम के इतिहास में कुछ ऐसे महान लोग हुए हैं जिनकी इबादत और तक्वा ने उनके जीवन और मृत्यु दोनों को ही अद्भुत चमत्कारों से

वो सहाबी जिनकी मौत पर अल्लाह का अर्श हिला, वो किसकी दावत पर इस्लाम कुबूल किए थे? जवाब देखे »

रसूल अल्लाह (ﷺ) ने इनमें से किसको बूत परस्त की तरह कहा है?

इस्लाम में शराब (अल्कोहल) को हराम क़रार दिया गया है और इसे तमाम बुराइयों की जड़ माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि

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वो कौन-सी 2 नेमतें हैं जिनसे अक्सर लोग ग़फ़लत में रहते हैं?

हम अक्सर अल्लाह की नेमतों में घिरे रहते हैं, मगर बहुत-सी नेमतों की क़द्र तब पता चलती है जब वो हमसे छिन जाती हैं। इसी

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नमाज़ की सफ़ों में अगर जगह (गैप) रह जाए, तो क्या नुक़सान होता है?

अक्सर हम मस्जिद में नमाज़ पढ़ते समय देखते हैं कि सफ़ों के बीच थोड़ा-बहुत गैप रह जाता है। यह छोटी-सी बात दिखने में मामूली लगती

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सिद्रत अल-मुन्तहा के पास कौन-सी जन्नत है?

मी’राज़ की हक़ीक़त में कई ऐसे राज़ हैं जिन्हें सिर्फ़ चुने हुए बंदे ही देख सके। उन्हीं में से एक है — सिदरत अल-मुन्तहा और उसके पास

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यह वसीयत किस नबी ने अपने बेटों को की थी: “अल्लाह ने तुम्हारे लिए यही दीन पसन्द किया है, इसलिए मुसलमान ही मरना”

यह सवाल हमें याद दिलाता है कि अल्लाह ने सभी अंबिया के ज़रिये एक ही दीन भेजा — इस्लाम।नबी याकूब (अलैहिस्सलाम) ने भी आख़िरी वक़्त अपने

यह वसीयत किस नबी ने अपने बेटों को की थी: “अल्लाह ने तुम्हारे लिए यही दीन पसन्द किया है, इसलिए मुसलमान ही मरना” जवाब देखे »

क़यामत के दिन किसके कानों में शीशा पिघला कर डाला जाएगा?

इस्लाम में दूसरों की बातें छिपकर सुनना इस्लाम में दूसरों की बातें छिपकर सुनना एक बड़ा गुनाह बताया गया है।क़यामत के दिन ऐसे लोगों के लिए बहुत ही

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अल्लाह सुभानहु ने क़ुरआन में फ़रमाया: “वमा अदराका मल हुतमह” – हुतामा क्या है?

क़ुरआन मजीद में अल्लाह तआला ने कई जगह जहन्नम की सज़ाओं का ज़िक्र किया है।सूरह अल-हुमाज़ा में अल्लाह ने एक खास आग — “हुतामा” — का ज़िक्र किया

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क़ुरआन में जिब्रील (अलैहिस्सलाम) का नाम कितनी बार आया है?

जिब्रील (अलैहिस्सलाम) वो बरकतवाले फरिश्ते हैं जो अल्लाह तआला की तरफ़ से वही (इल्हाम) लेकर नबी और रसूलों के पास आते रहे।क़ुरआन मजीद में उनका नाम सिर्फ़

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क़यामत के दिन आसमान कहाँ होंगे?

क़यामत का दिन ऐसा होगा जब पूरी कायनात हिल जाएगी, पहाड़ रेत की तरह बिखर जाएंगे और आसमान तक लपेट दिए जाएंगे। अल्लाह तआला अपनी

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कुरान के हिसाब से “अम्मारह (أَمَّارَةٌ)” क्या है?

कुरान-ए-पाक में इंसान के नफ़्स के तीन दर्ज़े बताए गए हैं — नफ़्स-ए-अम्मारह, नफ़्स-ए-लव्वामा और नफ़्स-ए-मुतमइन्ना।इनमें से नफ़्स-ए-अम्मारह वह है जो इंसान को बुराई और गुनाह की तरफ़ उकसाता है। आइए जानते हैं

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कुरान के हिसाब से “अल-लव्वामह (اللَّوَّامَةُ)” क्या है?

कुरान में नफ़्स के तीन मरातिब (स्तर) बताए गए हैं —1️⃣ नफ़्स-ए-अम्मारह — जो बुराई की तरफ़ उकसाता है।2️⃣ नफ़्स-ए-लव्वामह — जो गुनाह करने पर खुद को मलामत (डाँट) करता है।3️⃣ नफ़्स-ए-मुतमइन्ना — जो अल्लाह

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