हर उम्मत की आज़माइश किसी न किसी चीज़ में है, उम्मते मोहम्मदिया ﷺ की आज़माइश किस चीज़ में है?
हर उम्मत को अल्लाह तआला ने किसी न किसी चीज़ में आज़माया। उम्मते मोहम्मदिया ﷺ की आज़माइश भी अल्लाह ने एक ख़ास चीज़ में रखी […]
अल्लाह, नबियों, फ़रिश्तों और आख़िरत जैसे बुनियादी इस्लामी विश्वासों से जुड़े सवाल।
हर उम्मत को अल्लाह तआला ने किसी न किसी चीज़ में आज़माया। उम्मते मोहम्मदिया ﷺ की आज़माइश भी अल्लाह ने एक ख़ास चीज़ में रखी […]
हमारे शरीर का सबसे अहम अंग कौन सा है? क्या यह दिमाग़ है, आँखें हैं या फिर दिल? इस्लामिक शिक्षाओं के अनुसार, एक ऐसा अंग
क़ुरआन-ए-करीम में अल्लाह ने उन लोगों का ज़िक्र किया है जो दूसरों को उसकी राह से रोकते हैं। यह गुनाह इतना बड़ा है कि उन्हें
अल्लाह की राह से रोकने वाले को क़ुरान में क्या कहा गया है? जवाब देखे »
मीराज़ का वाक़िया इस्लामी इतिहास का एक अहम और इबरतअंगेज़ वाक़िया है। इसमें नबी-ए-करीम ﷺ को जन्नत और जहन्नम के कई मंज़र दिखाए गए। उन्हीं
दुनिया में जितने भी नबी (अलैहिस्सलाम) आए, सभी ने इंसानों को तौहीद की दावत दी और अल्लाह की इबादत का हुक्म दिया। हर नबी की कौम ने
हर नेक अमल का इंसान को दुनिया और आख़िरत में बड़ा इनाम मिलता है। लेकिन कुछ ख़ास अमल ऐसे हैं जिनकी फ़ज़ीलत इतनी अज़ीम है
क़ुरान-ए-करीम की हर आयत हिदायत और रहमत का ख़ज़ाना है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि क़ुरान की सबसे लंबी आयत कौन सी है और
क़ुरान-ए-करीम की सबसे बड़ी आयत किस सूरह में है? जवाब देखे »
इस्लाम ने हमें न सिर्फ़ इबादत का तरीका सिखाया बल्कि खाने-पीने और रहने-सहन के भी शरई उसूल बताए। इन्हीं उसूलों में से एक बड़ा अहम
वो कौन हैं जो अपने पेट में गटागट जहन्नुम की आग भर रहे हैं? जवाब देखे »
इस्लाम ने औरत को इज़्ज़त और हक़ दिए हैं, लेकिन साथ ही कुछ जिम्मेदारियाँ भी रखी हैं। खासतौर पर शादीशुदा ज़िंदगी में बीवी और शौहर
औरत अपने रब का हक़ अदा नहीं कर सकती जब तक वो किसी और का हक़ अदा न कर ले, पर किसका? जवाब देखे »
हर इंसान की ख्वाहिश होती है कि वो जन्नत का हक़दार बने। लेकिन सवाल ये है कि कौन सा अमल सबसे ज्यादा जन्नत में जाने
कौन सी चीज़ जन्नत में जाने की ज़्यादा वजह बनेगी? जवाब देखे »
क़ुरान-ए-करीम अल्लाह की किताब है जिसमें हर आयत इंसानों के लिए रहनुमाई और सबक़ है। कुछ सूरहों में आयात का बार-बार दोहराया जाना हमें गहरी
क़ुरान-ए-करीम में वो कौन सी सूरह है जिसमें एक ही आयत-ए-करीमा 31 बार आई है? जवाब देखे »
क़ुरान को याद करना बहुत बड़ा शरफ़ है, लेकिन इसे संभालकर रखना और उसकी हिफ़ाज़त करना उससे भी ज़्यादा अहम है। नबी-ए-करीम ﷺ ने हाफ़िज़-ए-क़ुरान
क़ियामत के दिन हर इंसान के आमाल (अच्छे और बुरे काम) का हिसाब-किताब होगा। उस दिन मोमिन के तराज़ू में कौन सा अमल सबसे भारी
क़ियामत के दिन मोमिन का मीज़ान (तराज़ू) में सबसे वज़नदार अमल कौन सा होगा? जवाब देखे »
सूरह काफ़िरून की फज़ीलत, शिर्क से बचाव, सोने से पहले की दुआ, हदीस इन हिंदी, इस्लामी जानकारी, इस्लामिक सवाल जवाब हिंदी, क़ुरान की सूरह का
हर इंसान ये जानना चाहता है कि उसकी तक़दीर यानी रिज़्क, उम्र और मौत का वक्त कब लिखा जाता है। इस्लाम हमें बताता है कि ये सब एक मुबारक रात में
किस रात में इंसान की तक़दीर यानी रिज़्क, उम्र और मौत का वक्त लिखा जाता है? जवाब देखे »
रमज़ान का महीना मुसलमानों के लिए बरकतों, रहमतों और मग़फिरत का महीना है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हिजरी कैलेंडर में रमज़ान कौन से नंबर का
हिजरी कैलेंडर का कौनसा महीना रमज़ान कहलाता है? जवाब देखे »
रमज़ान की रातें अल्लाह की रहमतों से भरी होती हैं। बहुत से लोग यह जानना चाहते हैं कि इन रातों में की जाने वाली नमाज़
रमज़ान की (रातों में) नमाज़ पढ़ने की फ़ज़ीलत क्या है? जवाब देखे »
रमज़ान का महीना सिर्फ बरकतों का नहीं बल्कि बेशुमार सवाब का भी मौसम है। अल्लाह तआला ने इस महीने के रोज़ों में इतनी बरकत रखी
रमज़ान के एक महीने के रोज़े कितने महीनों के रोज़ों के बराबर हैं? जवाब देखे »
रमज़ान बरकतों और रहमतों का महीना है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ एक महीने के रोज़े कितने महीनों के रोज़ों के बराबर होते हैं? हदीस
रमज़ान के एक महीने के रोज़े कितने महीनों के रोज़ों के बराबर हैं? जवाब देखे »
क़ियामत की निशानियों में से एक बड़ी निशानी है दज्जाल का ज़ुहूर (आना)। हदीसों में उसके साथ चलने वाले लोगों का ज़िक्र भी मिलता है —
नबी-ए-पाक ﷺ की कई हदीसों में आने वाले फितनों (परेशानियों) और भूकम्पों का ज़िक्र मिलता है। एक हदीस में आपने ﷺ ने एक ख़ास जगह के बारे में फरमाया
“नफ़्ल इबादतें इंसान को अल्लाह के इतना क़रीब कर देती हैं कि अल्लाह तआला उसकी सुनने, देखने और चलने में रहनुमाई फ़रमाता है। जानिए कौन
कभी-कभी इंसान ज़िंदगी की तकलीफ़ों से इतना टूट जाता है कि उसे मौत आसान लगने लगती है। लेकिन इस्लाम इंसान को मायूसी में नहीं गिरने
तकलीफ़ों से तंग आकर मौत की तमन्ना करना कैसा है? जवाब देखे »
इस्लाम की उम्मत को अल्लाह ने बेइंतहा फ़ज़ीलतें दी हैं। कई हदीसों में बताया गया है कि उम्मते-मुहम्मद ﷺ का दर्जा पिछली तमाम उम्मतों से
कौन-सी उम्मत 70 उम्मतों को मुकम्मल करने वाली है? जवाब देखे »
क्या आपने कभी सोचा है कि मौत के बाद ज़िंदगी का मज़ाक उड़ाने वालों को अल्लाह ने कैसे जवाब दिया? क़ुरान में एक ऐसा वाक़या
कुरआन न सिर्फ हमारी दुनिया की जीवन-रेखा है, बल्कि आखिरत में भी यह हमारा सबसे बड़ा सहारा और सिफारिशी बनेगा। पैगंबर मुहम्मद ﷺ ने कुछ
कयामत के नज़दीक आने से पहले दुनिया में बड़े बड़े फितने और अफरा-तफरी फैलेगी। ऐसे में सच्चा ईमान दुर्लभ होता जाएगा। लेकिन क्या आप जानते
मेराज का वाक़िया इस्लामी इतिहास का एक अनूठा और चमत्कारिक पल है, जब रसूलअल्लाह ﷺ को आसमानों की सैर कराई गई। इस यात्रा में आपने
मेराज की रात रसूलअल्लाह (ﷺ) की मुलाकात हारून (अलैहिस्सलाम) से कौनसे आसमान पर हुई? जवाब देखे »
इंसानी जिंदगी में मुश्किलें और परेशानियाँ आती रहती हैं। ऐसे में इंसान का इम्तिहान होता है कि वह कैसे व्यवहार करता है। इस्लाम में हर
इनमें से वो कौन लोग हैं जिनको बेशुमार अज्र दिया जाएगा, जिसका जिक्र सूरह ज़ुमर में है? जवाब देखे »
कुरआन न सिर्फ हमारे लिए हिदायत है, बल्कि यह हर तरह के बुरे प्रभाव और नुकसान से हमारी हिफाज़त का ज़रिया भी है। पैगंबर मुहम्मद